बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने अवामी लीग समर्थकों के चुनाव लड़ने पर लगाया बैन
ढाका, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कानून का हवाला दे अवामी लीग समर्थक वकीलों को चुनाव लड़ने से बैन कर दिया है। आगामी 13-14 मई को होने वाले सालाना चुनाव अब ये लोग नहीं लड़ पाएंगे।
स्थानीय मीडिया ने बताया कि रविवार दोपहर को ढाका में एससीबीए के सामान्य सदस्यों की एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (ईजीएम) यानी असाधारण आम बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के समर्थक वकील और एससीबीए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हुमायूं कबीर मंजू ने अध्यक्षता की। बैठक में लगभग 300 वकील शामिल हुए।
सूत्रों के हवाले से, बांग्लादेश के जाने-माने अखबार, द डेली स्टार ने बताया कि मौजूद लोगों में से अधिकतर बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी समर्थक थे।
डेली स्टार से बात करते हुए ईजीएम का आयोजन करने वाले एससीबीए सचिव बैरिस्टर मोहम्मद महफूजुर रहमान मिलन ने कहा कि लगभग 100 सदस्यों ने पहले एससीबीए नेतृत्व से अनुरोध किया था कि वे एंटी-टेररिज्म एक्ट, 2009 के तहत पार्टी पर लगे बैन को ध्यान में रख, अवामी लीग समर्थक वकीलों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए बैठक बुलाएं।
उन्होंने कहा कि ईजीएम उसी हिसाब से हुई, और यह फैसला सामान्य सदस्यों की राय के आधार पर लिया गया। मिलन के मुताबिक, अवामी लीग के समर्थन वाली सम्मिलिता ऐनजीबी समन्नय परिषद या बंगबंधु अवामी ऐनजीबी परिषद से जुड़े वकील और उनके पदाधिकारियों को इस फैसले के तहत एससीबीए का चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं होगी।
हालांकि (द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक), एससीबीए सचिव ने कहा कि वकीलों को निर्दलीय चुनाव लड़ने की इजाजत होगी।
13-14 मई के चुनाव में एससीबीए के 14 कार्यकारी पदाधिकारी चुने जाएंगे, जिसमें अध्यक्ष और सचिव भी शामिल हैं, और यह मौजूदा कार्यकारिणी निकाय के पहले के फैसले के मुताबिक एक साल के कार्यकाल के लिए होगा।
हाल ही में, एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन, जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस (जेएमबीएफ) ने लीगल प्रोफेशनल्स के खिलाफ अनियमितताएं और भेदभावपूर्ण व्यवहार के हालिया पैटर्न और बांग्लादेश में बार एसोसिएशन इलेक्शन में सिर्फ सियासी विचारधारा के आधार पर अवामी लीग समर्थक वकीलों की उम्मीदवारी रद्द करने की आलोचना की।
जेएमबीएफ ने आरोप लगाया कि इन वकीलों को चुनाव में हिस्सा लेने से रोका जा रहा है और बीएनपी सरकार की सरपरस्ती में मुंशीगंज, मैमनसिंह, ठाकुरगांव, पंचगढ़, झलकाठी, खुलना, नरैल और सुनामगंज समेत कई जिलों में बार एसोसिएशन चुनावों में इनके खिलाफ पुलिसिया अपना जोर दिखा रही है।
गंभीर चिंता जताते हुए, मानवाधिकार संस्था ने ऐसे माहौल के निर्माण में मदद करने की मांग की जिसमें सभी धर्मों के वकील अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर सकें।
इस महीने की शुरुआत में, अवामी लीग ने एक पार्लियामेंट्री बिल की कड़ी निंदा की थी, जिसने पार्टी पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। पार्टी ने इसे “शर्मनाक ” और डेमोक्रेटिक नियमों पर सीधा प्रहार बताया था।
यह टिप्पणी पार्लियामेंट द्वारा एंटी-टेररिज्म (अमेंडमेंट) बिल 2026 को पास करने के बाद आई, जिसमें पिछली मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार द्वारा जारी एंटी-टेररिज्म (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस 2025 में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
--आईएएनएस
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यूपी के बेरोजगार युवाओं को मिलेगा रोजगार, योगी सरकार ने शुरू की ये अनोखी पहल
UP News: उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए योगी सरकार ने एक खास योजना की शुरुआत की है. जिसके तहत उन्हें पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा और उसके बाद उन्हें रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा. दरअसल, योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत 'स्किल गैप ब्रिजिंग' कार्यक्रम शुरू किया है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के स्किल गैप को खत्म करना है.
