कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को शुक्रवार को गुवाहाटी हाई कोर्ट से एक और झटका लगा। कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा की शिकायत पर उनके खिलाफ दर्ज एक मामले में उनकी अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी। यह आदेश जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया ने दिया, जिन्होंने इस मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
यह घटनाक्रम कांग्रेस नेता की ट्रांज़िट ज़मानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के कुछ दिनों बाद सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा से कहा था कि वे इस मामले में राहत के लिए असम की अदालत का रुख करें। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि न तो वह और न ही तेलंगाना हाई कोर्ट असम की अदालत के काम में कोई दखल देगा, जो इस मामले की सुनवाई करेगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कांग्रेस पर हमला करने का एक और मौका दे दिया। BJP ने कहा कि इस फैसले से सरमा और उनकी पत्नी के खिलाफ खेड़ा के "बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित" अभियान की पोल खुल गई है। BJP प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने X (ट्विटर) पर एक वीडियो में कहा था, "वे दस्तावेज़ (जिनका इस्तेमाल खेड़ा ने किया था) जाली, नकली, फोटोशॉप्ड और AI-जनरेटेड निकले; और महज़ आधे घंटे के अंदर ही पूरी सच्चाई सामने आ गई।"
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी पवन खेड़ा की ट्रांज़िट ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया था।
शीर्ष अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि खेड़ा को राहत के लिए संबंधित राज्य (असम) की निचली अदालत या हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया था कि वह या तेलंगाना हाई कोर्ट, असम की अदालत की न्यायिक कार्यवाही में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम के मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी के खिलाफ कुछ दस्तावेज़ पेश किए थे।
आरोप: खेड़ा ने भ्रष्टाचार और व्यापारिक अनियमितताओं के आरोप लगाए थे।
शिकायत: रिनिकी भुइयां सरमा ने इन आरोपों को झूठा और मानहानिकारक बताते हुए मामला दर्ज कराया।
दावा: शिकायतकर्ता का कहना है कि खेड़ा द्वारा इस्तेमाल किए गए दस्तावेज़ फर्जी थे।
बीजेपी का तीखा प्रहार: "AI-जनरेटेड थे दस्तावेज़"
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है। बीजेपी प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि खेड़ा का अभियान पूरी तरह से "बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित" था।
पूनावाला ने दावा किया कि खेड़ा द्वारा पेश किए गए दस्तावेज़ जाली, फोटोशॉप्ड और AI-जनरेटेड थे। बीजेपी का कहना है कि यह फैसला कांग्रेस की 'झूठ की राजनीति' का पर्दाफाश करता है।
Continue reading on the app
भारतीय राजनीतिज्ञ और गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत आज यानी की 24 अप्रैल को अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। प्रमोद सावंत साल 2019 से गोवा के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। प्रमोद सावंत भारतीय जनता पार्टी के सदस्य और सावंत पेशे से एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। इसके अलावा साल 2017 से लेकर 2019 तक प्रमोद सावंत गोवा विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर सीएम प्रमोद सावंत के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
गोवा में 24 अप्रैल 1973 को गोवा में प्रमोद सावंत का जन्म हुआ था। उन्होंने अपनी शुरूआती शिक्षा पूरी करने के बाद कोल्हापुर के गंगा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज से स्नातक और तिलक महाराष्ट्र विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ सोशल वर्क की डिग्री प्राप्त की थी।
राजनीतिक सफर
प्रमोद सावंत ने अपने सियासी सफर की शुरूआत साल 2008 में की थी। इस दौरान उन्होंने 2008 में पाले निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। लेकिन इस दौरान उनको हार का सामना करना पड़ा था। साल 2012 के विधानसभा चुनाव में प्रमोद सावंत ने सांखेलीम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
वहीं प्रमोद सावंत ने कुछ समय तक भारतीय जनता पार्टी की गोवा इकाई के प्रवक्ता के रूप में भी काम किया था। फिर साल 2017 में वह उसी निर्वाचन क्षेत्र से गोवा विधानसभा के लिए पुन: निर्वाचित हुए। फिर 22 मार्च 2017 को प्रमोद सावंत को गोवा विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था।
गोवा के मुख्यमंत्री
पूर्व सीएम मनोहर परिकर के निधन के बाद प्रमोद सावंत केंद्र शासित प्रदेश के 13वें सीएम बने थे। प्रमोद सावंत को विधानसभा द्वारा सीएम चुना गया था। उन्होंने 19 मार्च 2019 को वह गोवा के 13वें सीएम के रूप में शपथ ली। फिर वह लगातार दूसरी बार गोवा के मुख्यमंत्री बने।
Continue reading on the app