खामनेई की मौत को 10 दिन बीत चुके हैं। इसी को लेकर यूएस मीडिया में एक ऐसा दावा किया गया है जिसने सभी को चौंका दिया है। अमेरिका में खामनेई की मौत पर 46000 करोड़ का सट्टा लगा था और अब सवाल यही खड़ा हो रहा है कि क्या यह खबर सच है 46000 करोड़ का सट्टा? अमेरिका और इजराइल की मौत की मिसाइलें ईरान के सबसे ताकतवर आदमी आया अली खामनेई के ठिकाने पर गिरती है। सुप्रीम लीडर की मौत हो जाती है। दुनिया हिल जाती है। लेकिन मौत की खबर फैलने के ठीक कुछ घंटे पहले अमेरिका के ऑनलाइन साइट्स पर एक अलग जंग चल रही थी। अमेरिकी प्रेडिक्शन मार्केट साइट कालशी पर खामनेई की मौत पर सट्टा लग रहा था। सट्टे की रकम सुनकर होश उड़ जाएंगे। करीब 498 करोड़ की रकम दाव पर लग गई थी। भारतीय करेंसी में 46,000 करोड़ का सट्टा खेला गया। यह सब अमेरिका में हो रहा था। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि अमेरिकी अखबारों में छपी रिपोर्ट का दावा है। इस सट्टे में कई हजार लोगों ने हिस्सा लिया था। लोगों को उम्मीद थी कि अगर उनकी भविष्यवाणी सही निकली तो लाखों करोड़ों की कमाई होगी। इसी दौरान खबरें फैलने लगी कि खामनेई की मौत हो गई। बस फिर क्या था? कई यूज़र्स ने खुद को विजेता मान लिया। लेकिन तभी कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आया।
अचानक साइट ने ट्रेडिंग रोक दी और कुछ ही मिनटों में पूरा मार्केट बंद कर दिया गया। इस रिपोर्ट से यह साबित होता है कि सिर्फ ट्रंप ही नहीं बल्कि उनके देश की कंपनियां भी खामनेई को अपना बड़ा दुश्मन मानती थी। तभी 4600 करोड़ का सट्टा लगाया गया और जंग से जुड़ी इस समय की बड़ी खबर आपको बता दें ईरानी पोर्ट पर इजराइल ने हमला बोला है। ईरानी जहाज पर यह बड़ा हमला किया गया है इजराइल के द्वारा। हमले के बाद ईरानी जहाज में आग भी लगी है। स्टेट ऑफ हॉर्नूस में कहा जा रहा है कि यह हमला हुआ है। ईरानी फोर्स के ऊपर ये हमला हुआ है। हमले के बाद ईरानी जहाज में आग लग गई। तो ईरानी पोर्ट पर ये हमला हुआ है। ईरानी जहाज पर ये बड़ा हमला इजराइल के द्वारा किया गया है और हमले के बाद जो ईरानी जहाज था इसमें आग लगी है। जंग से जुड़ी सभी की बड़ी खबर। तो ये देखिए लगातार ईरान और इजराइल के बीच कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। एक दूसरे के ऊपर लगातार हमले बोले जा रहे हैं। ये देखिए ये स्पिट ऑफ हार्मूस में कहा जा रहा है कि यह हमला हुआ है। ईरानी वैसल के ऊपर यह हमला इजराइल ने बोला है और देख सकते हैं यह आग जो लगी हुई है इस समय।
इजराइल ने बड़ा हमला ईरान के ऊपर बोला है और स्टेट ऑफ हार्मूस में कहा जा रहा है कि यह ईरानी वसल के ऊपर यह हमला बोला गया है। अयातुल्ला खामनी की मौत के बाद शायद अमेरिका इजराइल सोच रहे थे कि ईरान में कोई सुप्रीम लीडर नहीं होगा। लेकिन जंग के 9 दिन बीत जाने के बाद आखिरकार ईरान के नए सुप्रीम लीडर के नाम का ऐलान हो चुका है और यह पद खामनई के बेटे मोजतबा खामनई को दिया गया है जो आया से ज्यादा अग्रेसिव है क्योंकि उनके सुप्रीम लीडर का पद संभालते ही ईरान को नेतृत्व मिल गया है। ईरान के सरकारी टीवी ने दावा किया कि आया अली खमेई के बेटे मुस्तबा खामेनई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है। नाम का ऐलान जंग के नौवें दिन हुआ और ईरानी अधिकारियों के बीच मतभेद के संकेतों के बाद हुआ और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट के 88 सदस्यों वाली टीम ने उन्हें चुना है। मुस्तबा के नाम का ऐलान होते ही खामिनई के एक्स हैंडल से तस्वीर पोस्ट की गई जिसमें शीशे में मुजतबा की तस्वीर है तो सामने खामनई को हाथों में ईरान का झंडा लिए दिखाया गया है। मुस्तबा को सर्वोच्च नेता चुनते ही इस्लामिक रिपब्लिक के समर्थकों ने खुशी जाहिर की है और मुस्तफा पर अल्लाह का हाथ होने वाले नारे लगाए हैं।
