चीन में आंधी तूफान को लेकर अलर्ट, भारी बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त
बीजिंग, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिणी चीन में तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। चाइना नेशनल मीटियोरोलॉजिकल सेंटर (चीनी राष्ट्रीय मौसम विज्ञान) ने मंगलवार को गंभीर संवहनीय (कन्वेक्टिव) मौसम के लिए ब्लू अलर्ट और भारी वर्षा के लिए येलो अलर्ट को बरकरार रखा है।
मौसम एजेंसी के अनुसार, मंगलवार सुबह 8 बजे शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह 8 बजे तक जारी रहेगी। इसके साथ ही दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और ओलावृष्टि हो सकती है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 62 किमी प्रति घंटे से अधिक रहने का अनुमान है, जबकि गुआंग्शी झुआंग के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में यह 89 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
अल्प अवधि में अत्यधिक वर्षा की भी चेतावनी दी गई है। दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में प्रति घंटे 20 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है, जबकि गुयांगदोंग प्रोविन्स और गुआंग्शी के कुछ हिस्सों में यह 50 मिमी प्रति घंटे से भी अधिक हो सकती है।
इसके अलावा, भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का खतरा भी बना हुआ है। चोंगकिंग, युन्नान प्रांत, हू आई और नदी के दक्षिणी क्षेत्र के अलावा यांग्त्जी नदी के दक्षिणी इलाकों में तेज बारिश की आशंका जताई गई है।
कुछ क्षेत्रों—जैसे अनहुई प्रांत, जियांग्शी प्रांत, गुआंग्शी और गुआंगडोंग—में 100 से 130 मिमी तक वर्षा हो सकती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज तूफानों और भारी बारिश के संयुक्त प्रभाव से अचानक बाढ़, भूस्खलन और शहरी जलभराव का खतरा बढ़ सकता है, खासकर पहाड़ी और निचले इलाकों में।
इस बीच, सरकारी मीडिया ने बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण आई भीषण बाढ़ की वजह से दक्षिणी चीन के एक शहर से 200 से ज्यादा निवासियों को सुरक्षित जगहों पर ले जाना पड़ा और कई कारें पानी में डूबती उतराती भी देखी गईं। गुआंग्शी क्षेत्र स्थित किनझोऊ शहर में इस वजह से काफी ज्यादा व्यवधान पैदा हुआ।
वर्तमान हालात को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि लोगों को मे डे अवकाश से पहले मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
--आईएएनएस
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'महिला सशक्तिकरण के प्रयासों पर न हो किसी भी प्रकार की राजनीति', विधानसभा के विशेष सत्र में बोले सीएम धामी
Uttarakhand Assembly Session: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र ‘नारी सम्मान- लोकतंत्र में अधिकार’ को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने सदन के सामने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाए गए नारी शक्ति वंदन बिल को यथाशीघ्र लागू करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हुए सर्वसम्मत संकल्प व्यक्त करने का प्रस्ताव रखा.
सीएम ने की सदन से ये अपील
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन से अपील करते हुए कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे उपायों का समर्थन करने में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होने कहा कि नारी शक्ति अब केवल सहभागिता तक सीमित नहीं है, बल्कि नेतृत्व की भूमिका निभा रही है. नारी शक्ति के सामर्थ्य को समझते हुए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आए थे. इस ऐतिहासिक अधिनियम के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था.
सभी राजनीतिक दलों से सहयोग का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने इस विराट संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए समस्त देशवासियों के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों से भी सहयोग और समर्थन का आह्वान किया था. इसी कड़ी में अगले लोकसभा चुनावों तक देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने के उद्देश्य से 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस ऐतिहासिक संकल्प को साकार करने की दिशा में निर्णायक प्रयास किया. परंतु विपक्षी दलों ने मिलकर इस ऐतिहासिक और युग परिवर्तनकारी पहल को संसद में पारित नहीं होने दिया.
विपक्ष कर रहा भ्रम फैलाने का प्रयास
उन्होंने कहा कि विपक्ष अब महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है. जबकि लोकसभा में ही गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर किया था कि परिसीमन के माध्यम से किसी भी राज्य की सीटों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा, इसीलिए सीटें बढ़ाने का प्राविधान बिल में रखा गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार देने के बारे में कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया. पर जब पहली बार किसी ने सच्चे मन से महिलाओं के हित में कार्य करने का प्रयास किया तो उसे भी नहीं करने दिया.
केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में शपथ लेने के साथ ही नारी सशक्तिकरण को शासन की प्राथमिकता में रखकर कार्य करना प्रारम्भ कर दिया था. यही कारण है कि पिछले 11 वर्षों में जेंडर बजट में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि हुई है. वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण हेतु 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है.
महिला-पुरुष लिंगानुपात में 12 अंकों की वृद्धि
वर्ष 2015 में शुरू हुए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान से पिछले 11 वर्षों में लिंगानुपात और बालिका शिक्षा में उल्लेखनीय परिवर्तन आए हैं. पिछले 11 वर्षों में महिला-पुरुष लिंगानुपात में 12 अंकों की वृद्धि हुई है. इसके साथ ही, माध्यमिक स्तर पर स्कूलों में लड़कियों का कुल नामांकन अनुपात 3 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ा है. इतना ही नहीं, बीते 11 वर्षों में संस्थागत प्रसव 61 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत हो गया है.
उत्तराखंड को मिलता फायदा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुछ लोग उत्तराखंड में भी महिला आरक्षण पर वही झूठ और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि परिसीमन के बाद उत्तराखंड विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 105 हो सकती थी, जिसमें से 35 महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती थी. इसी तरह सांसदों की संख्या भी 5 से बढ़कर 7 या 8 हो जाती, इससे हर किसी का फायदा ही था, फिर भी विपक्ष ने बिल पास नहीं होने दिया.
इस वर्ष 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान
सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष जेंडर बजट के अंतर्गत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है. प्रदेश सरकार की ओर से 'उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन' के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है.
मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान करने का काम
इसके साथ ही, ’सशक्त बहना उत्सव योजना’ और 'मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना' के माध्यम से हमने राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर और शक्ति प्रदान करने का काम किया है. सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण और ’एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के माध्यम से महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान कर रही है.
केंद्र सरकार ने दुश्मन को घर में घुसकर मारने का काम किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने धारा 370 हटाने, अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण और दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारने का काम किया है. उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य भी अवश्य करेगी.
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