Maharashtra AYUSH Admission 2026: BAMS, BHMS, BUMS समेत मेडिकल कोर्स में एडमिशन शुरू, 18 सितंबर तक करें रजिस्ट्रेशन
महाराष्ट्र में मेडिकल और AYUSH कोर्स में एडमिशन की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है। महाराष्ट्र स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) Cell ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए BAMS, BHMS, BUMS समेत कई AYUSH और Allied Medical Courses में दाखिले की सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
CET Cell ने पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने की सलाह दी है। इस एडमिशन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 18 सितंबर 2026 तय की गई है।
किन कोर्स में मिलेगा एडमिशन?
सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रक्रिया के तहत कई AYUSH और Allied Medical Courses को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से ये कोर्स हैं—
BAMS – Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery
BHMS – Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery
BUMS – Bachelor of Unani Medicine and Surgery
BPTH – Bachelor of Physiotherapy
BOTH – Bachelor of Occupational Therapy
BASLP – Bachelor of Audiology and Speech-Language Pathology
BP&O – Bachelor of Prosthetics and Orthotics
BNYS – Bachelor of Naturopathy and Yogic Sciences
NEET 2026 क्वालिफाई उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन
इन कोर्स में दाखिले के लिए NEET 2026 क्वालिफाई करने वाले और निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को CET Cell की एडमिशन प्रक्रिया के तहत निर्धारित समय में रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 18 सितंबर 2026 है। CET Cell ने पात्र छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपना आवेदन पूरा कर लें।
27 सितंबर को जारी होगी पहली मेरिट लिस्ट
रजिस्ट्रेशन और अन्य निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद CET Cell की ओर से पहली मेरिट लिस्ट 27 सितंबर 2026 को जारी की जाएगी। इसके बाद CAP Round 1 की प्रक्रिया के तहत आगे की एडमिशन प्रक्रिया पूरी होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे CAP का पूरा शेड्यूल ध्यान से देखें और हर चरण में निर्धारित तारीख का पालन करें।
ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन जरूरी
एडमिशन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को अपने सभी जरूरी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स की कलर स्कैन कॉपी एडमिशन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसके साथ ही दस्तावेजों के सत्यापन के लिए उम्मीदवार को निर्धारित डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सेंटर पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। रिजर्वेशन या किसी विशेष श्रेणी के तहत एडमिशन का दावा करने वाले उम्मीदवारों को संबंधित वैध प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करने होंगे।
PwD और EWS उम्मीदवारों के लिए जरूरी दस्तावेज
PwD (Persons with Disabilities) श्रेणी के उम्मीदवारों को मेडिकल बोर्ड की ओर से जारी वैध PwD Eligibility Certificate प्रस्तुत करना होगा। वहीं, EWS (Economically Weaker Section) श्रेणी का लाभ लेने वाले उम्मीदवारों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए वैध EWS Certificate जमा करना होगा।
18 सितंबर से पहले पूरा करें रजिस्ट्रेशन