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मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। इसने ईरान के इस्लामिक सरकार के समर्थकों के अंदर एक नया जोश भर दिया है। नए सुप्रीम लीडर के आते ही ईरान ने इजराइल के खिलाफ जोरदार हमला बोल दिया है। एक दो नहीं बल्कि तीन सबसे खतरनाक मिसाइलों को इज़राइल के खिलाफ लॉन्च कर दिया गया है। 24 घंटे के अंदर गद्र, इमात और खैबर मिसाइल से इज़राइल पर हमला बोला गया है। देखिए पहली गद्र मिसाइल। ये 2000 किमी तक निशाना लगा सकती है। गद्र का मतलब ही शक्ति होता है। दूसरी है इमाद मिसाइल। यह 1700 कि.मी. तक निशाना लगा सकती है। इमारत का मतलब सपोर्ट होता है। तीसरी खैबर मिसाइल जो कि 1400 कि.मी. तक निशाना लगा सकती है। खैबर का मतलब होता है किला तोड़ने वाली। ईरान की इस मिसाइल पावर ने अमेरिका जैसी महाशक्ति को भी अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। और इजराइल को ईरान की मिसाइल धुआधुआ कर दे रही है।
अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी इस जंग का आज 10वां दिन है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कब कहां से मिसाइल छूटे और कहां धमाका हो जाए कोई नहीं जानता। यो अमेरिका इजराइल लगातार बम बरसा रहे हैं। ईरान को तोड़ने में लगे हैं। मगर अब तक ईरान झुका नहीं है। अमेरिका ने सुप्रीम लीडर खामेनई को मारा। सैकड़ों बच्चों की लाशें बिछा दी। बावजूद इसके ईरान सरेंडर करने को तैयार नहीं है। ईरान ने एक बार फिर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। अमेरिकी मीडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने दो टूक कह दिया है कि वो झुकेंगे नहीं। इस बयान ने साबित कर दिया कि अमेरिका और इजराइल मिलकर कितनी भी तबाही मचा लें लेकिन ईरान पीछे नहीं हटेगा। वो जोरदार फाइट के मूड में है। ईरान और अमेरिका इजराइल के बीच सीधी जंग 10वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। यानी 10 दिन बीत चुके हैं। लेकिन ईरान ने घुटने टेकने की बजाय अब तक और घातक हमले करने के संकेत दिए हैं।
यूएई रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा दावा किया है। पांच बैलेस्टिक मिसाइल से हमला हुआ है यूएई के ऊपर। 12 बैलेस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया गया है। यूएई का कहना है कि तीन मिसाइलें समुद्र में गिरी हैं। अपने शाहिद ड्रोन के जरिए इजराइल और खाड़ी देशों में तहलका मचा रहे ईरान को यूएई में जबरदस्त झटका लगा है। ईरान को अब तक यह गलतफहमी थी कि अमेरिकी एयर डिफेंस को वो चकमा देने वाला उसका शाहिद 136 अजय है। लेकिन यूएई डिफेंस फोर्स ने इन शाहिद ड्रोंस को मार गिराने वाले वीडियो को जारी कर ईरान को जवाब दिया है। महज 40 सेकंड के इस वीडियो में यूएई ने अपनी ताकत दिखा दी। एयर डिफेंस सिस्टम के साथ यूएई ने अपने एयर 64D अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर्स का बेड़ा फाड़ दिया। टारगेट डिस्ट्रॉय टारगेट डिस्ट्रॉय टारगेट डिस्ट्रॉय यूएई ने 28 फरवरी से अब तक कुल ईरानी 238 बैलस्टिक मिसाइलों का पता लगाया। इनमें से 221 को नष्ट किया गया। 15 समंदर में गिर गई। दो मिसाइलें देश के अंदर आकर गिरी।
इसके अलावा कुल 10422 ईरानी ड्रोन को डिटेक्ट किया गया। इनमें से 10342 को रास्ते में ही मार गिराया गया। जबकि 80 ड्रोन देश की सीमा के अंदर गिरे। इस वीडियो को जारी कर यूएई ने ईरान को सीधी चेतावनी दे दी कि उसे ईरान हल्के में ना ले। ईरान की ताकत को खत्म करने के लिए अमेरिका और इजराइल लगातार कोशिश में लगे हुए हैं और इसीलिए वो ईरान की ताकत यानी आईआरजीसी को टारगेट कर रहे हैं। इसका एक वीडियो अब सामने आया है। पश्चिमी तहरान के खुलामाबाद का है। जहां आईआरजीसी के ठिकानों पर बारूदी प्रहार किया गया। वीडियो में देखिए कैसे एक के बाद एक ठिकानों पर धमाकों के बाद आग की लपटें दिखाई दे रही है। धुएं का गुबार बता रहा है कि हमला कितना भीषण था। एक के बाद एक कई धमाके की आवाज से पूरा इलाका गूंज रहा है। दावा है कि यहां आईआरजीसी ने अपने ठिकाने बना रखे थे। जिन्हें अमेरिका और इजराइल ने टारगेट किया है ताकि ईरान की ताकत को कमजोर किया जा सके। जहां एक और युद्ध में अमेरिका और इजराइल ईरान के मिलिट्री ठिकानों को निशाना बना रहे हैं तो दूसरी तरफ अब ईरान के पुलिस स्टेशंस भी उनकी मिसाइलों के टारगेट पर हैं। इजराइल ने एयर स्ट्राइक कर एक पुलिस स्टेशन को उड़ा दिया है।
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