Smit Machhar से PM मोदी ने की Video Call, कैप्टन ने सुनाया अपना एक्सपीरियंस, बताया कहां से मिली हिम्मत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से बात की, उनकी बहादुरी की तारीफ़ की और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। फ़ोन पर बातचीत के दौरान, कैप्टन स्मित मच्छार ने अपने अनुभव के बारे में बताया और यह भी बताया कि उस घटना के समय उन्हें किस चीज़ से हिम्मत मिली। UAE में ठीक हो रहे कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर बात की और बताया कि उस डरावने पल के दौरान वे हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे।
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पीएम मोदी ने बहादुरी से लड़ने के लिए मच्छर की तारीफ़ की
घटना वाले दिन, पीएम मोदी ने मच्छर की बहादुरी की तारीफ़ की थी कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी से लड़ाई लड़ी और 9/11 जैसे एक और हमले को रोका। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के शताब्दी समारोह में बोलते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन मच्छर ने दुनिया को साहस का सबसे बड़ा उदाहरण दिखाया है। उन्होंने कहा कि अपनी जान की परवाह किए बिना, कैप्टन मच्छर बहादुरी से लड़े और 9/11 जैसे एक और हमले को होने से रोका। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीय कैप्टन मच्छर को सलाम करते हैं और उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि उन्होंने घायल कैप्टन के पिता, माँ और पत्नी से भी बात की। पीएम मोदी ने कहा उनका इलाज चल रहा है। आज पूरी दुनिया को उन पर गर्व है। मैं अपने देशवासियों से अपील करता हूँ कि वे स्मित की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना करें और हमारे भाई स्मित का सम्मान करें, जिन्होंने भारत का नाम रोशन किया है। गौरतलब है कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने बुधवार को इमरजेंसी सिग्नल भेजे थे और सऊदी अरब के तबुक शहर में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट की ओर मुड़ने से पहले 34,000 फीट की ऊंचाई से 17,000 फीट से ज़्यादा नीचे गोता लगाया था। इस फ्लाइट में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे।
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MEA का कहना है कि वह कैप्टन स्मित मच्छर की सेहत पर नज़र रखे हुए है
इस बीच, विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि वह कैप्टन स्मित मच्छर की सेहत पर बारीकी से नज़र रखे हुए है। कैप्टन स्मित मच्छर वही भारतीय पायलट हैं जिनकी तारीफ़ हो रही है क्योंकि उन्होंने फ्लाईदुबई की एक फ़्लाइट को तब बचाया जब उनके को-पायलट ने कथित तौर पर प्लेन को गिराने की कोशिश में उन पर चाकू से हमला किया था। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा, "हम भारतीय नागरिक और फ्लाईदुबई फ़्लाइट FZ 1073 के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की सेहत पर लगातार नज़र रखे हुए हैं।" मंत्रालय ने कहा, "सऊदी अरब के तबुक शहर के एक अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद, उन्हें अब आगे के इलाज और ठीक होने के लिए अबू धाबी भेज दिया गया है।
BREAKING! PM Modi Holds Telephonic Conversation With Brave Captain Smit Machchhar https://t.co/KqD384q84y
— ANI (@ANI) October 2, 2026
Green Energy Corridor 3 भारत की आर्थिक वृद्धि और क्षमता को गति देगा: Simon Stiell
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर संयुक्त राष्ट्र के जलवायु प्रमुख साइमन स्टील का कहना है कि हरित ऊर्जा गलियारा चरण-तीन (जीईसी-तीन) योजना एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भारत के लोगों और अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य 135 गीगावाट अक्षय ऊर्जा की निकासी के लिए बैटरी भंडारण क्षमता से युक्त अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली स्थापित करना है।
यह योजना ‘कर्टेलमेंट’ की समस्या से निपटने में भी मदद करेगी, जिसमें ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए ग्रिड संचालक अक्षय ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन सीमित कर देते हैं। इस पहल पर बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) के कार्यकारी सचिव स्टील ने कहा, ‘‘यह देश की बढ़ती अक्षय ऊर्जा क्षमता का दोहन करने में मदद करेगा, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बिजली उपलब्ध कराने, भारत की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने और वैश्विक सौर महाशक्ति के रूप में भारत की स्थिति को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बैटरी भंडारण भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि हासिल करने का एक रणनीतिक अवसर प्रदान करता है।’’ जीईसी-तीन योजना की कुल परियोजना लागत 1,86,405 करोड़ रुपये है। इसमें अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली के विकास के लिए 1,36,378 करोड़ रुपये और 50 गीगावाट-घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (बीईएसएस) के लिए 50,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।
योजना के तहत 54,082 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे अंतर-राज्यीय पारेषण शुल्क की भरपाई करने में मदद मिलेगी और बिजली की लागत को कम रखने में सहायता मिलेगी। स्टील ने कहा कि मजबूत बिजली ग्रिड और बैटरी भंडारण से विनिर्माण, निर्माण और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा वैश्विक स्तर पर अक्षय ऊर्जा और विद्युत प्रौद्योगिकी के तेजी से विस्तार के बीच भारत के अवसरों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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