चांदी दो दिन में ₹41 हजार सस्ती, कीमत ₹2.41 लाख/किलो:सोना ₹1000 कम होकर 1.51 लाख पर आया, दो दिन में ₹6,669 गिरा
सोने-चांदी के दाम में आज यानी 6 फरवरी को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत आज 13,155 रुपए गिरकर 2,41,184 रुपए प्रति किलो पर आ गई है। इससे पहले इसकी कीमत 2,54,339 रुपए थी। दो दिन में ये 41,278 रुपए सस्ती हो चुकी है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव आज 1,013 रुपए कम होकर 1,51,489 रुपए पर आ गया है। इससे पहले ये 1,52,502 रुपए पर था। सोना दो दिन में 6,669 रुपए सस्ता हुआ है। सर्राफा बाजार में सोने ने 29 जनवरी को 1,76,121 और चांदी ने 3,85,933 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। 3 दिन में 1.60 लाख रुपए गिरी थी चांदी इससे पहले 29 जनवरी से 2 फरवरी के बीच चांदी की कीमत 1.60 लाख रुपए कम हुई थी। वहीं, सोने की कीमत में 26 हजार रुपए कम हुई थी। वायदा कारोबार (MCX) पर चांदी 4 लाख रुपए से घटकर 2.41 रुपए प्रति किलो पर आ गई थी। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1.70 लाख से गिरकर ₹1.40 लाख पर आ गया था। हालांकि फिर दोनों के दाम में तेजी रही थी। सोने-चांदी में गिरावट की 2 वजह प्रॉफिट बुकिंग: सोने-चांदी की कीमत हाल के दिनों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जिसके बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुक किया। फिजिकल डिमांड में कमी: ऑल टाइम हाई के बाद फिजिकल डिमांड कमजोर हुई, साथ ही औद्योगिक उपयोग को लेकर चिंताएं भी बढ़ीं। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
दुनिया में सबसे तेज भारत का ब्यूटी मार्केट:2030 तक 3.6 लाख करोड़ का होगा कारोबार, जेन जी देंगे रफ्तार
देश का ब्यूटी एंड पर्सनल केयर (बीपीसी) मार्केट करवट ले रहा है। जो सेक्टर अब तक घरेलू नुस्खों, सीमित खर्च और पारंपरिक दुकानों तक सिमटा था, वह 2030 तक 3.6 लाख करोड़ रुपए (40 अरब डॉलर) तक पहुंच सकता है। तब भारत दुनिया का चौथा बड़ा बीपीसी मार्केट होगा। अभी यह बाजार 2 लाख करोड़ रुपए (23 अरब डॉलर) का है और इस हिसाब से भारत पांचवें स्थान पर है। अमेरिका, चीन, जापान और ब्राजील भारत से आगे हैं। रेडसीर स्ट्रैटजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में बीपीसी मार्केट सालाना 12% कम्पाउंडेड रेट (सीएजीआर) से बढ़ रहा है। इस हिसाब से भारत में बीपीसी बाजार बढ़ने की रफ्तार पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है। इस तेज विस्तार की दौड़ में ऐसी कंपनियां आगे रहेंगी, जो हर ग्राहक की खास जरूरतों के हिसाब से (पर्सनलाइज्ड) प्रोडक्ट बाजार में लाएंगी। जेन जी पावर: ब्यूटी-पर्सनल केयर पर खर्च में 50% हिस्सा 29 साल तक के युवाओं का होगा बीपीसी प्रोडक्ट्स पर खर्च के मामले में जेन अल्फा (0-15 साल) और जेन जी (14-29 साल) मिलेनियल्स (30-45 साल) को पीछे छोड़ देंगे। इससे 1.8 लाख करोड़ रुपए का उपभोक्ता समूह बनेगा। 2024 तक बीपीसी पर खर्च में इस एज ग्रुप की 32% हिस्सेदारी थी, जो 2030 तक 50% तक हो सकती है। जेन-जी और अल्फा पीढ़ी (1997 के बाद जन्मे) बीपीसी बाजार को नई रफ्तार देंगी। 2030 तक ये 1.52 अरब की आबादी का 53% होंगे, 50% बीपीसी पर खर्च करेंगे। बीपीसी बाजार में 50% हिस्सेदारी 2005 के बाद बने करीब 150 नए ब्रांड की होगी। ~100 करोड़ सालाना आय वाले बीपीसी ब्रांड 2030 तक दोगुने हो जाएंगे।
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