India vs West Indies: वेस्टइंडीज है उलटफेर का उस्ताद, 5 वजहों से टीम इंडिया को रहना होगा होशियार
India vs West Indies: भारत की टी20 विश्व कप के सुपर-8 राउंड के आखिरी मैच में कोलकाता के ईडन गार्डेंस में वेस्टइंडीज से टक्कर है। जो टीम ये मुकाबला जीतेगी, वो सीधे सेमीफाइनल में जाएगी और हारने वाली टीम का सफर खत्म हो जाएगा। यानी दोनों ही टीमों के लिए ये मुकाबला करो या मरो वाला है और एक-एक गेंद की कीमत है।
कागज पर को डिफेंडिंग चैंपियन भारत ही फेवरेट है लेकिन, ये भी उतना ही सच है कि भारतीय टीम अब तक घर पर खिताब बचाने वाला भरोसा नहीं जगा पाई है। टीम के खेल में कई कमियां नजर आईं हैं, जिन्हें वेस्टइंडीज भुना सकता है। वैसे भी, कैरेबियाई टीम इस फॉर्मेट में उलटफेर की उस्ताद है और पहले भी अपना जलवा दिखा चुकी है। भारत को 5 वजहों से वेस्टइंडीज को हल्के में लेने से बचना होगा। आइए जानते हैं।
वेस्टइंडीज की सबसे बड़ी ताकत पावर हिटिंग
कैरेबियाई टीम की सबसे बड़ी ताकत है उनकी पावर-हिटिंग और लंबी बैटिंग लाइन-अप। इंग्लैंड के खिलाफ मैच याद कीजिए। 2 ओवर में दो विकेट गिर गए थे। फिर भी टीम 196 तक पहुंच गई। शेरफेन रदरफोर्ड ने 42 गेंद में नाबाद 76 रन ठोककर मैच पलट दिया। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 में 83/7 की हालत थी। वहां से रोमारियो शेफर्ड और जेसन होल्डर ने 59 गेंद में 89 रन जोड़ दिए और स्कोर 176 तक ले गए। मतलब साफ है कि ये टीम आखिरी गेंद तक मैच में रहती है।
भारत की मिडिल ओवर में गेंदबाजी कमजोर
भारत की सबसे बड़ी चिंता मिडिल ओवर्स की गेंदबाजी है। वरुण चक्रवर्ती और हार्दिक पांड्या अभी तक असरदार नहीं रहे। कई बार छठे गेंदबाज के तौर पर शिवम दुबे को लाना पड़ा, लेकिन उन्होंने हालात और बिगाड़े। साउथ अफ्रीका के खिलाफ 20/3 से दक्षिण अफ्रीका की टीम 187 के स्कोर तक पहुंच गई। जिम्बाब्वे के खिलाफ दुबे ने दो ओवर में 46 रन दे दिए। अगर ये कमजोरी आज भी दिखी, तो वेस्टइंडीज के हिटर मौका नहीं छोड़ेंगे।
2016 वर्ल्ड कप में भारत को वेस्टइंडीज हरा चुका
2016 टी20 वर्ल्ड कप की यादें भी ताजा हैं। मुंबई के वानखेड़े में भारत ने सेमीफाइनल में 192/2 बना दिए थे। सबको लगा मैच जेब में है लेकिन लेंडल सिमंस ने 82* ठोककर खेल पलट दिया। भारतीय फैंस आज भी वो रात नहीं भूले हैं।
ईडन गार्डेंस का इतिहास भी वेस्टइंडीज के साथ
और ईडन गार्डन्स का इतिहास भी वेस्टइंडीज के साथ खड़ा दिखता। 2016 के फाइनल में यहीं कार्लोस ब्रैथवेट ने आखिरी ओवर में बेन स्टोक्स को लगातार चार छक्के जड़कर ट्रॉफी दिलाई थी। ये मैदान उनके लिए लकी रहा है। खिलाड़ी जब आज मैदान पर उतरेंगे, वो पल जरूर याद आएंगे।
कोच के रूप में सैमी फैक्टर
डैरेन सैमी की मौजूदगी भी खास है। 2016 में वही कप्तान थे, अब हेड कोच हैं। बड़े मैचों का दबाव कैसे संभालना है, वो जानते हैं। उनकी सलाह और अनुभव टीम को मजबूत बना सकते हैं।
