लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच शुरू हुए पहले टेस्ट मुकाबले का पहला दिन रोमांच और उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा है। बादलों से ढका आसमान, गेंदबाजों के लिए मददगार पिच और लगातार स्विंग व सीम मूवमेंट ने बल्लेबाजों के लिए हालात बेहद कठिन बना दिए हैं। यही वजह रही कि पहले ही दिन दोनों टीमों के कुल 16 विकेट गिर गए हैं।
न्यूज़ीलैंड के कप्तान टॉम लैथम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और उनका निर्णय पूरी तरह सही साबित हुआ है। काइल जैमीसन ने वापसी मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी है। फरवरी 2024 के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे जैमीसन ने अपनी अतिरिक्त उछाल और सटीक लाइन-लेंथ से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया है।
इंग्लैंड की शुरुआत बेहद धीमी रही और शुरुआती दस ओवरों में टीम केवल 24 रन ही बना सकी है। एमिलियो गे, बेन डकेट, जैकब बेथेल और जो रूट जैसे बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। विशेष रूप से जो रूट का जल्दी आउट होना इंग्लैंड के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है।
हालांकि हैरी ब्रूक ने एक छोर संभालते हुए संघर्ष किया और शानदार अर्धशतक लगाया है। उन्होंने 56 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की है। कप्तान बेन स्टोक्स ने भी कुछ आकर्षक शॉट लगाए, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल सके हैं।
गौरतलब है कि काइल जैमीसन ने पांच विकेट हासिल कर इंग्लैंड को 140 रन पर समेटने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। वहीं नाथन स्मिथ और विलियम ओ'रूर्के ने भी उनका अच्छा साथ दिया है।
बता दें कि इंग्लैंड के गेंदबाजों ने जवाबी पारी में उससे भी अधिक आक्रामक प्रदर्शन किया है। फरवरी 2024 के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे ओली रॉबिन्सन ने नई गेंद से कहर बरपाते हुए न्यूज़ीलैंड के शीर्ष क्रम को तहस-नहस कर दिया है।
रॉबिन्सन ने अपने पहले ही ओवर से दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उन्होंने डेवोन कॉनवे, केन विलियमसन, रचिन रवींद्र और डेरिल मिचेल जैसे प्रमुख बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने दिन समाप्त होने तक चार विकेट अपने नाम किए हैं।
न्यूज़ीलैंड की स्थिति तब और खराब हो गई जब कप्तान टॉम लैथम भी जल्दी आउट हो गए हैं। इसके बाद टॉम ब्लंडेल का विकेट गिरने से टीम 29 रन पर छह विकेट गंवा चुकी थी।
ऐसे मुश्किल समय में ग्लेन फिलिप्स ने साहसिक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया है। उन्होंने दबाव में आक्रामक रुख अपनाते हुए टीम को संभालने की कोशिश की है। नाथन स्मिथ ने भी उनका साथ दिया और दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी देखने को मिली है।
दिन का खेल समाप्त होने तक न्यूज़ीलैंड ने छह विकेट के नुकसान पर 61 रन बना लिए थे। ग्लेन फिलिप्स 31 रन बनाकर नाबाद लौटे हैं जबकि नाथन स्मिथ भी क्रीज पर मौजूद हैं।
गौरतलब है कि न्यूज़ीलैंड अभी भी इंग्लैंड के पहली पारी के स्कोर से 79 रन पीछे है। ऐसे में दूसरे दिन का खेल दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। यदि इंग्लैंड जल्दी शेष विकेट निकालने में सफल रहता है तो वह मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना सकता है, जबकि न्यूज़ीलैंड की उम्मीदें फिलिप्स और निचले क्रम के बल्लेबाजों पर टिकी हुई हैं।
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पंजाब सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि राज्य की पात्र महिलाओं को 1 जुलाई से 'मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना' के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी. इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सहयोग प्रदान करना है.
महिलाओं को हर महीने मिलेगी आर्थिक सहायता
योजना के तहत पंजाब की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी. वहीं अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को विशेष प्रावधान के तहत 1,500 रुपये प्रति माह प्रदान किए जाएंगे. सरकार का कहना है कि यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ लेने की पात्र होंगी.
97 प्रतिशत महिलाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य
भगवंत मान के अनुसार, इस योजना से पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है. योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए राज्य सरकार ने अपने बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.
सरकार का मानना है कि यह आर्थिक सहायता केवल धनराशि नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का माध्यम बनेगी.
तेजी से चल रहा पंजीकरण अभियान
योजना का लाभ देने के लिए राज्यभर में बड़े स्तर पर पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने बताया कि हर दिन लाखों महिलाओं का पंजीकरण किया जा रहा है. इस अभियान में करीब दो लाख 'महिला सत्कार सखियां' सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं, जिन्हें पात्र महिलाओं का पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
आंगनवाड़ी और सेवा केंद्र बन रहे सहारा
महिलाओं की सुविधा के लिए पंजीकरण की व्यवस्था आंगनवाड़ी केंद्रों, सेवा केंद्रों और जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित विशेष केंद्रों पर की गई है. इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं आसानी से योजना से जुड़ सकेंगी.
महिला सम्मान और सामाजिक बदलाव की पहल
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं को सम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता देना किसी भी समाज के विकास की बुनियाद है. उनका मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तब परिवार और समाज दोनों अधिक सशक्त बनेंगे.
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