Gujarat Govt: गुजरात में युद्धस्तर पर जारी कोर्सबुक्स का वितरण, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने से बचाने के लिए मुस्तैद सरकार
Gujarat Govt: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने से पहले गुजरात में स्कूली पाठ्यपुस्तकों का वितरण कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया है. गुजरात राज्य स्कूल पाठ्यपुस्तक मंडल के कार्यवाहक अध्यक्ष मनुभाई परावा ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा के नेतृत्व में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के सभी माध्यमों की पुस्तकों को समय पर छात्रों तक पहुंचाने के लिए स्पेशल कोशिश की जा रही हैय
कागज के आयात में ढाई से तीन महीने की देरी
उन्होंने कहा कि इस साल छात्रों के हित में नए विषय शामिल किए गए हैं. पुस्तकों का उत्पादन समय शुरू किया गया था. हालांकि, कुछ कानूनी प्रक्रियाओं और ईरान सहित विभिन्न देशों में जारी वैश्विक संघर्षों की वजह से कागज के आयात में करीब ढाई से तीन महीने की देरी हो गई. बावजूद इसके सरकार और पाठ्यपुस्तक मंडल ने ये सुनिश्चित किया कि पुस्तकों की कीमतों में कोई बढ़ोतरी न हो, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े.
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विद्यालयों में किताबें पहुंचाने की तैयारी
राज्य की निजी और गैर-अनुदानित स्कूलों के लिए पाठ्यपुस्तकें पहले ही वितरकों तक पहुंचा दी गई है. वहीं, सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शाला प्रवेशोत्सव से पहले सभी किताबें तालुका स्तर तक निशुल्क पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है.
छात्रों के भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध गुजरात सरकार
गुजरात सरकार ने डिजिटल व्यवस्था को मजबूत बनाया है. सभी माध्यमों की पाठ्यपुस्तकें ई-बुक के रूप में उपलब्ध करवा दी गई है, जिससे किसी भी दूरदराज वाले क्षेत्र में पुस्तक पहुंचने में देरी होने पर भी छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो. ये पहल दिखाती है कि गुजरात सरकार शिक्षा और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
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दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई पोर्टल पर साइबर हमलों को लेकर दर्ज की एफआईआर, डेटा पूरी तरह सुरक्षित
नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। सीबीएसई के पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर हुए लगातार साइबर हमलों के प्रयासों के बाद दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज की। बोर्ड की शिकायत पर पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है।
सीबीएसई ने शिकायत में बताया कि उसके पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल को निशाना बनाकर कई समन्वित और तकनीकी रूप से साइबर हमले किए गए। यह पोर्टल देशभर के लाखों छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी के माध्यम से छात्र अपने रिजल्ट के सत्यापन, पुनर्मूल्यांकन और अन्य पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं।
राहत की बात यह है कि इन हमलों के बावजूद सीबीएसई के किसी भी डेटा, सिस्टम या डेटाबेस में कोई सेंध नहीं लगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उसका पूरा डिजिटल ढांचा सुरक्षित है और किसी भी प्रकार का डेटा लीक या अनधिकृत पहुंच का मामला सामने नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार, 2 जून को जब सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई, उसी दिन से पोर्टल पर साइबर हमलों की कोशिशें शुरू हो गई थीं। पोर्टल सुबह 7 बजे से चालू हुआ था और लगातार हमलों के बावजूद पूरे दिन सामान्य रूप से काम करता रहा। छात्रों को किसी तरह की सेवा बाधा का सामना नहीं करना पड़ा।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हमलावर पोर्टल को अस्थिर करने, वैध उपयोगकर्ताओं की पहुंच बाधित करने और अनधिकृत रूप से जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहा था। सीबीएसई ने इन हमलों को राष्ट्रीय हित के लिए संभावित रूप से हानिकारक बताया है।
हमलों की गंभीरता और सुनियोजित तरीके को देखते हुए बोर्ड ने आईएफएसओ यूनिट से विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सीबीएसई ने बताया कि 24 घंटे निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की मदद से सभी हमलों को विफल कर दिया गया। इस दौरान आईआईटी कानपुर, आईआईटी मद्रास, डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम और केंद्र सरकार की अन्य साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने भी तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
--आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
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