सुकून भरी नींद और स्वस्थ जीवन के लिए अपनाएं सात तरीके, नासा के 7 आसान उपाय
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। स्पेस में नींद को पूरा करना एक बड़ी चुनौती की तरह होता है अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर हर 90 मिनट में सूर्योदय और सूर्यास्त दिखाई देता है। इससे उनकी सर्कैडियन रिदम या प्राकृतिक घड़ी बिगड़ जाती है, जिससे नींद की कमी, थकान और गंभीर गलतियों का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसे में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा कुछ आसान उपाय को स्पेस में फॉलो करती है, ये तरीके अंतरिक्ष की चुनौतियों से निकले हैं, लेकिन पृथ्वी पर भी इन्हें अपनाक बेहतर नींद, तेज प्रतिक्रिया और स्वस्थ जीवन पा सकते हैं।
नासा के फ्लाइट सर्जन और वैज्ञानिक अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ऐसे 7 तरीकों को फॉलो करने की सलाह देते हैं, जो न केवल अंतरिक्ष में बल्कि पृथ्वी पर शिफ्ट वर्क करने वालों, जेट लैग से जूझने वालों या आम लोगों को भी बेहतर नींद दिलाने में मदद कर सकते हैं। नींद की कमी से मेटाबॉलिज्म डिसऑर्डर, हृदय रोग, पाचन की गड़बड़ी और कुछ गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं, इसलिए ये तरीके हर किसी के लिए उपयोगी हैं।
नासा के अनुसार, ये सात तरीके सर्कैडियन रिदम को बैलेंस रखने और नींद की गुणवत्ता बढ़ाने में कारगर साबित हुए हैं।
सोने-जागने का समय तय करें: सबसे प्रभावी तरीका है रोजाना एक ही समय पर सोना और जागना। शरीर को बदलाव के लिए पहले से तैयार करने से अनिद्रा और थकान कम होती है। समय सारिणी में प्रकाश, व्यायाम, आहार और जरूरत पड़ने पर नींद की दवाओं की जानकारी भी शामिल करें।
स्लीप एजुकेशन और ट्रेनिंग: नींद को प्रभावित करने वाले कारकों की जानकारी जरूरी है। शाम को डिजिटल स्क्रीन की ब्लू लाइट कम करें। सही समय पर व्यायाम करें और सोच-समझकर खाना चुनें। ये आदतें सर्कैडियन रिदम को बिगड़ने से बचाती हैं और स्वस्थ नींद को बढ़ावा देती हैं।
नींद के लिए बेहतर वातावरण बनाएं: नींद के लिए शांत, अंधेरा और ठंडा कमरा सबसे अच्छा होता है। अंतरिक्ष में निजी सोने के कमरे, आंखों पर मास्क, कान में प्लग और तैरने से रोकने वाले उपकरण इस्तेमाल होते हैं। पृथ्वी पर भी शोर कम करें, तापमान 18-22 डिग्री रखें और आरामदायक बिस्तर चुनें।
रोशनी का सही इस्तेमाल करें :आईएसएस पर सॉलिड-स्टेट लाइटिंग से रोशनी का रंग और तीव्रता बदलकर दिन-रात का भ्रम पैदा किया जाता है। सुबह तेज रोशनी सतर्कता बढ़ाती है, शाम को हल्की और नीली रोशनी कम करने वाली लाइट नींद लाती है। घर पर भी सुबह धूप लें और शाम को स्क्रीन टाइम घटाएं।
ओवर-द-काउंटर दवाओं का सहारा लें : डॉक्टर की सलाह से मेलाटोनिन (प्राकृतिक हार्मोन) या कैफीन का इस्तेमाल सर्कैडियन रिदम ठीक करने में मदद करता है। मेलाटोनिन असामान्य समय पर नींद लाने में कारगर है।
स्लीप कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी) अपनाएं : सोने से पहले मन में आने वाले परेशान करने वाले विचारों को दूर करने के लिए सीबीटी तकनीकें बहुत उपयोगी हैं। ये दिन की घटनाओं से निपटना, रिलैक्सेशन, नींद की स्वच्छता और अच्छी आदतें बनाने में मदद करती हैं।
जरूरत पड़ने पर दवाइयों का इस्तेमाल : अन्य तरीके काम न करने पर क्रोनोबायोलॉजिक, हिप्नोटिक या अलर्टनेस बढ़ाने वाली दवाओं का सहारा लिया जा सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना न लें ताकि सुरक्षित और प्रभावी रहें।
--आईएएनएस
एमटी/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच कतर में अस्थायी निकासी जारी, निर्देशों का पालन करने की सलाह
दोहा, 14 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को देखते हुए कतर के गृह मंत्रालय ने शनिवार को बड़ी जानकारी दी। कतर के गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मंत्रालय स्पष्ट करता है कि पहले घोषित किए गए अस्थायी एहतियाती निकासी उपाय केवल निर्दिष्ट क्षेत्रों के उन निवासियों पर लागू होते हैं, जिन्हें राष्ट्रीय चेतावनी प्रणाली के माध्यम से जानकारी हुई है। प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि कुछ लोगों ने सुरक्षा खतरा टलने तक अपनी मर्जी से सुरक्षित स्थानों पर जाने का विकल्प चुना है।
मंत्रालय यह भी जानकारी दी कि अस्थायी एहतियाती निकासी के दायरे में आने वाले व्यक्ति सहायता की आवश्यकता होने या किसी भी पूछताछ के लिए 40442999 पर संपर्क कर सकते हैं। मंत्रालय ने सभी से आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेने और सक्षम अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त रूप से जब ईरान पर हमला किया तो ईरान ने अमेरिका को जवाब देने के लिए कतर में अमेरिकी बेस अल-उदीद एयर बेस पर मिसाइल दागी। कतर में अल उदीद एयर बेस मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है। ईरान ने अमेरिका के इसी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था। कतर की एयर डिफेंस ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों में से ज्यादातर को इंटरसेप्ट कर लिया था, लेकिन शार्पनेल से 16 लोग घायल हुए।
ईरान की ओर से निशाना बनाने पर कतर ने प्रतिक्रिया दी थी। कतर ने इन हमलों को अनुचित, संप्रभुता का उल्लंघन और खतरनाक एस्केलेशन बताया था।
पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत सरकार नागरिकों की सुरक्षित वापसी में लगी हुई है। 12 मार्च को कतर से करीब 700 नागरिक देश पहुंचे। वहीं, रियाद के लिए भारतीय एयरलाइंस की उड़ानें शुरू कर दी गईं। कतर में भारतीय दूतावास की जारी एडवाइजरी के अनुसार, लगभग 700 भारतीय नागरिक दो कतर एयरवेज की उड़ानों से रवाना हुए। एक उड़ान दिल्ली और दूसरी मुंबई के लिए थी, जबकि कुछ यात्री अन्य गंतव्यों पर गए। आने वाले दिनों में कतर एयरवेज की रोजाना एक-दो उड़ानें भारत के लिए चलने की संभावना है।
--आईएएनएस
एसडी/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation





















