भारत ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वेंस के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति, ग्रीन कार्ड बैन पर दिया करारा जवाब
अमेरिका के PERM प्रोग्राम से आठ बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को सस्पेंड करने के निर्णय का लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज किया है. भारत ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के इस कदम से दोनों देशों की साझा महत्वाकांक्षाओं और आपसी सहयोग पर असर पड़ेगा. टेक्नोलॉजी सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों पर इस कार्रवाई को लेकर भारत ने नाराजगी जताई है.
आपनजनक भाषा को स्वीकार्य नहीं किया जाएगा
मामला सिर्फ कंपनियों तक सीमित नहीं है. भारत ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस की भारतीय पेशेवरों को लेकर की टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है. भारत ने इन टिप्पणियों को ‘बेहद अपमानजनक’ बताया है. उन्होंने साफ संकेत दिए कि इस तरह की आपनजनक भाषा को स्वीकार्य नहीं किया जाएगा.
भारत का बयान ऐसे समय पर सामने आया है, जब भारत और अमेरिका तकनीक, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा की ओर बढ़ रहे हैं. ऐसे में अमेरिकी प्रशासन के निर्णय और शीर्ष नेतृत्व की टिप्पणियों ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है.
जेडी वेंस ने क्या कहा था
अमरीका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि अमेरिका केवल असाधारण प्रतिभा वाले विदेशी पेशेवरों को आकर्षित करना चाहता है. उन्होंने कहा कि आव्रजन कार्यक्रमों का उपयोग अमरीकी कर्मचारियों की जगह कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति करने को लेकर नहीं होने दिया जाएगा. वेंस ने कहा कि अमरीका असाधारण कौशल और क्षमता वाले विदेशी नागरिकों का स्वागत करता रहेगा.
मगर, एच-1बी वीजा कार्यक्रम अपने मूल उद्देश्य से भटका हुआ है. उन्होंने कहा कि विदेशी पेशेवरों के आवेदनों पर विचार करते वक्त आव्रजन अधिकारियों को दो कसौटियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है. पहली, क्या संबंधित पद पर कोई ऐसा काम है, जिसे अमरीकी कर्मी नहीं कर सकते. क्या आवेदक में असाधारण क्षमताएं हैं? वेंस ने कहा कि अमरीकी प्रशासन नवाचार और आर्थिक विकास में योगदान देने वाले विदेशी पेशेवरों के विरुद्ध नहीं है.वेंस ने भारतीय IT प्रोफेशनल्स और H-1B वीजा पर काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों को लेकर कहा कि इस वीजा का उपयोग अमेरिकी कर्मचारियों की कम वेतन पर विदेशी लोगों को नियुक्ति को लेकर नहीं होना चाहिए.
Gujarat Road Accident: कच्छ में बोलेरो और ट्रक की जोरदार टक्कर; 7 मजदूरों की मौत, 20 घायल
Gujarat Road Accident: गुजरात के पश्चिम कच्छ इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां खावड़ा के पास स्थित रिन्यूएबल एनर्जी पार्क के करीब एक भीषण सड़क हादसा हो गया. इस दर्दनाक दुर्घटना में सात बेबस मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब बीस मजदूर बुरी तरह घायल हो गए हैं. हादसा इतना भयानक था कि गाड़ियों की जोरदार टक्कर की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी. इस खौफनाक मंजर के बाद आसपास काम कर रहे लोग और राहगीर सिहर उठे.
सड़क पर पसरा खौफनाक मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूरों को ले जा रही एक तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी और सामने से आ रहे एक भारी ट्रक के बीच जबर्दस्त टक्कर हो गई. टक्कर की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए. गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और कई मजदूर गाड़ियों के मलबे और ट्रक के भारी पहियों के नीचे दब गए. पल भर में हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई. अपने साथियों को लहूलुहान देखकर बाकी लोग बदहवास हो गए.
मदद की गुहार से गूंज उठा पूरा इलाका
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर बेहद दर्दनाक हालात बन गए. ट्रक के नीचे और टूटी गाड़ी में फंसे घायल मजदूर अपनी जान बचाने के लिए जोर-जोर से चीख रहे थे. खून से लथपथ लोग दर्द से कराहते हुए मदद की गुहार लगा रहे थे. उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास से गुजर रहे लोग और स्थानीय ग्रामीण तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे. लोगों ने बिना देर किए मलबे में फंसे घायलों को निकालने की कोशिशें शुरू कर दीं, लेकिन गाड़ियों की हालत इतनी खराब थी कि लोगों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल साबित हो रहा था.
प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही पश्चिम कच्छ पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस दल ने स्थानीय लोगों के सहयोग से फौरन बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया. लोहे की चादरों को काटकर और गाड़ियों को हटाकर अंदर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. मौके पर कई एंबुलेंस बुलाई गईं और घायलों को प्राथमिक मदद देते हुए बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों की पूरी टीम घायलों के इलाज में जुट गई है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है.
हादसे के कारणों की गहराई से पड़ताल
पश्चिम कच्छ पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई और जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुर्घटना किस गाड़ी की लापरवाही या तेज रफ्तार की वजह से हुई. क्या किसी चालक को झपकी आ गई थी या फिर गाड़ियों की गति सीमा से बहुत ज्यादा थी, इन तमाम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है और सड़क से मलबा हटाकर यातायात को दोबारा सुचारू कराया गया है.
शोक में डूबा पूरा इलाका
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की शिनाख्त की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है. प्रशासन उनके परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है ताकि उन तक इस दुखद घड़ी में सूचना पहुंचाई जा सके. रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकले इन गरीब मजदूरों की असमय मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. घटना के बाद से पूरे इलाके और मजदूर बस्तियों में गहरा मातम छाया हुआ है. हर कोई पीड़ित परिवारों की मदद और सुरक्षित यातायात व्यवस्था की मांग कर रहा है.
यह भी पढ़ें: सुल्तानपुर में दर्दनाक हादसा: ट्रक में घुसी तेज रफ्तार कार, 3 टेनिस खिलाड़ियों की मौत
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation








.jpg)

