केरल के 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर फ्रॉड केस में CBI की बड़ी कार्रवाई, 5 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
CBI ने केरल के चर्चित “डिजिटल अरेस्ट” साइबर फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों (एक कंपनी सहित) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. एजेंसी ने यह चार्जशीट 25 अप्रैल 2026 को दायर की. इस मामले में तीन आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. CBI ने यह केस 24 नवंबर 2025 को केरल हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज किया था. जांच के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों और न्यायिक अधिकारियों का रूप धारण कर एक वरिष्ठ नागरिक को निशाना बनाया और “डिजिटल गिरफ्तारी” का डर दिखाकर उससे ₹1.8 करोड़ से अधिक की ठगी कर ली.
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?
जांच में सामने आया है कि आरोपी वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित के संपर्क में आए और खुद को पुलिस/जांच अधिकारी बताकर फर्जी नोटिस दिखाए. उन्होंने पीड़ित को “डिजिटल कस्टडी” में होने का झांसा दिया और कानूनी कार्रवाई से बचने के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवा लिए.
आरोपियों की भूमिका
चार्जशीट में नामजद आरोपियों में सलीशकुमार CS, ब्लेसिन जैकब अब्राहम, मोहम्मद जुनैद हुसैन, मोहम्मद मुश्ताक और JCSS कैपिटल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. CBI के अनुसार, कुछ आरोपी अपराध से हासिल रकम जमा करने के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खातों को ऑपरेट कर रहे थे. एक आरोपी ऐसे खाते जुटाकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था. एक अन्य आरोपी ने फर्जी तरीके से SIM कार्ड जारी करवाने में अहम भूमिका निभाई.
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ाव
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस साइबर फ्रॉड के तार अंतरराष्ट्रीय संगठित गिरोहों से जुड़े हैं, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित स्कैम कंपाउंड्स से भारत के नागरिकों को निशाना बनाते हैं.
CBI की सख्त चेतावनी
CBI ने दोहराया है कि “डिजिटल गिरफ्तारी” जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है. एजेंसी ने कहा कि जो लोग बैंकिंग और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का दुरुपयोग होने देते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.
जनता के लिए एडवाइजरी
किसी भी कॉल पर खुद को पुलिस या एजेंसी बताने वालों पर तुरंत भरोसा न करें.
वीडियो कॉल पर “गिरफ्तारी” या “कस्टडी” दिखाना पूरी तरह फर्जी है, घबराकर पैसे ट्रांसफर न करें, संदिग्ध कॉल की तुरंत शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी पुलिस से करें.
ये भी पढ़ें: कभी डाउनलोड न करें APK फाइल! नारनौल में बैंक कर्मचारी से 10 लाख की ठगी, एक क्लिक और फोन हैक
NCB की बड़ी कार्रवाई, तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला भारत लाया गया
Salim Dola: नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्की से भारत वापस लाया है. ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ के तहत की गई इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और भारतीय खुफिया तंत्र के बीच मजबूत समन्वय देखने को मिला. आज सुबह नई दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर पहुंचते ही NCB ने सलीम डोला को हिरासत में ले लिया है. 59 वर्षीय डोला मुंबई का निवासी है और पिछले कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था.
मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का उदाहरण
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को मोदी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का परिणाम बताते हुए कहा कि सरकार ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है. उन्होंने कहा कि अब ड्रग माफियाओं के लिए दुनिया का कोई भी कोना सुरक्षित नहीं है.
ये भी पढ़ें- भारत के लिए आई बड़ी खुशखबरी, न्यूजीलैंड के साथ डील के बाद सस्ती हो जाएंगी ये चीजें, देखें पूरी लिस्ट
साल 2024 में जारी हुआ था रेड नोटिस
डोला के खिलाफ मार्च 2024 में इंटरपोल का रेड नोटिस जारी किया गया था. वह भारत में कई बड़े ड्रग तस्करी मामलों में वांछित था और लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पकड़ से बाहर था. जांच एजेंसियों के अनुसार, उसका नेटवर्क मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक फैला हुआ था. उसके आपराधिक इतिहास में महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन, मैंड्रेक्स और मेथामफेटामाइन की बड़ी खेपों की तस्करी शामिल है. डोला भारत में निचले स्तर के वितरण नेटवर्क के लिए एक प्रमुख सप्लायर के रूप में काम करता रहा है. गुजरात ATS और मुंबई पुलिस भी लंबे समय से उसकी तलाश में थीं.
2025 में बेटे और अन्य लोगों को पकड़ा गया था
इससे पहले, 2025 में उसके बेटे ताहिल सलीम डोला और अन्य सहयोगियों को UAE से वापस लाकर गिरफ्तार किया गया था. एजेंसियों का मानना है कि सलीम डोला की गिरफ्तारी से इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट को बड़ा झटका लगेगा. यह ऑपरेशन तुर्की के अधिकारियों, इंटरपोल और भारतीय एजेंसियों के बीच प्रभावी सहयोग का उदाहरण है और यह दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक स्तर पर भी संगठित अपराध के खिलाफ अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है.
ये भी पढ़ें- सिक्किम में PM मोदी ने बच्चों संग खेला फुटबॉल, गोल भी दागे, देखिए VIDEO
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation



















