ईरान तेल अवीव पर मिसाइलें दागी है। आईडीएफ के हेड क्वार्टर को हिट किया है। ईरान ने 27 ठिकानों को टारगेट किया है इजराइल के जिसमें आईडीएफ का हेड क्वार्टर भी शामिल है। यानी कि बैलेस्टिक मिसाइलों का जखीरा ईरान बिल्कुल खोल चुका है। और खासतौर पर आईडीएफ आईडीएफ को इजराइल डिफेंस फोर्स को उसके हेड क्वार्टर को उसने टारगेट किया था। आईआरजीसी के हेड क्वार्टर को इजराइल ने हिट किया था और यह उसका बड़ा बदला है। राजधानी तेल अवीव में भी कई ठिकानों को टारगेट किया गया। 27 ऐसी जगह हैं ईरान की तरफ से जो टारगेट की गई है इजराइल में और इसमें सबसे इंपॉर्टेंट बदला लेने की भावना से आईडीएफ का हेड क्वार्टर जो है वो टारगेट किया गया है।
मामला सिर्फ और सिर्फ बैलेस्टिक मिसाइलों तक ही नहीं रहा है। अब एयरक्राफ्ट भी ईरान झोंक चुका है। अगर इजराइल की वायु सीमा के अंदर ईरान का विमान घुस रहा है। इसका मतलब ईरान अब चाहता है कि अब इस हमले को और ज्यादा तेज़ किया जाए इजराइल पर। सबसे बड़ा पहलू यह है कि इजराइल पर ईरान के हमले लगातार दिख रहे हैं। कल काउंटर एक्शन दिखा। रात भर मिसाइलों को फायर किया गया और अब सबसे बड़ा अपडेट ये है कि ईरान का एक विमान जो है वो इजराइली एक्सप्रेस में है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ (विशेषज्ञों की सभा) नये सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है। कानून के अनुसार, ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ को जल्द से जल्द नये सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा।
सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने अमेरिका और इज़राइल के हमलों के जवाब में जवाबी हमलों की छठी लहर शुरू की है। आईआरजीसी ने कहा कि उसने पूरे क्षेत्र में इज़राइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर "व्यापक मिसाइल और ड्रोन" हमले किए। उसने दावा किया कि 27 अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें इज़राइल का तेल नोफ हवाई अड्डा, तेल अवीव के हकीरिया स्थित इज़राइली सेना का कमांड मुख्यालय और शहर में एक प्रमुख रक्षा औद्योगिक परिसर शामिल हैं। गार्ड्स ने चेतावनी दी कि ईरानी सेना "बदले का एक अलग और गंभीर चरण" शुरू करेगी और आगे कई "अफसोसजनक" जवाबी हमले करने की कसम खाई।
तेहरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख लारीजानी का दावा
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने अमेरिका के साथ संयुक्त हमले के बाद इजरायल पर ईरान को विभाजित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। फ़ार्स सरकारी समाचार एजेंसी द्वारा प्रकाशित एक बयान में, लारीजानी ने कहा कि इजरायली शासन के पास अपने अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए बड़े देशों को विभाजित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
इजरायल के रक्षा मंत्री ने खामेनेई की हत्या पर खुशी जताई
इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या करने वाले हमलों के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और देश की सेना को बधाई दी है। काट्ज़ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि जिसने इजरायल को नष्ट करने की कोशिश की, वह नष्ट हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि न्याय मिल गया है और बुराई की धुरी को करारा झटका लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल "पूरी ताकत से कार्रवाई करना जारी रखेगा, जो इस ऑपरेशन के बाद सरकार के कड़े रुख का संकेत है।
ऐसी ताकत का इस्तेमाल करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई, ट्रंप की नई चेतावनी
सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान द्वारा 'कड़ी सजा' की चेतावनी देने के कुछ घंटों बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वाशिंगटन तेहरान पर ऐसी ताकत से हमला करेगा जो पहले कभी नहीं देखी गई। संयुक्त राज्य अमेरिका ने शनिवार को ईरानी ठिकानों के खिलाफ कई तरह के हथियार तैनात किए, जिनमें टोमाहॉक क्रूज मिसाइलें, स्टील्थ लड़ाकू विमान और, युद्ध में पहली बार, ईरानी डिजाइन पर आधारित कम लागत वाले एकतरफा हमलावर ड्रोन शामिल हैं।
India's Probable 11 vs West Indies: भारत टी20 विश्व कप के सुपर-8 राउंड के अपने आखिरी मैच में वेस्टइंडीज से भिड़ेगा। मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डेंस स्टेडियम में खेला जाएगा। वेस्टइंडीज इस टी20 विश्व कप में यहां दो मैच खेल चुका है। लेकिन भारत टूर्नामेंट का अपना पहला मैच यहां खेलेगा। ऐसे में भारत के लिए पिच और यहां की कंडीशंस से तालमेल बैठाना चुनौती होगा। ऊपर से मुकाबला एक तरह से वर्चुअल क्वार्टर फाइनल है, जो टीम जीतेगी, वो सेमीफाइनल में जाएगी और हारने वाली टीम का सफर खत्म हो जाएगा। ऐसे में सवाल यही है कि कैरेबियाई टीम की चुनौती से पार पाने के लिए भारत इस हाई वोल्टेज मैच में किस प्लेइंग-11 के साथ उतरेगा।
जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में भारतीय टीम मैनेजमेंट ने बैटिंग ऑर्डर में बड़ा बदलाव किया है। ईशान किशन के स्थान पर संजू सैमसन ने अभिषेक के साथ पारी की शुरुआत की थी और संजू ने अच्छी शुरुआत दिलाई थी। तिलक वर्मा भी छठे नंबर पर बैटिंग के लिए उतरे थे। भारत के लिए ये बदलाव काम कर गया। अभिषेक ने जहां अर्धशतक ठोका, वहीं, मैच फिनिशर की भूमिका निभाते हुए तिलक वर्मा ने 16 गेंद में 44 रन ठोके और भारत 256 रन का स्कोर खड़ा करने में सफल रहा।
टीम इंडिया की बैटिंग तो पटरी पर लौटती दिख रही। लेकिन, गेंदबाजी कमजोर नजर आ रही। कम से कम छठे गेंदबाज के विकल्प ने परेशानी बढ़ा रही है। जिम्बाब्वे के खिलाफ भी हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे दोनों महंगे साबित हुए थे। दोनों ने मिलाकर 5 ओवर गेंदबाजी की थी और उसमें 67 रन दिए थे और सिर्फ 1 ही विकेट ले पाए थे। ऐसे में शिवम गेंदबाजी में कमजोर कड़ी साबित हो रहे। मुकाबला ईडन गार्डेंस में है और वहां का विकेट बल्लेबाजी के लिए मुफीद है और वेस्टइंडीज के पास पावर हिटर्स की भरमार है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में 80 रन के भीतर 7 विकेट गंवाने के बावजूद वेस्टइंडीज ने 170 रन से अधिक का स्कोर खड़ा कर इसे साबित किया है।
दूसरी ओर, भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल भी विकेट लेने में संघर्ष करते दिख रहे। ऐसे में विकेट दिलाने की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप पर आ जा रही।
ईडन गार्डन्स की पिच से स्पिन गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। ऐसे में ये सवाल है कि क्या गेंदबाजी को मजबूत करने के लिए कुलदीप यादव को मौका दिया जा सकता है। कुलदीप ने अबतक केवल एक ही मुकाबला खेला है। अब सवाल है कि कुलदीप की जगह किसके स्थान पर बनेगी। क्या फिर उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर किया जाएगा या शिवम दुबे के स्थान पर उन्हें प्लेइंग-11 में लाया जा सकता। हालांकि, कुलदीप को अगर टीम में लाया जाता है तो भारतीय बल्लेबाजी की गहराई कम होगी। ऐसे में भारतीय टीम मैनेजमेंट करो या मरो के मैच में इस तरह का जोखिम शायद ही ले और पुराने विनिंग कॉम्बिनेशन के साथ ही उतरे।
रिंकू सिंह टीम से जुड़ तो गए हैं लेकिन अब उनका प्लेइंग-11 में शामिल होना मुश्किल दिख रहा। रिंकू को शामिल करने के लिए अक्षर या शिवम में से किसी को बाहर करना होगा, जिससे गेंदबाजी में विकल्प कम हो जाएगा।