CET Cell ने सभी पात्र उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे 18 सितंबर 2026 तक अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें। आवेदन के दौरान जरूरी दस्तावेज अपलोड करने और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के लिए निर्धारित निर्देशों का पालन करना होगा। इसके बाद CAP Round 1 के तहत आगे की प्रक्रिया होगी और पहली मेरिट लिस्ट 27 सितंबर 2026 को जारी की जाएगी।
Banking Tips: विदेश में NRI का भारतीय नंबर क्यों जरूरी, बैंकिंग में कौन सी अड़चन आ सकती
विदेश जाने के बाद नया मोबाइल नंबर लेना सबसे आसान काम लगता। भारतीय नंबर का इस्तेमाल कम हो जाता है और ज्यादातर बातचीत व्हाट्सऐप पर होने लगती, लेकिन दिक्कत तब आती है, जब भारत के बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करने हों और मोबाइल पर ओटीपी ही न आए।
कई एनआरआई के लिए भारत का मोबाइल नंबर आज भी बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड, निवेश और दूसरी वित्तीय सेवाओं से जुड़ा रहता। इसलिए विदेश जाने से पहले यह तय करना जरूरी है कि भारतीय नंबर आगे भी कैसे चालू रहेगा।
विदेश जाने से पहले भारतीय फोन नंबर चालू रखें
भारत से निकलने से पहले जांच लें कि आपके नंबर पर इंटरनेशनल रोमिंग सक्रिय है या नहीं। सिर्फ भारत में SIM का चलना इस बात की गारंटी नहीं है कि विदेश पहुंचने के बाद भी वह काम करेगा। प्रीपेड और पोस्टपेड कनेक्शन के नियम भी अलग हो सकते हैं।
अगर भारतीय नंबर का इस्तेमाल सिर्फ बैंक के ओटीपी और जरूरी एसएमएस के लिए करना है, तो रोजमर्रा के कॉल और इंटरनेट के लिए विदेशी SIM इस्तेमाल कर सकते हैं। भारतीय सिम को दूसरे स्लॉट या eSIM के रूप में चालू रखा जा सकता है, लेकिन यहां एक और बात जरूरी है। लंबे समय तक SIM का इस्तेमाल या रिचार्ज न करने पर नंबर बंद हो सकता है। हर टेलीकॉम कंपनी के नियम अलग हैं। इसलिए अपने प्लान की वैधता और रिचार्ज की शर्तें पहले ही जांच लें।
फोन पर अगर OTP नहीं आया तो क्या करें?
विदेश में OTP आने में कभी-कभी देरी भी हो सकती है। भारतीय SIM को विदेशी नेटवर्क से कनेक्ट होना पड़ता है। नेटवर्क न मिलने पर फोन रीस्टार्ट करें, उपलब्ध नेटवर्क को मैन्युअली चुनें और जांचें कि इंटरनेशनल रोमिंग चालू है या नहीं। सबसे बड़ी गलती यह है कि इन चीजों की जांच तब की जाए, जब पैसों का तुरंत ट्रांसफर करना हो।
विदेशी नंबर भी हो सकता है विकल्प
एनआरआई बैंकिंग में कई बैंक NRE और NRO खातों के लिए विदेशी मोबाइल नंबर की सुविधा देते हैं। लेकिन हर बैंक और हर सेवा के नियम एक जैसे नहीं हैं। कुछ सेवाओं में विदेशी नंबर काम कर सकता है, जबकि कुछ में भारतीय नंबर की जरूरत बनी रह सकती है।
इसलिए अपने बैंक से पहले ही पूछें कि विदेशी नंबर पर OTP, बैंकिंग अलर्ट और दूसरी सेवाएं मिलेंगी या नहीं। जहां संभव हो, मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग और ईमेल अलर्ट जैसे दूसरे विकल्प भी सक्रिय रखें।
नंबर बदलने से पहले पूरी सूची बनाएं
अगर भारतीय नंबर बंद करने जा रहे तो पहले उससे जुड़े सभी खातों की लिस्ट बनाएं। बैंक खाते के अलावा क्रेडिट कार्ड, डीमैट, म्यूचुअल फंड, बीमा, टैक्स खाते और दूसरी वित्तीय सेवाओं में भी यही नंबर दर्ज हो सकता है।
पुराना नंबर बंद होने से पहले सभी जरूरी जगह नया नंबर अपडेट करें। फोन या SIM खो जाए तो तुरंत टेलीकॉम कंपनी और जरूरत पड़ने पर बैंक को सूचना दें।
विदेश में रहते हुए भारतीय नंबर चालू रखना छोटी-सी सावधानी है, लेकिन इससे बैंकिंग की बड़ी परेशानी से बचा जा सकता। बेहतर है कि भारत छोड़ने से पहले ही तय कर लें कि भारतीय सिम रखना है, रोमिंग चालू करनी है या बैंक में विदेशी नंबर दर्ज कराना है।
(प्रियंका कुमारी)
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