जिससे युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में दक्ष बनाने के साथ-साथ उनकी अंग्रेजी भाषा पर पकड़ को भी मजबूत बनाना है. साथ ही कंप्यूटर कौशल और अन्य सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण देकर उन्हें नौकरी के लिए तैयार करना है. इसके लिए योगी सरकार प्रदेश में मंडल स्तर के सेवायोजन कार्यालयों में स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल बनवा रही है. जहां ट्रेनर युवाओं को प्रशिक्षण देंगे और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करेंगे. जिससे उन्हें जल्द और अच्छी नौकरी मिल सके.
आत्मनिर्भर भारत और स्किल इंडिया पर फोकस
बता दें कि केंद्र सरकार का पूरा फोकस आत्मनिर्भर भारत और स्किल इंडिया पर है, जिससे युवा नौकरी के पीछे न भागकर दूसरे युवाओं को रोजगार दें. पीएम मोदी की इस मुहिम को योगी सरकार आगे बढ़ा रही है. जिसके लिए योगी सरकार आत्मनिर्भर भारत और स्किल इंडिया जैसे विशेष अभियान चला रही है. इसके अलावा योगी सरकार प्रदेश में रोजगार मेलों का आयोजन कर रही है. जिससे युवाओं को नौकरी की सौगात दी जा रही है.
क्या है सरकार की तैयारी?
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए योगी सरकार ने पहल शुरू की है. आगरा क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के सहायक निदेशक सेवायोजन के मुताबिक, मुख्यालय से निर्देश मिले हैं कि हर जिले में सेवायोजन कार्यालय में स्मार्ट क्लास बनाई जाएं. जिसमें वीडियो वॉल भी हो. इसके लिए मुख्यालय ने मंडल स्तर के जिलों में स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसमें ही आगरा के क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल बनाई जाएगी. उसके बाद यहां युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें अपडेट करने के लिए ट्रेनर को भी तैनात किया जाएगा.
दूर होंगी युवाओं की स्किल की कमियां
स्मार्ट क्लास और वीडियो वॉल के द्वारा युवा और बेरोजगार युवाओं के स्किल गैप को दूर किया जाएगा. इसके साथ ही ट्रेनर स्मार्ट क्लास में आने वाले युवाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने वाले युवाओं को आधुनिक तकनीक के द्वारा भाषा प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देंगे. स्मार्ट क्लास में ट्रेनर युवाओं को इंटरएक्टिव तरीके से अंग्रेजी भाषा, कंप्यूटर कौशल और अन्य जरूरी स्किल्स सिखाएंगे.
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विदेशों में मिलेगा युवाओं को नौकरी का मौका
यहां प्रशिक्षण पाने के बाद युवाओं को देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी नौकरी के अवसर मिलेंगे. बता दें कि जापान, जर्मनी और इराइयल जैसे देशों में भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के स्किल्ड युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है. जहां उन्हें मोटे पैकेज पर नौकरी मिल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक जापान और जर्मनी के मेडिकल क्षेत्र में यूपी के आगरा और अन्य जिलों से पैरामेडिकल स्टॉफ अच्छै पैकेज पर नौकरी के लिए जाते हैं. लेकिन कई बार युवाओं के सामने कुछ दिक्कतें आती हैं. जिनकी वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसी कमी को दूर करने के लिए योगी सरकार ने स्किल गैप ब्रिजिंग कार्यक्रम की शुरुआत की है. जो युवाओं की कमियों को दूर करेगा और उनकी स्किल को निखारेगा.
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