Realme Narzo 100x 5G: 8000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले के साथ आया नया 5G स्मार्टफोन
Realme Narzo 100x 5G: Realme ने अपना नया Realme Narzo 100x 5G स्मार्टफोन पेश कर दिया है। यह फोन बड़ी ...
Ashadha Ravi Pradosh Vrat 2026: आज रवि प्रदोष व्रत, जानें शिव पूजा का शुभ मुहूर्त
हिंदू धर्म में प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। इस बार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी रविवार को पड़ने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। शिव पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में इस व्रत का विशेष महत्व बताया गया है।
मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना करने से परिवार में सुख-शांति, धन-धान्य और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने वाले भक्तों पर भोलेनाथ की विशेष कृपा बनी रहती है।
शुभ मुहूर्त
रवि प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की पूजा के लिए आज का प्रदोष काल शाम 7:16 बजे से रात 9:21 बजे तक रहेगा।
पूजा प्रारंभ: शाम 7:16 बजे
पूजा समाप्ति: रात 9:21 बजे
कुल शुभ अवधि: 2 घंटे 5 मिनट
इसी समय शिवलिंग का अभिषेक और पूजा करना सबसे शुभ माना गया है।
रवि प्रदोष व्रत की पूजा विधि
- प्रदोष काल से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थान को साफ करके भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण करें।
- शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल अर्पित करें।
- इसके बाद दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें।
- बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और अन्य पुष्प अर्पित करें।
- धूप और दीप जलाकर भगवान शिव की आराधना करें।
- प्रदोष व्रत की कथा का पाठ या श्रवण करें।
- महामृत्युंजय मंत्र या 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।
- अंत में शिव आरती के साथ पूजा संपन्न करें।
प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रवि प्रदोष व्रत रखने और प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। शिव कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। यही कारण है कि शिव भक्त इस व्रत को पूरे श्रद्धा भाव और विधि-विधान के साथ करते हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Daily News 24
Haribhoomi













