World Environment Day: शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित से कुब्रा सैत तक, पर्यावरण संरक्षण को महत्व दे रहे ये सेलेब्स
World Environment Day: दुनिया भर में 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ बनाया जा रहा है. ये दिन हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है. ऐसे समय में जब स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है, बॉलीवुड के कई सितारे भी पर्यावरण जीवनशैली अपनाकर लोगों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं. खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अपनाना. जी हां, ये सितारे कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम उठा रहे हैं. आइए जानते हैं उन सेलेब्स के बारे में-
1. शाहरुख खान (Shahrukh Khan)
शाहरुख खान ने भारत मोबिलिटी एक्सपो 2023 में हुंडई आयोनिक 5 को पेश कर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दिया था. उनका ये कदम स्वच्छ परिवहन और प्रदूषण कम करने के महत्व को रेखांकित करता है.
2. रितेश देशमुख (Riteish Deshmukh)
रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा ने साल 2022 में बीएमडब्ल्यू iX इलेक्ट्रिक एसयूवी को अपने कार कलेक्शन का हिस्सा बनाया. ये फैसला उनके पर्यावरण के प्रति जागरूक नजरिए और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल को अपनाने की सोच को दर्शाता है.
3. कुब्रा सैत (Kubbra Sait)
कुब्रा सैत लंबे समय से पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल की समर्थक रही हैं. हाल ही में महिंद्रा XEV 9e इलेक्ट्रिक वाहन को अपनाकर उन्होंने इको-फ्रेंडली लाइफस्टाइल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है.
4. सुनील शेट्टी (Suniel Shetty)
सुनील शेट्टी भी इस लिस्ट में शामिल है. एक्टर ने एमजी कॉमेट ईवी को अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार के रूप में अपनाकर यह संदेश दिया कि छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते हैं.
5. माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit)
माधुरी दीक्षित ने टाटा नेक्सन ईवी डार्क एडिशन को अपनाकर पर्यावरण-अनुकूल लाइफस्टाइल को बढ़ावा दिया. उनका यह कदम भारत के विकसित हो रहे ईवी इकोसिस्टम को समर्थन देने की दिशा में प्रेरणादायक माना जाता है.
6. दीया मिर्जा (Diya Mirza)
पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जानी जाने वाली दीया मिर्जा ने बीएमडब्ल्यू iX इलेक्ट्रिक एसयूवी को अपनाकर एक बार फिर ग्रीन लाइफस्टाइल के समर्थन का संदेश दिया.
7. जैकलीन फर्नांडिस (Jacqueline Fernandez)
जैकलीन फर्नांडिस ने बीएमडब्ल्यू i7 के जरिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाया, जो आधुनिक तकनीक, लग्जरी और पर्यावरण-अनुकूल सोच का शानदार उदाहरण है.
8. कुणाल खेमू (Kunal Khemu)
कुणाल खेमू ने मर्सिडीज-बेंज जी-क्लास इलेक्ट्रिक को अपनाकर यह दिखाया कि आधुनिक प्रदर्शन और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकते हैं.
बता दें, इन बॉलीवुड सितारों का इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना सिर्फ एक व्यक्तिगत पसंद नहीं, बल्कि समाज को पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक मजबूत मैसेज भी है. ये साबित करता है कि सस्टेनेबिलिटी केवल एक चलन नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए एक आवश्यक जिम्मेदारी है.
आरबीआई द्वारा रेपो रेट स्थिर रखने से दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं बनी रहेंगी: विशेषज्ञ
नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा नीतिगत रेपो दर को अपरिवर्तित रखने का फैसला वित्तीय स्थिरता बनाए रखने पर केंद्रित है और इससे लंबी अवधि में आर्थिक विकास की संभावनाएं मजबूत बनी रहेंगी। यह बात अर्थशास्त्रियों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कही।
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और महासचिव डॉ. रंजीत मेहता ने कहा कि मौद्रिक नीति का यह फैसला अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद जोखिमों को ध्यान में रखते हुए संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताएं बढ़ी हैं, लेकिन आरबीआई के इस कदम ने मध्यम और दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं को बनाए रखने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है।
पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष राजीव जुनेजा ने कहा कि महंगाई अभी भी आरबीआई के निर्धारित लक्ष्य दायरे, यानी 4 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है, जिससे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था अब भी लचीली और मजबूत बनी हुई है।
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी कि आपूर्ति संबंधी झटके, ऊर्जा की ऊंची कीमतें और सामान्य से कमजोर मानसून आर्थिक विकास की रफ्तार को प्रभावित कर सकते हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने अनुमान जताया कि यदि महंगाई बढ़कर 5.9 प्रतिशत के करीब पहुंचती है तो इस वर्ष के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।
उन्होंने कहा, हम इस साल एक से दो बार ब्याज दर बढ़ने की संभावना देख रहे हैं। ऐसा लगता है कि मानसून का असर पड़ सकता है, हालांकि फिलहाल उसे कुछ हद तक संतुलित कर लिया गया है।
सबनवीस ने आगे कहा कि आरबीआई की ओर से विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, बाहरी वाणिज्यिक उधारी और विदेशी मुद्रा गैर-निवासी जमा के माध्यम से विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए उठाए गए व्यापक कदम सकारात्मक आश्चर्य की तरह हैं।
उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा बाजार ने इन घोषणाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। अब यह देखना होगा कि क्या इससे ऋण बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के निवेश का रुख बदलता है।
इसके अलावा, इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिनोद कुमार ने रुपए को स्थिर बनाए रखने के लिए किए गए उपायों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा, भू-राजनीतिक संकट के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है और वैश्विक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। ब्याज दरों को स्थिर रखने का आरबीआई का फैसला आर्थिक विकास पर उसके फोकस को दर्शाता है।
बिनोद कुमार ने आगे कहा कि खुदरा, कृषि और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्रों में मांग लगातार बढ़ती रहेगी क्योंकि आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने वाली नीतियां लागू की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह नीति भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूती पर विश्वास को और मजबूत करती है।
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) त्रिभुवन अधिकारी ने कहा कि स्थिर ब्याज दरों का माहौल आवास क्षेत्र की मांग को समर्थन देगा।
उन्होंने कहा कि मौजूदा ब्याज दर व्यवस्था जारी रहने से उधारकर्ताओं का भरोसा बढ़ेगा, ऋण प्रवाह में सुधार होगा और विभिन्न बाजारों में आवास की मांग को मजबूती मिलेगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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