मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। इसने ईरान के इस्लामिक सरकार के समर्थकों के अंदर एक नया जोश भर दिया है। नए सुप्रीम लीडर के आते ही ईरान ने इजराइल के खिलाफ जोरदार हमला बोल दिया है। एक दो नहीं बल्कि तीन सबसे खतरनाक मिसाइलों को इज़राइल के खिलाफ लॉन्च कर दिया गया है। 24 घंटे के अंदर गद्र, इमात और खैबर मिसाइल से इज़राइल पर हमला बोला गया है। देखिए पहली गद्र मिसाइल। ये 2000 किमी तक निशाना लगा सकती है। गद्र का मतलब ही शक्ति होता है। दूसरी है इमाद मिसाइल। यह 1700 कि.मी. तक निशाना लगा सकती है। इमारत का मतलब सपोर्ट होता है। तीसरी खैबर मिसाइल जो कि 1400 कि.मी. तक निशाना लगा सकती है। खैबर का मतलब होता है किला तोड़ने वाली। ईरान की इस मिसाइल पावर ने अमेरिका जैसी महाशक्ति को भी अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। और इजराइल को ईरान की मिसाइल धुआधुआ कर दे रही है।
अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी इस जंग का आज 10वां दिन है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कब कहां से मिसाइल छूटे और कहां धमाका हो जाए कोई नहीं जानता। यो अमेरिका इजराइल लगातार बम बरसा रहे हैं। ईरान को तोड़ने में लगे हैं। मगर अब तक ईरान झुका नहीं है। अमेरिका ने सुप्रीम लीडर खामेनई को मारा। सैकड़ों बच्चों की लाशें बिछा दी। बावजूद इसके ईरान सरेंडर करने को तैयार नहीं है। ईरान ने एक बार फिर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। अमेरिकी मीडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने दो टूक कह दिया है कि वो झुकेंगे नहीं। इस बयान ने साबित कर दिया कि अमेरिका और इजराइल मिलकर कितनी भी तबाही मचा लें लेकिन ईरान पीछे नहीं हटेगा। वो जोरदार फाइट के मूड में है। ईरान और अमेरिका इजराइल के बीच सीधी जंग 10वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। यानी 10 दिन बीत चुके हैं। लेकिन ईरान ने घुटने टेकने की बजाय अब तक और घातक हमले करने के संकेत दिए हैं।
यूएई रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा दावा किया है। पांच बैलेस्टिक मिसाइल से हमला हुआ है यूएई के ऊपर। 12 बैलेस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया गया है। यूएई का कहना है कि तीन मिसाइलें समुद्र में गिरी हैं। अपने शाहिद ड्रोन के जरिए इजराइल और खाड़ी देशों में तहलका मचा रहे ईरान को यूएई में जबरदस्त झटका लगा है। ईरान को अब तक यह गलतफहमी थी कि अमेरिकी एयर डिफेंस को वो चकमा देने वाला उसका शाहिद 136 अजय है। लेकिन यूएई डिफेंस फोर्स ने इन शाहिद ड्रोंस को मार गिराने वाले वीडियो को जारी कर ईरान को जवाब दिया है। महज 40 सेकंड के इस वीडियो में यूएई ने अपनी ताकत दिखा दी। एयर डिफेंस सिस्टम के साथ यूएई ने अपने एयर 64D अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर्स का बेड़ा फाड़ दिया। टारगेट डिस्ट्रॉय टारगेट डिस्ट्रॉय टारगेट डिस्ट्रॉय यूएई ने 28 फरवरी से अब तक कुल ईरानी 238 बैलस्टिक मिसाइलों का पता लगाया। इनमें से 221 को नष्ट किया गया। 15 समंदर में गिर गई। दो मिसाइलें देश के अंदर आकर गिरी।
इसके अलावा कुल 10422 ईरानी ड्रोन को डिटेक्ट किया गया। इनमें से 10342 को रास्ते में ही मार गिराया गया। जबकि 80 ड्रोन देश की सीमा के अंदर गिरे। इस वीडियो को जारी कर यूएई ने ईरान को सीधी चेतावनी दे दी कि उसे ईरान हल्के में ना ले। ईरान की ताकत को खत्म करने के लिए अमेरिका और इजराइल लगातार कोशिश में लगे हुए हैं और इसीलिए वो ईरान की ताकत यानी आईआरजीसी को टारगेट कर रहे हैं। इसका एक वीडियो अब सामने आया है। पश्चिमी तहरान के खुलामाबाद का है। जहां आईआरजीसी के ठिकानों पर बारूदी प्रहार किया गया। वीडियो में देखिए कैसे एक के बाद एक ठिकानों पर धमाकों के बाद आग की लपटें दिखाई दे रही है। धुएं का गुबार बता रहा है कि हमला कितना भीषण था। एक के बाद एक कई धमाके की आवाज से पूरा इलाका गूंज रहा है। दावा है कि यहां आईआरजीसी ने अपने ठिकाने बना रखे थे। जिन्हें अमेरिका और इजराइल ने टारगेट किया है ताकि ईरान की ताकत को कमजोर किया जा सके। जहां एक और युद्ध में अमेरिका और इजराइल ईरान के मिलिट्री ठिकानों को निशाना बना रहे हैं तो दूसरी तरफ अब ईरान के पुलिस स्टेशंस भी उनकी मिसाइलों के टारगेट पर हैं। इजराइल ने एयर स्ट्राइक कर एक पुलिस स्टेशन को उड़ा दिया है।
