PM Modi के 25 साल के सफर से भारत के गांव बने आत्मनिर्भर: Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर जनसेवा में 25 वर्ष पूरे होने को भारत के गांवों के बदलते स्वरूप से जोड़ते हुए कहा कि उनके ‘‘सेवा संकल्प’’ का प्रभाव उन गांवों में देखा जा सकता है, जो अब आत्मनिर्भरता की कहानियां सुना रहे हैं। मोदी के 76वें जन्मदिन पर वाराणसी में सेवा संकल्प अभियान की शुरूआत करत हुए आदित्यनाथ ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक मोदी की यात्रा ने देश को एक ‘‘नये भारत’’ की दृष्टि दी है जो सुरक्षित, और आत्मविश्वास से भरा हुआ है तथा दुनिया के साथ जुड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘25 वर्ष पहले, उसी सेवा-भाव के संकल्प के साथ, गुजरात से मोदी जी ने जो यात्रा शुरू की थी, आज वह ऐसी है कि भारत का शायद ही कोई ऐसा नागरिक होगा जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस यात्रा का सहभागी न रहा हो।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सात अक्टूबर को, गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर (2001 में) शपथ लेने के मोदी के 25 साल पूरे हो जाएंगे।
उन्होंने इस दौर को दृढ़ता, कड़ी मेहनत और समर्पण की यात्रा बताते हुए कहा, ‘‘बिना रुके, बिना झुके, बिना थके - चरैवेति, चरैवेति (चलते रहो, चलते रहो) के मंत्र के साथ - उन्होंने यह यात्रा जारी रखी।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के एक साधारण परिवार से प्रधानमंत्री बनने तक की मोदी की यात्रा को अब भारत और विदेशों में लोग देख रहे हैं। उन्होंने कहा, इस 25 साल की शानदार यात्रा को उन गांवों की बदलती तस्वीर के रूप में देखा जा सकता है, जो आज आत्मनिर्भरता की कहानियां सुना रहे हैं। वाराणसी के इस कार्यक्रम में आदित्यनाथ के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री व भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद थे।
आदित्यनाथ ने कहा, यह एक ऐसा भारत है जिस पर हम सभी गर्व कर सकते हैं, यह सुरक्षित भारत है। एक ऐसा भारत है, जिसने दुनिया से आंख मिलाकर बात करने के लिए खुद को तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने वाराणसी और वडनगर से शुरू होने वाली दोतरफा सेवा यात्रा को मोदी की निजी यात्रा से भी जोड़ा।
उन्होंने कहा कि वडनगर, जहां मोदी का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था, उस यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है, जबकि वाराणसी उनके मौजूदा सार्वजनिक जीवन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुजरात और उत्तर प्रदेश से निकलने वाली ये यात्राएं इन दोनों जगहों को जोड़ेंगी और एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को बढ़ावा देंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये यात्राएं सात अक्टूबर तक चलेंगी और इनमें युवा प्रतिभागी रास्ते में सेवा से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
उन्होंने कहा, आज हम एक ऐसी यात्रा शुरू कर रहे हैं जो काशी के महत्व को 10 राज्यों तक ले जाएगी और वडनगर की यात्रा को भी उन राज्यों तक पहुंचाएगी। आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई भी दी और बाबा विश्वनाथ, मां गंगा और मां अन्नपूर्णा से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का मकसद मोदी के सेवा संकल्प को आगे बढ़ाना और 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देना है।
मुख्यमंत्री ने यात्रा में शामिल होने वाले युवा प्रतिभागियों को भी बधाई दी।
Rajasthan Governor Haribhau Bagade ने नशामुक्ति और टीबी मुक्त भारत के लिए जनभागीदारी पर दिया जोर
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बृहस्पतिवार को कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता है बल्कि जीवन को नाश की ओर ले जाता है इसलिए इससे बचने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। राज्यपाल यहां श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस और नशामुक्त भारत अभियान में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन की बधाई देते हुए नशामुक्त समाज के लिए सभी को मिलकर काम करने पर जोर दिया।
उन्होंने पानी की बचत के लिए उसे सहेजने पर भी जोर दिया। आधिकारिक बयान के अनुसार राज्यपाल ने कहा कि सभी मिलकर प्रयास करें कि प्राथमिक शिक्षा के आधार को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा ,‘‘एक बड़ा लक्ष्य हम सभी का यह होना चाहिए कि नशामुक्ति और टीबी मुक्त कार्यक्रम में जन जन की भागीदारी तय हो।’’ राज्यपाल ने दावा किया कि देश में सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है।
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी को विश्व के 37 देशों ने राष्ट्र का सर्वोत्तम पुरस्कार प्रदान किया है जो सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने लोगों से देश के बारे में, समाज के बारे में विचार करते हुए राष्ट्र का माहौल अच्छा रखने का आह्वान किया। राज्यपाल ने इससे पहले विश्वविद्यालय के कृषि मौसम पोर्टल की शुरुआत की।
उन्होंने वहां नवनिर्मित विश्वविद्यालय सभागार का भी लोकार्पण किया और कृषि से सम्बद्ध पुस्तकों, स्मारिका का भी विमोचन किया।
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