हरियाणा निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान, 10 मई को होगा मतदान, कांग्रेस ने बनाई घोषणा पत्र समिति
हरियाणा में तीन नगर निगमों पंचकूला, अंबाला और सोनीपत के लिए 10 मई को मतदान होगा, जिसके नतीजे 13 मई को घोषित किए जाएंगे। हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग ने इन आगामी निकाय चुनावों का ऐलान कर दिया है, जिससे प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है। यह चुनाव शहरों के स्थानीय विकास और प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निगम मेयर पद के उम्मीदवार के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये तय की गई है। वहीं, निगम सदस्य के पद पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी 7.50 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। यह खर्च सीमा प्रत्याशियों को एक समान अवसर प्रदान करने और चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्धारित की गई है, ताकि धनबल का दुरुपयोग रोका जा सके।
21 अप्रैल से शुरू चुनाव की प्रक्रिया
चुनाव की प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू हो जाएगी, जब इच्छुक उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। प्रत्याशी 25 अप्रैल तक अपने नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। इसके बाद, 27 अप्रैल को नामांकन पत्रों की गहन जांच की जाएगी। इस स्क्रूटनी प्रक्रिया के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी उम्मीदवारों ने निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन किया है। जो प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ना चाहते, वे 28 अप्रैल को अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। इसी दिन, वैध उम्मीदवारों को उनके चुनाव चिन्ह भी आवंटित किए जाएंगे, जिससे वे अपने प्रचार अभियान को औपचारिक रूप से शुरू कर सकें।
10 मई को मतदान
मतदान 10 मई को सुबह से शाम तक होगा, जब मतदाता अपने पसंदीदा मेयर और निगम सदस्यों को चुनने के लिए बूथों पर पहुंचेंगे। यदि किसी मतदान केंद्र पर कोई गड़बड़ी होती है या फिर से मतदान की आवश्यकता पड़ती है, तो वह 12 मई को कराया जाएगा। सभी उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की निगाहें 13 मई पर टिकी होंगी, जब मतों की गिनती के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे और शहरों को उनके नए स्थानीय प्रतिनिधि मिलेंगे।
हरियाणा राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र कल्याण ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए ही संपन्न कराए जाएंगे, ताकि प्रक्रिया सुचारू और सटीक रहे। हालांकि, इस बार वीवीपैट (Voter Verified Paper Audit Trail), जो कि मतदाता को यह पुष्टि करने का अवसर देता है कि उसका वोट सही दर्ज हुआ है, का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यह निर्णय चुनाव प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से लिया गया है।
कांग्रेस ने बनाई घोषणा पत्र समिति, जनता से मांगे सुझाव
इन आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर प्रमुख राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इन चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा पत्र समिति का गठन किया है। इस समिति की चेयरपर्सन अनुभवी विधायक गीता भुक्कल होंगी, जिनके नेतृत्व में पार्टी स्थानीय मुद्दों पर आधारित अपना विस्तृत घोषणा पत्र तैयार करेगी।
इस उच्चस्तरीय समिति में कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें चौ. आफताब अहमद, विधायक बीबी बतरा, विधायक जितेंद्र कुमार भारद्वाज जैसे अनुभवी नेता शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एआईसीसी सदस्य जसबीर मल्लौर, पूर्व विधायक संजीव भारद्वाज, मीडिया एवं कार्यालय प्रभारी पीसीसी तरुण चुघ, सतीश तेजली और जयवीर अंतिल भी इस महत्वपूर्ण समिति का हिस्सा हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस समिति को स्थानीय निकाय चुनावों से संबंधित प्रमुख मुद्दों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही चुनाव घोषणा पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इन मुद्दों में शहरों का नियोजित विकास, नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, स्वच्छता अभियान, पर्याप्त पानी और बिजली की आपूर्ति, तथा भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन जैसे विषय शामिल हैं। कांग्रेस का लक्ष्य एक ऐसा घोषणा पत्र बनाना है जो जनता की वास्तविक समस्याओं और आकांक्षाओं को सही मायने में प्रतिबिंबित कर सके।
