योगी सरकार ने राज्य के इस जिले के किसानों को दी बड़ी सौगात, दोगुना किया सर्किल रेट
UP News: योगी सरकार लगातार किसानों को राहत दे रही है. अब राज्य सरकार ने लखनऊ के 332 गांवों के किसानों को सौगात दी है. दरअसल. योगी सरकार ने कृषि योग्य भूमि का डीएम सर्किल रेट दोगुना तक बढ़ा दिया है. नया सर्किल रेट आज यानी गुरुवार 4 जून 2026 से लागू हो गया. जिसके लिए जिला प्रशासन अनंतिम सूची जारी करेगा. इससे पहले बुधवार को 58 आपत्तियों का निस्तारण किया गया.
आपत्तियां लेकर पहुंचे किसानों के मुताबिक ज्यादातर आपत्तियां सर्किल रेट और ज्यादा बढ़ाने को लेकर थीं. इनमें भी मोहनलालगंज के संख्या सबसे अधिक थी. बता दें कि योगी सरकार जल्द ही लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण शुरू करेगी. सर्किल रेट बढ़ने से किसानों को काफी फायदा होगा.
योगी सरकार ने किन इलाकों में बढ़ाए सर्किल रेट?
बता दें कि योगी सरकार ने जिन गांवों में सर्किल रेट बढ़ाए हैं उनमें सबसे ज्यादा 161 गांव मोहनलालगंज के हैं. जबकि सरोजनीनगर के 52, बीकेटी के 95, मलिहाबाद के 13 और सदर के 6 गांव शामिल हैं. योगी सरकार ने शहरी क्षेत्र को छोड़कर जनपद के सभी 332 गांवों में कृषि योग्य जमीनों का डीएम सर्किल रेट बढ़ाने का फैसला लिया है. जिसते तहत सरकार ने सर्किल रेट में सौ प्रतिशत से लेकर दो सौ प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है.
जानें अब कितने हुए कृषि योग्य जमीन के दाम?
योगी सरकार के फैसले के बाद जिले के गांवों में कृषि योग्य जमीन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं. जिन गांवों में डीएम सर्किल रेट पहले प्रति हेक्टेयर 20 लाख रुपये थे वे अब बढ़कर 35 से 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गए हैं. इससे मोहनलालगंज और सरोजनीनगर के 500 से अधिक किसानों को राहत मिलेगी. जिन्हें जमीन का अधिग्रहण होने पर दोगुना मुआवजा मिलेगा. बता दें कि सरोजनीनगर के बंथरा सिकंदरपुर, बरकताबाद जहांगीराबाद, हरौनी, कुरौनी जैसे गांवों में प्रस्तावित दरें 80 से 97 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक हो गई हैं.
पिछले साल अगस्त में लागू किए गए थे नए सर्किल रेट
बता दें कि लखनऊ में 1 अगस्त 2025 को नए डीएम सर्किल रेट लागू किए गए थे. इनमें शहर से लेकर गांव तक कृषि और आवासीय जमीनों के सर्किल रेट में 25 से लेकर 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई थी. अब सरकार ने एलडीए के विस्तारित क्षेत्र और नगर निगम सीमा वाले गांवों को छोड़कर बाकी के 332 गांवों में सर्किल रेट में इजाफा किया है.
155 खदानों में अनियमितताएं मिलने के बाद सख्त हुआ तमिलनाडु सरकार का रुख, ड्रोन से होगी निगरानी
चेन्नई, 4 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु के भूविज्ञान और खनन विभाग ने राज्यभर में खदानों की निगरानी के लिए उन्नत तकनीक से लैस ड्रोन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। हाल ही में किए गए निरीक्षण अभियान में बड़ी संख्या में नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।
यह फैसला पिछले सप्ताह प्राकृतिक संसाधन विभाग द्वारा किए गए औचक निरीक्षणों के बाद लिया गया। इन निरीक्षणों में राज्य के विभिन्न जिलों की 155 खदानों में अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन आधारित निगरानी से अवैध खनन पर रोक लगाने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
प्राकृतिक संसाधन मंत्री टी.के. प्रभु ने खुद तेनकासी, कन्याकुमारी, विरुधुनगर और मदुरै जिलों की खदानों का निरीक्षण किया। यह अभियान खनन क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन पर लगाम लगाने के लिए चलाया गया था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खदानों में चल रहे कार्यों, लीज की शर्तों और नियमों के पालन की जांच की।
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 431 खदानों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 155 खदानों में विभिन्न नियमों और संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पाया गया।
जांच के बाद मंत्री ने नियमों का उल्लंघन करने वाली सभी खदानों में खनन गतिविधियां तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए। अधिकारियों के मुताबिक, उल्लंघनों में लीज की शर्तों का पालन न करना, तय सीमा से अधिक खनन करना और अन्य नियामकीय अनियमितताएं शामिल हैं।
विभाग ने निलंबित खदान संचालकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी है, ताकि अवैध खनन जारी न रह सके और प्रभावित क्षेत्रों से खनिजों का अवैध परिवहन रोका जा सके।
तकनीकी सुधार के तहत अब विभाग ने सभी लीज पर संचालित खदानों का नियमित निरीक्षण ड्रोन के जरिए करने का निर्णय लिया है। ये ड्रोन अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली से लैस होंगे और खुदाई की गतिविधियों पर नजर रखने, स्वीकृत खनन सीमा का पालन सुनिश्चित करने तथा अवैध गतिविधियों की पहचान करने में मदद करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि राज्यभर में ड्रोन के जरिए निरीक्षण किए जाएंगे और इसके लिए खदान पट्टाधारकों को पहले से सूचना दी जाएगी। इस तकनीक से सटीक हवाई तस्वीरें और रियल-टाइम डाटा मिलेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नियमों के उल्लंघन का जल्द पता लगाया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि उन्नत निगरानी तकनीक के इस्तेमाल से खनन क्षेत्र में नियंत्रण मजबूत होगा, अवैध खनन पर अंकुश लगेगा और प्राकृतिक संसाधनों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।
हालिया कार्रवाई और ड्रोन निगरानी लागू करने का फैसला यह संकेत देता है कि राज्य सरकार खदानों में नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने जा रही है।
अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले महीनों में भी निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि तमिलनाडु में खनन कार्य कानूनी, पारदर्शी और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से संचालित हो सके।
--आईएएनएस
एएमटी/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation




















