'फ्री में खिलाओ 10 प्लेट बिरयानी,' जानें कोर्ट क्यों और कहां सुनाई ये अनूठी सजा
कई बार कोर्ट कुछ ऐसे किस्से आ जाते हैं जो सबका ध्यान आकर्षित कर लेते हैं. कई बार कोर्ट की ओर से ऐसी अनूठी सजा भी सुनाई जाती है जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान रह जाता है. ऐसा ही एक फैसला अदालत की ओर से सुनाया गया है. इसमें कोर्ट ने रेस्त्रा के मालिक को 10 प्लेट बिरयानी फ्री में खिलाने का आदेश दिया है. आप सोच रहे हैं आखिर ऐसा क्या मामला है और कहां का मामला है जिसमें ऐसा हुआ है. आइए जानते हैं.
क्या है पूरा मामला?
खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर उपभोक्ता अधिकारों की अहमियत एक बार फिर सामने आई है. पुडुचेरी के एक उपभोक्ता आयोग ने एक रेस्टोरेंट को ऐसा अनोखा आदेश दिया है, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया. मामला तब शुरू हुआ जब एक ग्राहक ने रेस्टोरेंट में परोसी गई चिकन बिरयानी में मृत कीड़ा मिलने की शिकायत की. ग्राहक ने इस घटना के फोटो और वीडियो सबूत भी जुटाए और न्याय की मांग करते हुए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया.
ग्राहक की शिकायत को मिला मजबूत आधार
शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि वह अपने मित्र के साथ रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था. भोजन के दौरान उसे बिरयानी में एक मृत कीड़ा दिखाई दिया. ग्राहक का कहना था कि यह न केवल भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है. घटना के बाद उसने कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंच गया.
रेस्टोरेंट की चुप्पी पड़ी भारी
मामले की सुनवाई के दौरान रेस्टोरेंट आयोग के सामने अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख सका. आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत तस्वीरें और वीडियो घटना की पुष्टि करते हैं. इसके अलावा रेस्टोरेंट ने एक मंच पर घटना के लिए खेद भी व्यक्त किया था, जिससे उसकी दलीलें कमजोर पड़ गईं. आयोग ने इसे खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सेवा में गंभीर कमी माना.
कोर्ट ने क्यों दिया 10 प्लेट बिरयानी का आदेश?
उपभोक्ता आयोग ने रेस्टोरेंट को ग्राहक को 10 हजार रुपये मुआवजा और 3 हजार रुपये मुकदमे का खर्च देने का निर्देश दिया. लेकिन सबसे दिलचस्प आदेश यह था कि रेस्टोरेंट को ग्राहक को 10 प्लेट ताजा हैदराबादी चिकन बिरयानी भी मुफ्त में देनी होगी. यह बिरयानी पांच लगातार रविवारों तक दो-दो प्लेट के हिसाब से परोसी जाएगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि भोजन पूरी तरह स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया हो.
उपभोक्ताओं के लिए क्या है संदेश?
यह फैसला सिर्फ एक ग्राहक को राहत देने तक सीमित नहीं है. यह उन सभी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश है जो खराब या असुरक्षित भोजन मिलने पर अक्सर शिकायत करने से बचते हैं. आयोग ने स्पष्ट किया कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. यदि किसी ग्राहक को असुरक्षित भोजन परोसा जाता है, तो वह कानूनी रूप से न्याय पाने का अधिकार रखता है.
खाद्य व्यवसायों के लिए चेतावनी
यह मामला रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस संचालकों के लिए भी एक सबक है. बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि स्वच्छता और गुणवत्ता भी ग्राहकों का विश्वास जीतने का सबसे बड़ा आधार बन चुकी है. उपभोक्ता आयोग का यह फैसला बताता है कि खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों को आर्थिक और कानूनी दोनों तरह की कीमत चुकानी पड़ सकती है.
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कंगना रनौत ने सीएम विष्णु देव साय का किया शुक्रिया, ‘भारत भाग्य विधाता’ के रियल हीरोज को सेलिब्रेट करने के मिशन को मिला सपोर्ट
Kangana Ranaut Thanked CM Vishnu Deo Sai: कंगना रनौत (Kangana Ranaut) स्टारर ‘भारत भाग्य विधाता’ (Bharat Bhagya Vidhata) 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए तैयार है. रिलीज़ से पहले कंगना और फिल्म की टीम पूरे देश में घूमकर उन असली हीरोज़ को सम्मान दे रही है, जो मुश्किल घड़ी में चुपचाप देश को संभालते हैं.
भुवनेश्वर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के बाद, यह खास कैंपेन 8 जून को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचा, जहां एक खास शाम पब्लिक सेक्टर और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के नाम रही. इस मौके पर कंगना रनौत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के रियल लाइफ हीरोज़ को उनके बेहतरीन काम के लिए ‘बैज ऑफ ऑनर’ देकर सम्मानित किया. यह शाम उन लोगों को सच्चा ‘भारत भाग्य विधाता’ मानने और सलाम करने के नाम रही.