घोषणा पत्र को जनोन्मुखी बनाने के लिए समिति को स्थानीय निवासियों से सक्रिय रूप से सुझाव और विचार प्राप्त करने के लिए भी कहा गया है। यह कदम जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके मुद्दों को घोषणा पत्र में शामिल करने के लिए उठाया गया है। इससे न केवल घोषणा पत्र अधिक प्रासंगिक बनेगा, बल्कि पार्टी जमीनी स्तर पर जनता से जुड़कर उनके विश्वास को भी जीत सकेगी। इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी हद तक इस घोषणा पत्र की व्यापकता और जनता तक इसकी पहुंच पर निर्भर करेगा, जिससे पार्टी की स्थानीय स्तर पर पकड़ मजबूत हो सके।
चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही हरियाणा में राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। आने वाले दिन नामांकन दाखिल करने, सघन प्रचार अभियान और जनसभाओं के साथ काफी व्यस्त रहने वाले हैं, जिससे प्रदेश में चुनावी माहौल और गरमाएगा। सभी की निगाहें अब इन चुनावों पर हैं कि कौन सी पार्टी स्थानीय निकायों में अपना वर्चस्व स्थापित कर पाती है।
Mon, 13 Apr 2026 16:10:38 GMTसोन नदी से रातभर निकलती रही रेत, दौड़ते रहे माफिया के ट्रैक्टर, 3 बजे अभ्यारण की रेड में खुलासा, एसपी की मुहिम पर बड़ा सवाल
मध्य प्रदेश में डीजीपी, आईजी और सिंगरौली पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध कारोबार पर जीरो टॉलरेंस की मुहिम लगातार चलाई जा रही है, लेकिन नौडिहवा चौकी क्षेत्र की तस्वीर इस पूरे अभियान को कटघरे में खड़ा करती नजर आ रही है। बड़रम घाट, सोन नदी में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन रातभर बेखौफ तरीके से चलता रहा, और स्थानीय चौकी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब रात करीब 3 बजे सोन घड़ियाल अभ्यारण की टीम ने दबिश देकर तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए। यह कार्रवाई सिर्फ ट्रैक्टर पकड़ने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने चौकी स्तर की निगरानी, गश्त और जवाबदेही की परतें भी उधेड़ दीं।
किसके संरक्षण मन चल रहा खेल
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जिले के पुलिस कप्तान लगातार सख्ती का संदेश दे रहे हैं, तब नौडिहवा चौकी क्षेत्र में आखिर किसके भरोसे रेत माफिया सोन नदी का सीना चीरते रहे? क्या चौकी पुलिस की गश्त सिर्फ कागजों में थी, या फिर इस पूरे खेल को मौन संरक्षण हासिल था?
लोगों का कहना ये एक संगठित अपराध
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक रात की घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से रात के अंधेरे में चल रहा संगठित खेल है। ऐसे में सवाल और भी तीखा हो जाता है कि अगर अवैध रेत ढुलाई लगातार हो रही थी, तो चौकी की आंखें आखिर बंद क्यों रहीं? एक तरफ ऊपर बैठकों में सख्ती के दावे होते रहे, नीचे सोन नदी से रेत निकलती रही—क्या चौकी स्तर पर आदेश पहुंचते-पहुंचते असर खत्म हो जाता है?
अभ्यारण्य के एक्शन की हो रही तारीफ
अब हर तरफ चर्चा है कि अगर अभ्यारण की टीम रात 3 बजे दबिश न देती, तो क्या नौडिहवा चौकी की नाक के नीचे रेत माफियाओं का यह सिंडिकेट यूं ही रात दर रात सोन नदी को छलनी करता रहता?
ये कहना है अभ्यारण्य प्रबंधन का
सोन घड़ियाल अभ्यारण के रेंजर चतुर सिंह का कहना है कि लंबे समय से बड़े स्तर पर रेत का अवैध उत्खनन चल रहा था। सूचना पर घेराबंदी कर तीन ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त कर कार्यवाही करते हुए।नौडीहवा चौकी में सुरक्षार्थ खड़ा किया गया है।आगे राज सात की कार्यवाही की जाएगी।
Mon, 13 Apr 2026 16:16:34 GMT
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