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पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब अपने दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और इसका केंद्र बन गया है दुनिया की 'ऊर्जा नस' कहा जाने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान की सेना (IRGC) के बीच जुबानी जंग अब सैन्य टकराव के मुहाने पर खड़ी है, जिससे पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की होर्मुज स्ट्रेट पर कब्ज़ा करने की धमकी के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो वह मिडिल ईस्ट से "एक लीटर तेल" भी नहीं भेजने देगा। होर्मुज स्ट्रेट, जिससे दुनिया की 20% तेल सप्लाई होती है, मिडिल ईस्ट में लड़ाई का सेंटर बन गया है, जो अब अपने दूसरे हफ़्ते में पहुँच गया है। सोमवार को CBS न्यूज़ के साथ एक ज़बरदस्त इंटरव्यू में, ट्रंप ने कहा कि अगर तेहरान दुनिया भर में तेल के बहाव में दखल देता है, तो यह "ईरान का अंत" होगा।
मिडिल ईस्ट में लड़ाई के दूसरे हफ़्ते में पहुँचने पर ट्रंप ने कहा, "उन्होंने जो कुछ भी करना था, कर लिया है, और बेहतर होगा कि वे कुछ भी अच्छा करने की कोशिश न करें, वरना उस देश का अंत हो जाएगा। अगर वे कुछ भी बुरा करते हैं, तो वह ईरान का अंत होगा, और आप उसका नाम फिर कभी नहीं सुनेंगे।" ट्रंप ने कहा, "स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ अब खुल गया है," और कहा कि वह "इसे अपने कब्ज़े में लेने के बारे में सोच रहे हैं"।
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर स्पॉटलाइट
ओमान और ईरान के बीच मौजूद स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़, ग्लोबल एनर्जी मार्केट के लिए एक ज़रूरी ट्रांज़िट रूट है। इस लड़ाई ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से होने वाली कमर्शियल शिपिंग को असल में रोक दिया है, जिससे ग्लोबल तेल का फ्लो रुक गया है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। सोमवार को, सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट के डर से कीमत लगभग $120 प्रति बैरल तक पहुँच गई - जो चार साल का सबसे ऊँचा लेवल है। ट्रंप की चेतावनी ईरान के विदेश मंत्रालय के यह कहने के कुछ घंटों बाद आई कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुज़रने वाले तेल टैंकरों को "बहुत सावधान रहना होगा"।
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान ने स्ट्रेट से तेल शिपमेंट में रुकावट डाली तो उसे "20 गुना ज़्यादा" नुकसान होगा। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, "अगर ईरान कुछ ऐसा करता है जिससे होर्मुज स्ट्रेट में तेल का फ्लो रुक जाता है, तो US उन्हें अब तक हुए नुकसान से बीस गुना ज़्यादा नुकसान पहुंचाएगा।"
ईरान ने ट्रंप पर पलटवार किया
हालांकि, ट्रंप की चेतावनियों से ईरान को रोकने में कोई खास मदद नहीं मिली है। मंगलवार को, ताकतवर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि अगर US और इज़राइल के हमले जारी रहे तो वह इस इलाके से कोई भी तेल बाहर नहीं जाने देगा। IRGC ने कहा, "अगर US मिलिट्री और ज़ायोनी शासन का ईरान और उसके इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला जारी रहता है, तो इस्लामिक रिपब्लिक की सेनाएं अगले नोटिस तक इस इलाके से दुश्मन देश और उसके पार्टनर्स को एक लीटर भी तेल एक्सपोर्ट नहीं करने देंगी।" होर्मुज स्ट्रेट के लंबे समय तक बंद रहने से तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है। जैसे ही ट्रंप और ईरान ज़रूरी तेल ट्रांज़िट रूट को लेकर आमने-सामने हैं, स्ट्रेट लड़ाई के दूसरे हफ़्ते में मुख्य फोकस पॉइंट बनकर उभरा है।
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