तेलंगाना ने हैदराबाद में रीयल एस्टेट को बढ़ावा देने के लिए भवन निर्माण नियमों में किया संशोधन
हैदराबाद, 22 मार्च (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने निर्माण नियमों में संशोधन किया है, जिसके तहत हैदराबाद में बिल्डरों के लिए टीडीआर (ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स) के नियमों को आउटर रिंग रोड की सीमा तक ढील दी गई है।
सरकार ने बिल्डिंग निर्माण में ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) के उपयोग से जुड़े नियमों में लचीलापन बढ़ाने के लिए एक सरकारी आदेश जारी किया है।
टीडीआर के उपयोग, निर्माण मापदंडों में ढील और टीडीआर प्रावधानों के उपयोग को सुव्यवस्थित करने से आउटर रिंग रोड (ओआरआर) तक शहर में रीयल एस्टेट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास विभाग ने शासनादेश जारी करते हुए तेलंगाना बिल्डिंग नियम, 2012 में कई संशोधन पेश किए हैं।
सरकार ने रविवार को कहा कि ये आदेश विभिन्न हितधारकों से प्राप्त प्रस्तुतियों की समीक्षा के बाद जारी किए गए हैं, जिनका उद्देश्य टीडीआर के उपयोग को सुव्यवस्थित करना और निर्माण नियमों में लचीलापन बढ़ाना है। विचार-विमर्श के बाद, सरकार ने मौजूदा नियमों के तहत टीडीआर उपयोग को सरल बनाने और निर्माण मापदंडों में ढील देने के लिए संशोधनों को मंजूरी और अधिसूचित किया।
नई गाइडलाइन्स के तहत, 21 मीटर से ऊंची इमारतों को हाई-राइज वर्ग में रखा गया है।
750 से 2,000 वर्ग मीटर के भूखंडों में, 18 से 21 मीटर ऊँची इमारतें केवल टीडीआर के उपयोग के माध्यम से ही संभव होंगी, बशर्ते आवश्यक पार्किंग और अन्य नियमों का पालन किया जाए।
नई नियमावली में नॉन-हाई-राइज इमारतों के लिए टीडीआर के माध्यम से सेटबैक में ढील दी गई है।
हाई-राइज निर्माणों को टीडीआर के जरिए 10 प्रतिशत सेटबैक में छूट मिलेगी, बशर्ते चारों ओर कम से कम सात मीटर की दूरी बनी रहे।
2,000 वर्ग मीटर से बड़े भूखंड अब टीडीआर के माध्यम से अतिरिक्त मंजिलें प्राप्त कर सकते हैं। अतिरिक्त मंजिलें सड़क की चौड़ाई के आधार पर अनुमति दी जाएंगी।
40 फीट चौड़ी सड़क पर तीन अतिरिक्त मंजिलें, 60 फीट चौड़ी सड़क पर चार और 80 फीट चौड़ी सड़क पर पांच मंजिलें अनुमति के साथ बन सकती हैं।
--आईएएनएस
एमएस/डीपीबी/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अमेरिका विश्व ऊर्जा बाजार पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है: रूसी विदेश मंत्री
मॉस्को, 22 मार्च (आईएएनएस)। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने रूसी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अपना दबदबा बनाने की नीति अपना रहा है।
विदेश मंत्री लावरोव ने शनिवार को कहा, अमेरिका को सिर्फ अपने हितों की फिक्र है। वह अपनी समृद्धि बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहता है, चाहे वह तख्तापलट हो, अपहरण हो या उन देशों के नेताओं को निशाना बनाना हो जिनके पास वाशिंगटन के लिए अहम प्राकृतिक संसाधन हैं। यह पूरा मुद्दा तेल से जुड़ा हुआ है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लावरोव ने आगे कहा कि अमेरिका इस उसूल को मानता है कि उसके फायदे हमेशा अंतरराष्ट्रीय समझौतों से पहले आते हैं। अमेरिका ने पहले भी यूरोपीय एनर्जी बाजार में रूस को अलग-थलग किए जाने का स्वागत किया और करता रहेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस के साथ सहयोग करने के लिए अमेरिका को पहले रूस के पक्ष की इज्जत करनी होगी।
इससे पहले शुक्रवार को रूसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यूरोपीय नेता रूसी ऊर्जा संसाधनों को लगातार ठुकराकर जानबूझकर अपने देशों को संकट और ऊर्जा की कमी की स्थिति में धकेल रहे हैं।
मारिया जखारोवा ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक पोस्ट में कहा, यह कोई तकनीकी आपदा या कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है जो यूरोपीय यूनियन में वैश्विक संकट पैदा कर रही है, बल्कि यह उसके अपने नेताओं के फैसले हैं, जो बस हालात बदल रहे हैं।
शुक्रवार को, यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ईयू के निश्चित रुख की पुष्टि की। यह मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, यूरोप में गंभीर एनर्जी संकट की स्थिति में भी सदस्य देशों को रूसी प्राकृतिक गैस खरीदने से साफ तौर पर रोकता है।
हालाकि ईयू के इस रुख का कुछ सदस्य देशों ने विरोध किया था, जो रूस की एनर्जी सप्लाई पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं। हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने इस महीने की शुरुआत में ईयू से रूसी एनर्जी पर लगे बैन को रोकने की अपील की थी और चेतावनी दी कि तेल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई में रुकावटें इलाके की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं।
--आईएएनएस
केके/एएस
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