सीएम कैंप ऑफिस पर CBI रेड से भगवंत मान का हमला, बोले- हमारे खिलाफ भ्रष्टाचार का एक रुपया भी नहीं मिलेगा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मुख्यमंत्री कैंप ऑफिस पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तलाशी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि पंजाब विधानसभा चुनाव तय समय पर होंगे. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए राज्य में चुनावी माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी चाहे जितनी बार कार्रवाई करे, उनकी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई पैसा नहीं मिलेगा.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य पंजाब को लूटना नहीं, बल्कि राज्य के लोगों की सेवा करना है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार पारदर्शी प्रशासन, रोजगार और जनकल्याण के मुद्दों पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.
चुनाव से पहले कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
भगवंत मान ने मुख्यमंत्री कैंप ऑफिस पर हुई CBI की तलाशी के समय पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाइयां राजनीतिक दबाव बनाने का माध्यम बन जाती हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी चुनाव से पहले इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिली थी. उनके मुताबिक, पंजाब में भी अब ऐसी ही रणनीति अपनाई जा रही है.
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई से उनकी सरकार की जनता के प्रति प्रतिबद्धता कमजोर नहीं होगी. हालांकि, तलाशी की परिस्थितियों और उससे जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगी.
‘हमारे खिलाफ भ्रष्टाचार का एक रुपया भी नहीं मिलेगा’
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार है. उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसी को कार्रवाई के बावजूद भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई पैसा नहीं मिलेगा.
उन्होंने कहा कि वह राजनीति में निजी लाभ कमाने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि पंजाब के लोगों की सेवा करना उनका उद्देश्य है. मुख्यमंत्री के अनुसार, उनकी सरकार का जोर लोगों को अधिकार दिलाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने पर है.
मान ने यह भी कहा कि वह किसी भी जांच से डरते नहीं हैं और उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार आगे भी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ काम करती रहेगी.
पिछली सरकारों पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले राजनीति का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए किया जाता था. उन्होंने करोड़ों रुपये के कथित घोटालों और बसों, होटलों तथा अन्य कारोबार में हिस्सेदारी से जुड़े मामलों का उल्लेख किया.
मान ने कहा कि अब पंजाब में ऐसी राजनीति का दौर खत्म होना चाहिए, जिसमें सरकारी व्यवस्था का इस्तेमाल निजी हितों को आगे बढ़ाने के लिए किया जाए. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार पारदर्शी प्रशासन और आम लोगों की भलाई को प्राथमिकता दे रही है.
‘पंजानियों की आवाज दबाई नहीं जा सकती’
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने हमेशा अपने अधिकारों और सम्मान के लिए आवाज उठाई है. उनके मुताबिक, जांच और राजनीतिक दबाव के जरिए जनता की आवाज को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान राज्य के विकास, रोजगार, सार्वजनिक सेवाओं और आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने पर बना रहेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब ने पिछले कुछ वर्षों में प्रगति की है और विकास की गति को बाधित करने वाली कोशिशें सफल नहीं होंगी.
जांच और राजनीति के बीच बढ़ा विवाद
मुख्यमंत्री कैंप ऑफिस पर CBI की तलाशी के बाद पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. भगवंत मान ने इस कार्रवाई को चुनावी राजनीति से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि जांच से जुड़े तथ्यों और कार्रवाई के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
फिलहाल मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार जांच का सामना करेगी और अपने राजनीतिक एजेंडे से पीछे नहीं हटेगी. आने वाले दिनों में जांच से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और विभिन्न राजनीतिक पक्षों की प्रतिक्रियाएं इस मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं.
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दिल्ली में इन दो दिनों तक बंद रहेंगी शराब की दुकानें, प्रदर्शन के बीच सरकार ने लिया फैसला
दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की दुकानें बंद रहने वाली है. दिल्ली सरकार के एक्साइज विभाग ने गुरुवार को आदेश जारी किया है. विभाग के अनुसार, दिल्ली की मौजूदा हालात को देखते हुए सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने को लेकर यह एहतियाती कदम उठाया गया. शराब की दुकानों को बंद रखने का निर्णय दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर लिया गया.
एक्साइज विभाग के आदेश के अनुसार, 'L6, L6FG, L8, L10, L14 और L8 & L14 लाइसेंस के तहत चलने वाली सभी खुदरा शराब की दुकानें 9 और 10 अक्टूबर को बंद होंगी. विभाग के अनुसार, यह फैसला सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने लक्ष्य से लिया गया है.'
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे
शराब की दुकानों को बंद रखने का यह आदेश ऐसे वक्त पर आया, जब दिल्ली में विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके साथ चुनावी प्रक्रिया में कथित वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं. बीते तीन दिनों से INDIA ब्लॉक के नेता और सांसद दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। 6 अक्टूबर को राहुल गांधी सहित विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर बढ़ने का प्रयास किया था। आपको बता दें कि सात अक्टूबर यानी बीते बुधवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था.
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