Exaplainer: आखिर क्यों रूस और अमेरिका दोनों भारत के इतने करीब? जानें क्या हैं कारण
अमेरिका और रूस दोनों अपने आपको भारत के करीब बता रहे हैं. एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत को अपना खास दोस्त बताते हैं. वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी पुरानी दोस्ती की दुहाई दे रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि भारत की टैरिफ व्यवस्था लंबे वक्त से आलोचना होने के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है. वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के साथ रणनीति साझेदारी की सराहना करते हुए कहा कि नई दिल्ली मॉस्को के साथ सहयोग कम करने के लिए मजबूर करने की पश्चिमी देशों के प्रयास व्यर्थ की कोशिश है. उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्थिरता के लिए नुकसानदायक रहेगा. पुतिन ने भारत की आर्थिक वृद्धि और स्वतंत्र विदेश नीति की काफी सराहना की. उन्होंने कहा कि रूस और भारत अपने आर्थिक रिश्तों को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है.
भारत और रूस के संबंध
भारत और रूस के रिश्ते लंबे वक्त से मजबूत और रणनीतिक माने गए हैं. दोनों देशों के बीच सहयोग रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, व्यापार और कूटनीति क्षेत्रों में देखने को मिलता है. भारत और सोवियत संघ के रिश्ते 1950 के दशक से मजबूत होने शुरू हुए. 1971 में दोनों देशों के बीच “शांति और मैत्री संधि” हुई. इसे रिश्ते को नई मजबूती दी. 2000 में “रणनीतिक साझेदारी” का ऐलान हुआ. इसके बाद वार्षिक शिखर सम्मेलन शुरू हुए. रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा साझेदार है. भारत को अब तक खास हथियारों का जखिरा रूस की तकनीक पर आधारित हैं. इनके नाम इस प्रकार हैं. Su-30MKI लड़ाकू विमान, T-90 टैंक, ब्रह्मोस मिसाइल, INS विक्रमादित्य, S-400 मिसाइल प्रणाली आदि.
रूस से अन्य क्षेत्रों में हम सहयोग
रूस भारत को कच्चा तेल और गैस का निर्यात करता है. कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना रूस की मदद से विकसित हुआ है. अंतरिक्ष अनुसंधान और वैज्ञानिक तकनीक में दोनों देशों का सहयोग रहा है. गगनयान मिशन के लिए रूसी सहायता महत्वपूर्ण रही है. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग रहा है. BRICS, SCO, G20, संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर मिलकर काम करते हैं. रूस ने कई बार संयुक्त राष्ट्र में भारत का समर्थन किया है. भारत रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है. रूस-यूक्रेन युद्ध के बावजूद भारत ने संतुलित विदेश नीति अपनाई है.
क्या हैं चुनौतियां
- रूस का चीन के साथ बढ़ता सहयोग, भारत का अमेरिका और पश्चिमी देशों के संग बढ़ते रिश्ते.
- रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक दबाव है. इनसे भारत-रूस संबंधों के बीच नई चुनौतियां आई हैं.
- भारत और रूस के संबंध “विश्वास और रणनीतिक सहयोग” पर तय है. बदलती वैश्विक राजनीति के बाद दोनों देश रक्षा, ऊर्जा और कूटनीति में अहम साझेदार बन चुके हैं.
- भारत और अमेरिका के रिश्ते दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों में से एक है. दोनों देशों के रिश्ते समय के साथ कई उतार-चढ़ाव से गुजर रहे हैं. वर्तमान में ये रिश्ते रक्षा, व्यापार, तकनीक, शिक्षा और वैश्विक राजनीति के इलाकों में काफी मजबूत हैं.
भारत-अमेरिका के रिश्तों का इतिहास
स्वतंत्रता के बाद (1947–1990) शीत युद्ध के वक्त भारत ने गुटनिरपेक्ष नीति को अपनाया है. अमेरिका का झुकाव अक्सर पाकिस्तान की ओर रहा है. 1971 के भारत-पाक युद्ध और भारत के परमाणु परीक्षणों के बाद रिश्तों में तनाव आया था. 1991 के बाद भारत में आर्थिक उदारीकरण के बाद अमेरिका के साथ व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिला. 2005 में भारत-अमेरिका असैनिक परमाणु समझौता ने रिश्तों को नया मोड़ दिया.
वर्तमान रिश्तों में अहम क्षेत्र
अमेरिका भारत का एक अहम प्रमुख साझेदार है. अमेरिका भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है.आईटी, फार्मा, ऊर्जा और सेवा क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहा है.
मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैंः ट्रंप
हाल में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हालिया भारत के दौरे पर आए थे. दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के पर उन्होंने कहा,'हां, हम यह समझौता कर रहे हैं.' वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा था, ‘भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. इस वक्त प्रभावशाली आर्थिक वृद्धि दर प्रदर्शित कर रह है.’ उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले सालों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि रूस को भारत पर पश्चिमी देशों के उस दबाव में किसी तरह नकारात्मक प्रभाव दिखाई नहीं दिया है, जिसके तहत नई दिल्ली से रूस के संग अपने संबंध सीमित करने को कहा गया है. उनका मानना है कि ऐसी रणनीतियां उल्टा असर करेगी.
भारत को अपने पाले में लाने की कोशिश क्यों?
कूटनीतिक मोर्चे पर देखें तो अमेरिका और रूस दोनों प्रतिद्वंद्वी महाशक्तियों में हैं. भारत को अपने पाले में लाने का प्रयास करने का मुख्य कारण नई दिल्ली की 'रणनीतिक स्वायत्तता' की अडिग नीति है. अमेरिका और रूस दोनों ही यह समझते हैं कि भारत पर किसी एक पक्ष को चुनने को लेकर दबाव डालना या मजबूर करना उल्टा असर पड़ने वाला है. ऐसे में ट्रंप और पुतिन दोनों नई दिल्ली के संग अपने राष्ट्रीय हितों को साधने की कोशिश करते हैं. इसके साथ कूटनीतिक बातचीत का सहारा लेते हैं.
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World Environment Day: शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित से कुब्रा सैत तक, पर्यावरण संरक्षण को महत्व दे रहे ये सेलेब्स
World Environment Day: दुनिया भर में 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ बनाया जा रहा है. ये दिन हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है. ऐसे समय में जब स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है, बॉलीवुड के कई सितारे भी पर्यावरण जीवनशैली अपनाकर लोगों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं. खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अपनाना. जी हां, ये सितारे कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम उठा रहे हैं. आइए जानते हैं उन सेलेब्स के बारे में-
1. शाहरुख खान (Shahrukh Khan)
शाहरुख खान ने भारत मोबिलिटी एक्सपो 2023 में हुंडई आयोनिक 5 को पेश कर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दिया था. उनका ये कदम स्वच्छ परिवहन और प्रदूषण कम करने के महत्व को रेखांकित करता है.
2. रितेश देशमुख (Riteish Deshmukh)
रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा ने साल 2022 में बीएमडब्ल्यू iX इलेक्ट्रिक एसयूवी को अपने कार कलेक्शन का हिस्सा बनाया. ये फैसला उनके पर्यावरण के प्रति जागरूक नजरिए और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल को अपनाने की सोच को दर्शाता है.
3. कुब्रा सैत (Kubbra Sait)
कुब्रा सैत लंबे समय से पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल की समर्थक रही हैं. हाल ही में महिंद्रा XEV 9e इलेक्ट्रिक वाहन को अपनाकर उन्होंने इको-फ्रेंडली लाइफस्टाइल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है.
4. सुनील शेट्टी (Suniel Shetty)
सुनील शेट्टी भी इस लिस्ट में शामिल है. एक्टर ने एमजी कॉमेट ईवी को अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार के रूप में अपनाकर यह संदेश दिया कि छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते हैं.
5. माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit)
माधुरी दीक्षित ने टाटा नेक्सन ईवी डार्क एडिशन को अपनाकर पर्यावरण-अनुकूल लाइफस्टाइल को बढ़ावा दिया. उनका यह कदम भारत के विकसित हो रहे ईवी इकोसिस्टम को समर्थन देने की दिशा में प्रेरणादायक माना जाता है.
6. दीया मिर्जा (Diya Mirza)
पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जानी जाने वाली दीया मिर्जा ने बीएमडब्ल्यू iX इलेक्ट्रिक एसयूवी को अपनाकर एक बार फिर ग्रीन लाइफस्टाइल के समर्थन का संदेश दिया.
7. जैकलीन फर्नांडिस (Jacqueline Fernandez)
जैकलीन फर्नांडिस ने बीएमडब्ल्यू i7 के जरिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाया, जो आधुनिक तकनीक, लग्जरी और पर्यावरण-अनुकूल सोच का शानदार उदाहरण है.
8. कुणाल खेमू (Kunal Khemu)
कुणाल खेमू ने मर्सिडीज-बेंज जी-क्लास इलेक्ट्रिक को अपनाकर यह दिखाया कि आधुनिक प्रदर्शन और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकते हैं.
बता दें, इन बॉलीवुड सितारों का इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना सिर्फ एक व्यक्तिगत पसंद नहीं, बल्कि समाज को पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक मजबूत मैसेज भी है. ये साबित करता है कि सस्टेनेबिलिटी केवल एक चलन नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए एक आवश्यक जिम्मेदारी है.
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