उमंग सिंघार सहित कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने की सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात, विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की मांग
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल के आदिवासी प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने, आदिवासी क्षेत्रों के शासकीय संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने और रीवा में आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष की हत्या के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़े मुद्दों को पूरी गंभीरता से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से इन मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिला है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस के आदिवासी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर आदिवासी समाज से जुड़े तीन प्रमुख मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के सामने मांग रखी कि नौ अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राज्यस्तरीय सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों के शासकीय आईटीआई, छात्रावासों और स्वास्थ्य केंद्रों के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने तथा इन संस्थानों की व्यवस्थाओं को मजबूत करने का आग्रह किया। इसके अलावा रीवा में आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष की हत्या के मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
आदिवासी हितों के लिए जारी रहेगा संघर्ष
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से इन सभी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान और संवैधानिक हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी तथा आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
छतरपुर में हिंसक झड़प में बदला खेत से बालू रेत निकालने का विवाद, 4 घायल, पुलिस ने शुरू की जांच
छतरपुर में खेत से अवैध रूप से बालू रेत निकालने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खजवा में विवाद देखते-देखते हिंसक हो गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उन्होंने अपने खेत की जमीन से बालू निकालने का विरोध किया तो दबंगों ने गाली गलौज का जान से मारने की धमकी दी।
धमकी देने के कुछ देर बाद 30-35 लोगों की भीड़ लाठी डंडे लेकर उनके घर पहुंचे और परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान कट्टे से फायरिंग किए जानकारी भी सामने आ रही है। इस मामले में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस जांच कर रही है।
बालू रेत को लेकर हुआ विवाद
यह मामला दो पक्षों के बीच हुआ जहां एक पक्ष ने दूसरे को अपने खेत से अवैध रूप से बालू रेत निकालने से मना किया। पीड़ित नरेंद्र कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि जो वह लोग चाय पी रहे थे तभी कुछ लोग मौके पर पहुंच अचानक हमला कर दिया। हल्कईयां और रवि नामक शख्स ने कट्टे से गोलियां चलाई है जो पीड़ित के भाई पुष्पेंद्र के पैर में लगी है। वहीं अन्य लोगों ने भी मारपीट की है।
घायलों का इलाज जारी
इस मामले में पीड़ित पक्ष के पिता और दो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें इलाज के लिए छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विवाद के दौरान पीड़ित पक्ष के लोगों ने साहस दिखाते हुए हमला करने वाले लोगों से कट्टा छीन लिया था, जो उनके घर में सुरक्षित रखा हुआ है।
पुलिस का क्या कहना
इस मामले में एसपी रजत सकलेचा का कहना है कि सुबह खजवा से दो पक्षों में विवाद होने की जानकारी मिली थी। दोनों ही पक्षों की ओर से मारपीट की गई है। एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें एक शख्स गोली चल रहा है। मामले की जांच की जा रही है। घायलों का मेडिकल कराया जाने के बाद जो भी सामने आएगा। उस हिसाब से मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह भी सामने आया है कि एक व्यक्ति को गोली लगी है। ऐसे में डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर संवैधानिक कार्रवाई होगी।
सुबोध त्रिपाठी की रिपोर्ट।
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