ईरान को मिला नया कमांडर इन चीफ, ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहिदी ने संभाली कमान
तेहरान, 1 मार्च (आईएएनएस)। इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने ऑपरेशन रोअरिंग लॉयन के तहत ईरान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में जनरल मोहम्मद पाकपुर समेत इजरायल के कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया है। इस बीच ईरान को इसका नया कमांडर-इन-चीफ मिल गया है।
ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को नया कमांडर-इन-चीफ बनाया गया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया है।
आईआरजीसी ने रविवार को घोषणा की कि अनुभवी सैन्य अधिकारी अहमद वहीदी पहले रक्षा और गृह मंत्री थे। अपनी औपचारिक नियुक्ति से पहले वहीदी छह महीने तक अंतरिम प्रमुख के रूप में काम कर रहे थे।
हालांकि, ईरानी अधिकारियों की तरफ से अब तक इस नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह बताया गया है कि यह फैसला सीनियर मिलिट्री और पॉलिटिकल लीडर्स पर हाल ही में हुए हमलों के बाद देश के कमांड स्ट्रक्चर में बड़ी गड़बड़ी के बीच आया है।
आईआरजीसी इस्लामिक रिपब्लिक की सुरक्षा और विदेशों में ईरान का असर बढ़ाने के लिए जिम्मेदार एक एलीट फोर्स है। यह तेहरान की सुरक्षा रणनीति और क्षेत्रीय ऑपरेशनों का एक अहम हिस्सा बना हुआ है।
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी ईरान के शहर मिनाब में लड़कियों के एक एलिमेंट्री स्कूल पर अमेरिका-इजरायल हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 148 हो गई है। हमला शनिवार को हुआ था और मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह स्कूल पहले बेस का हिस्सा था, लेकिन सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि दोनों जगहें कम से कम 2016 से अलग हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, आईआरजीसी का कहना है कि वह ईरान पर अमेरिका और इजरायल की बमबारी का बदला लेने के लिए हमलों का छठा राउंड चला रहा है। आईआरजीसी ने इस इलाके में इजरायल और अमेरिकी मिलिट्री बेस पर “बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन” हमले किए हैं।
उसने कहा कि 27 अमेरिकी बेस, साथ ही इजरायली तेल नोफ एयरबेस, तेल अवीव में हाकिर्या में इजरायली सेना का कमांड हेडक्वार्टर, और उसी शहर में एक बड़े डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स पर हमला किया गया। आईआरजीसी ने आगे कहा कि ईरानी सेना “बदले का एक अलग और कठोर कदम उठाएगी।
--आईएएनएस
केके/एएस
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अमेरिकी युद्ध सचिव ने ईरान से संघर्ष 'समाप्त' करने का लिया संकल्प
वाशिंगटन, 1 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया है। इसे इतिहास का सबसे घातक, सबसे जटिल और सबसे सटीक हवाई अभियान बताते हुए तेहरान को व्यापक सैन्य परिणामों की चेतावनी दी गई है।
अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने इतिहास का सबसे घातक, सबसे जटिल और सबसे सटीक हवाई अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया है।
उन्होंने अमेरिका की कार्रवाई को ईरान के बातचीत से इनकार करने की प्रतिक्रिया बताया। उन्होंने कहा, “ईरानी शासन को मौका मिला था, फिर भी उन्होंने समझौता करने से इनकार कर दिया और अब वे इसके परिणाम भुगत रहे हैं।”
हेगसेथ ने ईरान पर दशकों से अमेरिका के प्रति शत्रुता रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “लगभग पचास वर्षों से ईरान अमेरिकियों को निशाना बना रहा है और उनकी हत्या कर रहा है। हमेशा अपने कट्टरपंथी उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए दुनिया के सबसे शक्तिशाली हथियार हासिल करने की कोशिश करता रहा है।”
उन्होंने कहा, “कल रात, पिछले किसी भी राष्ट्रपति के विपरीत, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कैंसर से निपटना शुरू कर दिया।” युद्ध सचिव ने एक व्यापक सैन्य लक्ष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा, “हम अमेरिकी जनता को निशाना बनाने वाली शक्तिशाली मिसाइलों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन मिसाइलों को ईरान के मिसाइल उत्पादन के साथ नष्ट कर दिया जाएगा।”
उन्होंने कहा, “ईरानी नौसेना को नष्ट कर दिया जाएगा और जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। हेगसेथ ने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन उकसावे का जवाब दे रहा है। उन्होंने कहा, “अमेरिका ने इस संघर्ष की शुरुआत नही की लेकिन हम इसे खत्म करेंगे।”
उन्होंने तेहरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “अगर आप दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों की हत्या करते हैं या उन्हें धमकाते हैं, जैसा कि ईरान ने किया है तो हम आपका पीछा करेंगे और आपको मार डालेंगे।”
हेगसेथ ने इस अभियान में शामिल अमेरिकी बलों की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा, “हमारे योद्धा दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं और वे अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।”
एक बयान में सेंटकॉम ने कहा कि “संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के निर्देश पर” यह अभियान पूर्वी समयानुसार सुबह 1:15 बजे शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य “ईरानी शासन के सुरक्षा तंत्र को ध्वस्त करना था, और उन स्थानों को प्राथमिकता देना था जो तत्काल खतरे का कारण बन सकते थे।”
लक्ष्यों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांड और कंट्रोल केंद्र, ईरानी वायु रक्षा क्षमताएं, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च स्थल और सैन्य हवाई अड्डे शामिल थे। “राष्ट्रपति ने साहसिक कार्रवाई का आदेश दिया है, और हमारे बहादुर सैनिक, नौसैनिक, वायुसैनिक, मरीन, गार्डियन और तटरक्षक बल के जवान इस आह्वान का जवाब दे रहे हैं।
सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि ऑपरेशन के शुरुआती घंटों में वायु, भूमि और समुद्री प्लेटफार्मों से सटीक गोलाबारी की गई। इसने यह भी पुष्टि की कि सेंटकॉम के टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक ने युद्ध में पहली बार कम लागत वाले एकतरफा हमलावर ड्रोन का इस्तेमाल किया।
बयान में कहा गया है कि अमेरिका और सहयोगी देशों के शुरुआती हमलों के बाद, सेंटकॉम बलों ने “सैकड़ों ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सफलतापूर्वक बचाव किया।”
--आईएएनएस
पीयूष
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