स्वस्थ बचपन की मजबूत नींव: बच्चों के सही विकास के लिए बेहद जरूरी ये 5 बातें
नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। बच्चों का सही शारीरिक और मानसिक विकास हर माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता होती है। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट बच्चों के सही विकास के लिए कुछ जरूरी बातों का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हैं, जिसे वे स्वस्थ बचपन की मजबूत नींव बताते हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन ने बढ़ते बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए पांच महत्वपूर्ण टिप्स जारी किए हैं। मिशन के अनुसार, उचित पोषण, साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण, पर्याप्त नींद और नियमित स्वास्थ्य जांच से बच्चे मजबूत, सक्रिय और स्वस्थ रह सकते हैं। बच्चों के विकास की मजबूत नींव उनके बचपन में ही रखी जाती है। इस दौरान अगर उन्हें संतुलित आहार, स्वस्थ आदतें और उचित देखभाल मिले तो उनका शारीरिक व मानसिक विकास सही दिशा में होता है।
नेशनल हेल्थ मिशन ने जनहित में इन पांच जरूरी टिप्स को अपनाने की अपील की है। इनमें पहला है साफ-सफाई को रोज की आदत बनाएं। इसके लिए बच्चों को हाथ धोने, नाखून काटने, साफ कपड़े पहनने और स्वच्छ वातावरण में रहने की आदत डालें। इससे संक्रमण और बीमारियों से बचाव होता है। दूसरा है संतुलित और पौष्टिक आहार, बच्चों के भोजन में दूध, फल, सब्जियां, अनाज, दालें और प्रोटीन युक्त चीजें शामिल करें। उचित पोषण उनके शारीरिक विकास, मस्तिष्क की कार्यक्षमता और ऊर्जा स्तर के लिए अत्यंत आवश्यक है।
तीसरी जरूरी बात है समय पर टीकाकरण करवाना। इसके लिए बच्चों को सभी जरूरी टीके समय पर लगवाएं। टीकाकरण गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है और बच्चे को स्वस्थ रखने में मदद करता है। चौथी जरूरी बात पर्याप्त नींद और आराम है।
बढ़ते बच्चों को रोजाना पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। अच्छी नींद उनके शारीरिक विकास, एकाग्रता और मूड के लिए बेहद जरूरी है। पांचवी जरूरी बात है नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना। बच्चों की समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराएं। इससे किसी भी समस्या का समय रहते पता चल जाता है और इलाज आसान हो जाता है।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
नेपाल की नई 'वेलनेस टूरिज्म' रणनीति, 2030 तक दस हजार पर्यटकों का लक्ष्य
काठमांडू, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में पर्वतारोहण, ट्रेकिंग और एडवेंचर टूरिज्म लंबे समय से पर्यटन उद्योग की पहचान रहे हैं, लेकिन अब नेपाली सरकार वेलनेस टूरिज्म को भी अपने मुख्य स्तंभों में शामिल करना चाहती है।
इसी उद्देश्य से संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ‘नेशनल वेलनेस टूरिज्म स्ट्रैटेजी (2026-2035) और एक्शन प्लान (2026-2030)’ शुरू किया है। इसका मकसद नेपाल को वेलनेस, आध्यात्मिक और एडवेंचर टूरिज्म के लिए एक आकर्षक जगह बनाना है, ताकि पर्यटन उत्पादों में विविधता आए और प्रतिस्पर्धा बढ़े। देश का लक्ष्य है कि 2030 के बाद हर साल 10,000 से ज्यादा वेलनेस पर्यटक आएं और 20 से 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई हो।
वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नेपाल सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी है कि साल 2027 को ‘वेलनेस टूरिज्म ईयर’ के रूप में मनाया जाएगा। 15 अप्रैल को देश ने पहला ‘वर्ल्ड वेलनेस डे’ भी मनाया, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने घोषित किया है और इसमें नेपाल की बड़ी भूमिका रही।
इस रणनीति में चार मुख्य क्षेत्र शामिल हैं: स्पा और मसाज सेवाएं, आयुर्वेद क्लीनिक, योग व ध्यान और प्राकृतिक उपचार व आध्यात्मिकता।
योजना के अनुसार, नेपाल में कम से कम पांच प्रमुख जगहों पर इंटीग्रेटेड वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे और पर्यटकों की संतुष्टि बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा और ज्यादा से ज्यादा वेलनेस पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा। 2026-27 में पहले चरण में 500 से 1,000 विदेशी पर्यटकों को लाकर सुविधाओं का परीक्षण किया जाएगा। दूसरे चरण (2028-29) में सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा और 3,000 से 5,000 विदेशी पर्यटकों को लाने का लक्ष्य रखा गया है।
2030 के बाद इस रणनीति का लक्ष्य होगा कि नेपाल वेलनेस टूरिज्म के एक मजबूत और विकसित बाजार के रूप में उभरे और 10,000 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हर साल आने लगें।
इस रणनीति में 2027 तक वेलनेस टूरिज्म के लिए ब्रांड पहचान और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की भी योजना है। साथ ही ‘आरोग्य नेपाल’ (वेलनेस नेपाल) नाम से एक मार्केटिंग कैंपेन शुरू किया जाएगा। इसके अलावा एक कोड ऑफ कंडक्ट भी लागू किया जाएगा और 2027 के अंत तक नेशनल वेलनेस स्टैंडर्ड्स और नियम बनाए जाएंगे।
मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में वेलनेस टूरिज्म की बहुत बड़ी संभावनाएं हैं क्योंकि यहां की संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराएं और प्राकृतिक वातावरण बहुत खास हैं।
मंत्रालय ने कहा कि भले ही दुनिया में वेलनेस टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन नेपाल की पारंपरिक उपचार पद्धतियों और शांत प्राकृतिक जगहों का अभी पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुआ है।
सरकार का मानना है कि बढ़ती मांग को देखते हुए यह एक अच्छा मौका है कि सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए और इससे मौसम पर निर्भर एडवेंचर टूरिज्म और पारंपरिक सांस्कृतिक पर्यटन पर निर्भरता भी कम होगी।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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