असली हीरो संकट के समय आता है सामने
स्क्रीनिंग के दौरान कंगना ने कहा, “मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का दिल से धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने अपने व्यस्त समय में से वक्त निकालकर इस खास मौके का हिस्सा बने. यह सिर्फ एक फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं, बल्कि एक इमोशनल और इंस्पायरिंग सफर का अहम पड़ाव है. यह फिल्म हमें याद दिलाती है कि असली हीरो वो नहीं जो स्टेज या कैमरे के सामने दिखता है, बल्कि वो है जो संकट के समय दूसरों की रक्षा के लिए आगे आता है. आज मैं मेडिकल स्टाफ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, नर्सेस, मीडिया के साथी और समाज के हर उस कर्मयोगी को सलाम करती हूं जो यहां मौजूद हैं. मेरे लिए आप सभी ‘भारत भाग्य विधाता’ हैं, क्योंकि देश का निर्माण बड़े-बड़े खिताबों से नहीं, बल्कि ईमानदारी से निभाए गए कर्तव्यों से होता है.”
क्या बोले सीएम विष्णु देव साय
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की छत्तीसगढ़ में विशेष स्क्रीनिंग हो रही है. मैं उनका मां कौशल्या की धरती पर स्वागत करता हूं. यह हमारे लिए गर्व की बात है कि इस फिल्म के निर्देशक मनोज टापड़िया छत्तीसगढ़ के बेटे हैं. हम सभी जानते हैं कि 26/11 को मुंबई में क्या हुआ था—आतंकी हमला, कई जानें गईं. लेकिन उसी समय कामा अस्पताल के हेल्थकेयर वर्कर्स ने जिस तरह काम किया, उन्होंने कई लोगों की जान बचाई. फिर भी उनकी कहानी को उतनी पहचान नहीं मिली. अब कंगना खुद इस फिल्म में नर्स का किरदार निभाकर उनकी कहानी दुनिया के सामने ला रही हैं. हमारे आसपास कई लोग असाधारण काम करते हैं, लेकिन उनकी कहानियां सामने नहीं आ पातीं. यह भी गर्व की बात है कि फिल्म का टाइटल हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संबोधन से प्रेरित है.”
An emotional and proud moment for the entire team of Bharat Bhhagya Viddhaata as Padma Shri @KanganaTeam joined the Hon’ble Chief Minister of Chhattisgarh, Shri @vishnudsai, in Raipur today for a special screening of the film in the hometown of our writer-director, ##ManojTapadia pic.twitter.com/dHeR7Ajvgy
— Manikarnika Films Production (@ManikarnikaFP) June 8, 2026
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फिल्म की अलग-अलग शहरों की जा रही स्क्रीनिंग
देशभर में चल रही इस पहल के तहत फिल्म के मेकर्स अलग-अलग शहरों में खास स्क्रीनिंग कर रहे हैं, जहां समाज के उन फ्रंटलाइन वर्कर्स को बुलाया जा रहा है जो अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं. चाहे पुलिस हो, नर्सेस, वार्ड बॉय, अस्पताल के गार्ड, सफाई कर्मचारी या सिक्योरिटी स्टाफ—इस कैंपेन का मकसद उनके अथक योगदान को पहचान देना है, जो आमतौर पर सुर्खियों में नहीं आता.
रायपुर में कंगना और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्तिगत रूप से कई अनदेखे हीरोज़ को सम्मानित किया. जोगेश्वर कुमार धीवर, नारायण सिंह नायक, भुवनेश्वरी तिवारी, रोहिणी वर्मा, उर्मिला भगत, रोशनी, विजय शंकर कश्यप, मीना सिंह, ममता कपूर और मीना शर्मा को ‘भारत भाग्य विधाता’ के बैज देकर उनके वर्षों के योगदान के लिए सराहा गया.
12 जून को रिलीज होगी भारत भाग्य विधाता फिल्म
रायपुर के बाद यह ट्रिब्यूट टूर जोधपुर और दिल्ली समेत अन्य शहरों में जारी रहेगा, जहां कृतज्ञता, पहचान और सम्मान का यह संदेश आगे बढ़ाया जाएगा. डॉ. जयंतीलाल गड़ा (PEN स्टूडियोज़) द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म को PEN स्टूडियोज़, मणिकर्णिका फिल्म्स और परम्हंस क्रिएशन्स ने मिलकर बनाया है, साथ ही Eunoia Films LLP और Floating Rocks Entertainment Pvt. Ltd. का सहयोग है. फिल्म का वितरण Pen Marudhar द्वारा 12 जून 2026 को किया जाएगा.
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