माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल साउथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए निवेश करेगा 50 अरब डॉलर
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने बुधवार को ऐलान किया कि वह ग्लोबल साउथ के देशों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बढ़ावा देने के लिए इस दशक के अंत तक 50 अरब डॉलर निवेश करेगा।
माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयर और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ और माइक्रोसॉफ्ट की वाइस प्रेसिडेंट और चीफ रिस्पॉन्सिबल एआई ऑफिसर नताशा क्रैम्पटन ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि ग्लोबल नॉर्थ में एआई का उपयोग ग्लोबल साउथ की तुलना में लगभग दोगुना है।
उन्होंने लिखा,“यह खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है। यह असमानता न केवल राष्ट्रीय और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को प्रभावित करती है, बल्कि इस बात पर भी असर डालती है कि क्या एआई दुनिया भर में अवसरों और समृद्धि को बढ़ाने के अपने व्यापक वादे को पूरा कर सकता है।”
स्मिथ ने कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट ने इस चुनौती को अपने एजेंडे के केंद्र में रखकर बिल्कुल सही काम किया है।
उन्होंने कहा, “एक सदी से भी अधिक समय से, बिजली तक असमान पहुंच ने वैश्विक उत्तर और दक्षिण के बीच बढ़ती आर्थिक खाई को और गहरा कर दिया है। यदि हम तत्काल कार्रवाई नहीं करते हैं, तो एआई की बढ़ती खाई आने वाली सदी में इस असमानता को और बढ़ा देगी।”
माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में एजुकेटर्स के लिए एलिवेट कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य 2,00,000 से अधिक स्कूलों, व्यावसायिक संस्थानों और उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत 20 लाख शिक्षकों की क्षमता को बढ़ाना है।
कंपनी ने कहा, “हमारा लक्ष्य देश के शिक्षण कार्यबल को एआई-आधारित भविष्य में आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने में मदद करना है। यह कार्यक्रम भारत के राष्ट्रीय शिक्षा और कार्यबल प्रशिक्षण प्राधिकरणों के साथ साझेदारी में चलाया जाएगा, जिससे 80 लाख छात्रों के लिए एआई के समान अवसर उपलब्ध होंगे।”
पिछले वित्तीय वर्ष में ही, माइक्रोसॉफ्ट ने ग्लोबल साउथ को सर्विस देने वाले डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में 8 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया। इसमें भारत, मैक्सिको और अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, दक्षिणपूर्व एशिया और मध्य पूर्व के देशों में नया इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है।
इसके अलावा, 24 मिलियन की संख्या के साथ, भारतीय डेवलपर समुदाय गिटहब पर दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय समुदाय है, जहां डेवलपर एआई के बारे में सीखते हैं और दुनिया भर के डेवलपर्स के साथ सहयोग करते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, भारतीय समुदाय शीर्ष 30 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला समुदाय है, जिसकी वृद्धि दर 2020 से हर साल 26 प्रतिशत से अधिक रही है और 2025 की चौथी तिमाही तक वार्षिक वृद्धि में 36 प्रतिशत से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सेहत के लिए हानिकारक आधी रात में भोजन करना, मोटापा-तनाव की बनता है वजह
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। बहुत से लोगों को आधी रात में भोजन करने की आदत होती है, उन्हें उसी समय कुछ न कुछ खाने की तलब लगती है। यह आदत न केवल मोटापा बढ़ाती है, बल्कि नींद खराब करती है और पाचन तंत्र को भी नुकसान पहुंचाती है। इससे पेट भले ही भर जाता हो मगर सेहत को यह कई समस्या दे सकता है।
नेशनल हेल्थ मिशन ने लोगों को आधी रात में कुछ भी खाने से परहेज करने की सलाह देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, देर रात या सोने से ठीक पहले भोजन करना या स्नैकिंग करना सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। हेल्थ मिशन के मुताबिक, रात में शरीर को आराम और रिकवरी की जरूरत होती है न कि अतिरिक्त कैलोरी की। जब हम सोने के समय के करीब भोजन करते हैं, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। खाना ठीक से पच नहीं पाता और कैलोरी के रूप में जमा हो जाता है, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है। इससे मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
देर रात स्नैकिंग नींद को भी बुरी तरह प्रभावित करती है। भारी या मीठा भोजन खाने से एसिड रिफ्लक्स, अपच और नींद में खलल की समस्या हो सकती है। अच्छी नींद न आने से थकान, चिड़चिड़ापन, कमजोर इम्युनिटी और मानसिक तनाव बढ़ता है। लंबे समय तक यह आदत डिप्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी न्योता दे सकती है।
ऐसे में मोटापा रोकने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए एक्सपर्ट कुछ सरल सुझाव देते हैं, जैसे रात का खाना सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खा लें। रात 8-9 बजे के बाद कुछ भी न खाएं, खासकर चिप्स, बिस्किट, चॉकलेट, आइसक्रीम या तला-भुना। अगर बहुत भूख लगे तो एक गिलास दूध ले सकते हैं। दिन में संतुलित भोजन करें, ताकि रात में भूख कम लगे। नियमित व्यायाम और समय पर सोने की आदत डालें।
वजन कंट्रोल के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना बहुत जरूरी है। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से मोटापे को आसानी से रोका जा सकता है। देर रात भोजन करने की आदत छोड़कर बेहतर पाचन, गहरी नींद और फिट शरीर पाया जा सकता है।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
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