किन मुद्दों पर बनी 'पलकों पे'? श्वेता त्रिपाठी ने फिल्म में काम करने का बताया अनुभव, कहा- कई दिनों तक चली शूटिंग
श्वेता त्रिपाठी अपनी संजीदा एक्टिंग के लिए जानी जाती हैं. अब वह फिल्म 'पलकों पे' के जरिए वह एक और गहरी सामाजिक कहानी लेकर आ रही हैं. समाज के अनछुए और संवेदनशील मुद्दों पर आधारित इस फिल्म को लेकर श्वेता ने हाल ही में अपना अनुभव साझा किया है. उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट की शूटिंग कई दिनों तक चली, जो उनके लिए इमोशनली और फिजिकली काफी चुनौतीपूर्ण रही.
लता मंगेशकर का रोमांटिक हिट, 5.53 मिनट का गाना बना प्रेम की परिभाषा, 37 सालों से हर आशिक का फेवरेट
लता मंगेशकर की आवाज में सजा यह रोमांटिक गीत हिंदी सिनेमा के उन नगमों में शुमार है, जिसने प्यार को शब्दों और सुरों की सबसे खूबसूरत शक्ल दी. 5.53 मिनट का यह गाना सिर्फ सुनने का अनुभव नहीं, बल्कि महसूस करने का एहसास है. रिलीज के साथ ही इस गीत ने दिलों में ऐसी जगह बनाई कि बीते 37 सालों में भी इसकी चमक फीकी नहीं पड़ी. फिल्म ‘वारिस’ का सुपरहिट गीत ‘मेरे प्यार की उम्र हो इतनी सनम’ हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा नगमों में शामिल है, जो दशकों बाद भी उतने ही भावुक और असरदार लगते हैं. अमृता सिंह और राज बब्बर पर फिल्माया गया यह गीत सादगी, भावनाओं और सच्चे प्रेम की खूबसूरत मिसाल है. इस गीत की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी है- न जरूरत से ज्यादा शब्द, न बनावटी भावनाएं. हर पंक्ति में एक ऐसी कामना छुपी है, जो हर आशिक अपने प्यार के लिए चाहता है. उम्र भर साथ, भरोसा और मोहब्बत. लता मंगेशकर की नरम, भावपूर्ण आवाज ने इस गीत को अमर बना दिया, वहीं इसकी मधुर धुन ने इसे बार-बार सुने जाने वाला नगमा बना दिया. ‘मेरे प्यार की उम्र हो इतनी सनम’ सिर्फ एक फिल्मी गीत नहीं, बल्कि सच्चे प्यार का एहसास है, जो हर पीढ़ी को जोड़ता है.
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