भारत के पास भी अनुभव और स्टार पावर है, लेकिन मुकाबला आसान नहीं होगा। छक्कों की बरसात बनाम मिडिल ओवर की रणनीति, यही असली जंग है और जो इस बाजी को जीतेगा, वही सेमीफाइनल खेलता नजर आएगा।
T20 World cup: 'ये पाकिस्तान की नहीं, माइक हेसन की टीम थी...' वर्ल्ड कप से बाहर होने पर बासित अली का बड़ा हमला
Basit Ali statement: पाकिस्तान के वर्ल्ड कप से बाहर होते ही पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने अपने यूट्यूब चैनल पर जमकर भड़ास निकाली। टीम के बाहर होने तक वो अपना पोस्टमार्टम शुरू कर चुके थे। निशाने पर चयनकर्ता, कोचिंग स्टाफ, टीवी पर बैठे पूर्व खिलाड़ी और पूरा क्रिकेट कल्चर रहा।
बासित अली ने साफ कहा, 'मुझे कोई पछतावा नहीं है और शर्माने की भी जरूरत नहीं।' लेकिन आंकड़े उनके पास थे। साहिबजादा फरहान और फखर जमान के बीच 176 रन की साझेदारी ने पाकिस्तान को मजबूत स्थिति में ला दिया था। बासित ने फरहान को टूर्नामेंट का पाकिस्तान का हीरो बताया। लेकिन फिर पांच ओवर में आठ विकेट और सिर्फ 49 रन। कहानी वहीं खत्म।
टीम ने खराब बल्लेबाजी की: बासित
उन्होंने कहा, 'जरा सोचिए, अगर आखिरी ओवरों में 36 की जगह 65 रन बन जाते तो पाकिस्तान सेमीफाइनल से बाहर नहीं होता।' हालांकि उन्होंने ये भी माना कि न्यूजीलैंड बेहतर टीम थी और सेमीफाइनल की ज्यादा हकदार थी। उन्होंने ज्यादा मेहनत की, उनका माइंडसेट मजबूत था।'
बाबर आजम पर भी हमला बोला
सबसे तीखा हमला बाबर आजम के इस्तेमाल पर रहा। बासित ने आरोप लगाया कि हेड कोच माइक हेसन ने बाबर को सार्वजनिक तौर पर कमजोर किया। बासित ने कहा, 'वो खुलेआम कह रहे हैं कि बाबर में पावरप्ले में इंटेंट नहीं है, स्ट्राइक रेट कम है। अगर वो दस ओवर धीमा खेलता है तो फिर उसे टीम में चुना ही क्यों गया? किसने चुना? और कोच से जवाब कौन मांगेगा?'
बाबर को नंबर चार पर खिलाना भी उन्हें गलत लगा। उन्होंने कहा कि मैं पहले भी कह चुका हूं, बाबर को नंबर चार पर मत खिलाओ। वो जगह उसके लिए नहीं है। अगर उसे नंबर तीन पर भी भरोसे से नहीं उतार सकते तो फिर इरादे ठीक नहीं थे।
उस्मान खान का जिक्र भी आया। भारत के खिलाफ 20-22 गेंद में 44 रन ठोकने के बाद उन्हें नीचे खिसका दिया गया। वो फेवरेट नहीं है, सच्चाई यही है।
अबरार अहमद की गैरमौजूदगी भी उनके गुस्से का कारण रही। बासित ने कहा, 'इंग्लैंड के खिलाफ हम हारे, अबरार नहीं थे। आज उस्मान तारिक पिटे लेकिन अबरार चाहिए था। मैं हर चीज नोट करता हूं, पन्ने भर जाएंगे।
टीवी पर बैठे पूर्व खिलाड़ियों पर भी उन्होंने तंज कसा। कहा, 'देश के लिए खेल चुके हो, कम से कम सही सलाह तो दो। शादाब खान को कप्तान बनाने की बात कर रहे हो, थोड़ी शर्म करो।'
बासित का बड़ा आरोप था कि ये टीम राष्ट्रीय टीम से ज्यादा फ्रेंचाइजी टीम लग रही थी। जब कोच टीम चयन में दखल देगा तो यही होगा। इसे पाकिस्तान की टीम मत कहो, इसे माइक हेसन की टीम कहो।
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