Ali Khamenei Killed: बैठक तो एक बहाना था! ईरान को उलझाकर इजरायल खामेनेई को टार्गेट करने की कर रहा था तैयारी
Ali Khamenei Killed: परमाणु मामले और प्रतिबंधों पर ईरान और अमेरिका के बीच बीते कई हफ्तों से बैठकों का दौर जारी था. शनिवार को अंतिम बैठक होने की तैयारी चल रही थी कि तभी इजरायल ने दिन के वक्त ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया. इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयोतोल्लहा अली खामेनेई के घर पर भी अटैक किया. यहां पर सात मिसाइलें दागी गईं. हालांकि इस दौरान इमारत में खामेनेई के न होने की पुष्टि की गई थी. मगर भारतीय समय अनुसार, शनिवार देर रात को इजरायल ने दाव किया कि हमले में खामेनेई और उनके परिवार के सदस्य मारे गए हैं. बताया जा रहा है कि खामेनेई के दफ्तर काे टार्गेट बनाकर हमला किया गया.
खास रणनीति के तहत हमला
अब सवाल उठता है कि अगर अमेरिका और ईरान में बातचीत का दौर चल रहा था तो अचानक यह हमला क्यों किया गया? इसे लेकर सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि बैठक सिर्फ एक बहाना था ताकि ईरान को बातचीत में उलझाया जा सके और ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके खास कामांडरों की सही लोकेशन का पता लगाया जा सके. इस दौरान खास रणनीति के तहत यह हमला किया गया है.
बिल्कुल भी तैयार नहीं था ईरान
इस बार हमला दिन में किया गया, जिसकी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी. स्थानीय समयानुसार 8:15 बजे यह सुबह के वक्त स्ट्राइक की गई. इससे पहले इजरायल ने ईरान पर सभी हमले रात में किए थे. जून 2025 और अक्टूबर 2024 में आधी रात को हमला किया गया था. ईरान अचानक हुए हमले के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं था.
ईरान की पूरी एयर डिफेंस व्यवस्था को रात के लिए तैयार किया गया था. मगर इस बार इजरायल ने दिन के उजाले में हमला किया. यह निशाना इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था बल्कि एक बैठक थी. इस हमले में खामेनेई और पेजेश्कियन को टार्गेट किया गया.
इजरायल ने किस तरह की तैयारी
इजरायल अमेरिका की आड़ में बड़े हमले की तैयारी में काफी पहले से लगा हुआ था. इससे पहले भी हुए हमले में भी उसका निशाना खामेनेई ही थे. उसकी हमेशा से रणनीति रही है कि सुप्रीम लीडर को खत्म करके पूरे युद्ध का रुख पलट दिया जाए. ईरान पर पिछली बार भी इसी रणनीति पर काम हुआ था. मगर खामेनेई बच निकलने में सफल हुए थे. अमेरिका ने इस बार समय लिया और ईरान से बातचीत की पेशकश रखी. इस तरह इजरायल को खामेनेई और उनके कमांडरों की सही लोकेशन और हमले की रणनीति पर काम करने सयम मिला. बाद में एक खास मीटिंग को निशाना बनाया गया. इजरायल ने रात का इंतजार नहीं किया. उसने दिन में ही हमला कर दिया, जिसमें उसे सफलता मिली.
ईरान को मिला नया कमांडर इन चीफ, ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहिदी ने संभाली कमान
तेहरान, 1 मार्च (आईएएनएस)। इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने ऑपरेशन रोअरिंग लॉयन के तहत ईरान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में जनरल मोहम्मद पाकपुर समेत इजरायल के कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया है। इस बीच ईरान को इसका नया कमांडर-इन-चीफ मिल गया है।
ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को नया कमांडर-इन-चीफ बनाया गया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया है।
आईआरजीसी ने रविवार को घोषणा की कि अनुभवी सैन्य अधिकारी अहमद वहीदी पहले रक्षा और गृह मंत्री थे। अपनी औपचारिक नियुक्ति से पहले वहीदी छह महीने तक अंतरिम प्रमुख के रूप में काम कर रहे थे।
हालांकि, ईरानी अधिकारियों की तरफ से अब तक इस नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह बताया गया है कि यह फैसला सीनियर मिलिट्री और पॉलिटिकल लीडर्स पर हाल ही में हुए हमलों के बाद देश के कमांड स्ट्रक्चर में बड़ी गड़बड़ी के बीच आया है।
आईआरजीसी इस्लामिक रिपब्लिक की सुरक्षा और विदेशों में ईरान का असर बढ़ाने के लिए जिम्मेदार एक एलीट फोर्स है। यह तेहरान की सुरक्षा रणनीति और क्षेत्रीय ऑपरेशनों का एक अहम हिस्सा बना हुआ है।
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी ईरान के शहर मिनाब में लड़कियों के एक एलिमेंट्री स्कूल पर अमेरिका-इजरायल हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 148 हो गई है। हमला शनिवार को हुआ था और मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह स्कूल पहले बेस का हिस्सा था, लेकिन सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि दोनों जगहें कम से कम 2016 से अलग हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, आईआरजीसी का कहना है कि वह ईरान पर अमेरिका और इजरायल की बमबारी का बदला लेने के लिए हमलों का छठा राउंड चला रहा है। आईआरजीसी ने इस इलाके में इजरायल और अमेरिकी मिलिट्री बेस पर “बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन” हमले किए हैं।
उसने कहा कि 27 अमेरिकी बेस, साथ ही इजरायली तेल नोफ एयरबेस, तेल अवीव में हाकिर्या में इजरायली सेना का कमांड हेडक्वार्टर, और उसी शहर में एक बड़े डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स पर हमला किया गया। आईआरजीसी ने आगे कहा कि ईरानी सेना “बदले का एक अलग और कठोर कदम उठाएगी।
--आईएएनएस
केके/एएस
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