गुजरात में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश की चेतावनी:राजस्थान-महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों में हाई अलर्ट; मौसम विभाग का दावा- अगस्त और सितंबर में कम बारिश होगी
बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया पिछले 3 दिन से गुजरात में जमकर बारिश करवा रहा है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में आज भी स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे। रेड अलर्ट का मतलब 24 घंटे में 204mm से ज्यादा बारिश, जबकि ऑरेंज अलर्ट का मतलब है 24 घंटों में 115.6mm से 204.4mm के बीच तक बारिश हो सकती है। प्रभावित इलाकों में NDRF की 17 और SDRF की 33 टीमें तैनात की गई हैं। सूरत में सबसे ज्यादा हालात खराब हैं। यहां के अंबिका में 14 घंटे में 465mm बारिश हुई। IMD ने चेतावनी दी कि अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे और लोअर दिबांग वैली में भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान, मध्य महराष्ट्र, कोंकण-गोवा, कर्नाटक, केरल में ऑरेंज अलर्ट है। उत्तराखंड, ओडिशा, असम में कई नदियां खतरे के निशान के करीब या फिर उससे ऊपर बह रही हैं। इससे किनारे पर बसे लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग में अगस्त महीने के लिए जारी पूर्वानुमान में यह दावा किया है कि मानसून का दूसरा हिस्सा कम बारिश वाला रहेगा, यानी अगस्त-सितंबर में औसत से कम बारिश होगी। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति मौसम से जुड़े अपडेट्स… देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें… दिल्ली में बढ़े इन्फ्लूएंजा के मरीज मानसून की बारिश और मौसम में बदलाव के बीच दिल्ली-NCR में H1N1 इन्फ्लूएंजा के मामले बढ़ गए हैं। AIIMS दिल्ली के मेडिसिन विभाग में मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया मानसून के दौरान तापमान कम हो जाता है। तापमान में बदलाव के कारण इन्फ्लूएंजा वायरस ज्यादा फैल रहा है। मरीजों को गले में खराश, नाक बहना, सूखी खांसी और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं। अगले 2 दिन के मौसम का हाल
सड़कों पर पशुओं से हादसों में मुआवजा दिया जाए:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- केंद्र और राज्य सरकारें इसके लिए कानूनों में संशोधन करें
सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं से होने वाले हादसों पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा- पशुओं को नेशनल हाईवे, सड़कों और गलियों में यूं ही नहीं छोड़ सकते। वे नेचुरल स्पीड ब्रेकर नहीं हैं। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने शुक्रवार को केंद्र और राज्य सरकारों से ऐसे हादसों के पीड़ितों को मुआवजा देने का नियम बनाने को कहा। साथ ही सुझाव दिया कि जरूरत हो तो इसके लिए कानूनों और नियमों में संशोधन भी किया जाए। सांड के हमले में पति की मौत पर ₹15 लाख मुआवजा कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को यह सलाह पंजाब के संगरूर की रहने वाली निशा की याचिका पर दी। निशा के पति विजय की 21 सितंबर 2007 को सड़क पर पैदल जाते समय आवारा सांड के हमले में मौत हो गई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि महिला को चार सप्ताह में ₹15 लाख मुआवजा दें। साथ ही कोर्ट ने कहा- हालांकि, इसे भविष्य के मामलों में नजीर नहीं माना जाएगा। पशुपालकों को पूरे जीवन अपने पशु की जिम्मेदारी निभानी होगी कोर्ट ने कहा- लावारिस पशुओं की समस्या का सबसे बड़ा कारण उन्हें आर्थिक रूप से अनुपयोगी होने पर छोड़ देना है। पशुपालक सिर्फ पशु पालने तक सीमित नहीं रह सकते, बल्कि उनके पूरे जीवन की जिम्मेदारी भी उनकी है। यदि किसी कारण पशु नहीं रख सकते तो गौशाला या आश्रय गृह में सौंपें, सड़कों पर न छोड़ें। समाज उपयोगिता खत्म होने पर पशु को छोड़ देता है। वहीं, उनके दूसरे उपयोगों का विरोध करता है। यह भी समस्या की एक वजह है। --------------- ये खबर भी पढ़ें... नेशनल हाईवे पर गाय से टकरा ट्रैवलर पलटी:सीकर से सांवरिया सेठ दर्शन करने जा रहा था परिवार नेशनल हाईवे पर अचानक गाय आने से यात्रियों से भरी ट्रेवलर मिनी बस पलट गई। इस हादसे में घायल सभी एक ही परिवार के लोग थे, जो सांवारिया सेठ के दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसा मांडला थाना क्षेत्र के जयपुर-उदयपुर हाईवे पर हुआ। पूरी खबर पढ़ें…
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