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सिंध में माछी समुदाय पर पाकिस्तानी पुलिस की बर्बरता से भारी आक्रोश

इस्लामाबाद, 31 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तानी पुलिसकर्मियों की ज्यादती से देश में चिंता व्याप्त हो गई है। हाल ही पुलिस सिंध प्रांत में गरीब माछी समुदाय को मारती पीटती दिखी। सोशल मीडिया पर इसका फुटेज अपलोड होते ही बड़ी संख्या लोग नाराज हो गए।

मंगलवार को आई एक रिपोर्ट के अनुसार, फुटेज में दिखाया गया है कि सिंध के उमरकोट इलाके में गरीब माछी समुदाय की झुग्गियों पर पुरुष और महिला पुलिस अधिकारियों ने धावा बोल दिया। वे बेकसूर, बेसहारा, रोजादार महिलाओं और छोटी बच्चियों को घसीट रहे थे, उनके कपड़े फाड़ रहे थे, और उन्हें पुलिस वैन में ठूंस रहे थे।

पाकिस्तानी दैनिक बिजनेस रिकॉर्डर की एक रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है, ये तस्वीरें रूह कंपा देने वाली हैं। एक पल के लिए, कोई यह मान सकता है कि हत्या या आतंकवाद में शामिल खूंखार अपराधियों को पकड़ने के लिए कोई बड़ा ऑपरेशन चल रहा था। लेकिन नहीं, ये तो आम महिलाएं, छोटी बच्चियां और बच्चे थे। उनके परिवारों के पुरुष सदस्य या तो पहले से ही हिरासत में थे या फिर अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए बाहर गए हुए थे।

इसमें आगे कहा गया है कि यह ऑपरेशन एक निचली अदालत के आदेश पर किया गया। इसमें 10,000 वर्ग फुट के एक प्लॉट को खाली कराने को कहा गया था; इस प्लॉट पर माछी समुदाय लंबे समय से रह रहा था।

हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस तरीके से पुलिस ने—जिसका काम लोगों की जान, इज्जत और संपत्ति की हिफाजत करना है—इस आदेश को लागू किया, वह बेहद चिंताजनक था।

इसमें कहा गया है, भले ही बेदखली जरूरी थी, लेकिन क्या इतनी जबरदस्ती करना जरूरी था—खासकर रमजान के पवित्र महीने में? क्या हिंसा का सहारा लेने से पहले शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत, समझाना-बुझाना और कानूनी संयम जैसे सभी तरीके आजमा लिए गए थे? इसका जवाब, जो वायरल वीडियो में साफ-साफ दिखाई दे रहा है, वो नहीं लगता है।

इसमें आगे सवाल उठाया गया है, निचली अदालत का फैसला न तो अंतिम था और न ही उसे चुनौती दी जा सकती थी। इसके खिलाफ जिला और सत्र न्यायालय में, फिर उच्च न्यायालय में, और आखिर में सर्वोच्च न्यायालय में अपील की जा सकती थी। यह कानूनी प्रक्रिया सबको अच्छी तरह पता है। फिर जब कानूनी विकल्प मौजूद थे, तो इतनी अजीब जल्दबाजी और आक्रामकता क्यों दिखाई गई? इतनी तेजी सिर्फ तभी क्यों दिखाई गई, जब वहां रहने वाले लोग गरीब और कमजोर थे?

रिपोर्ट के अनुसार, सिंध पुलिस ने रसूखदार लोगों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों का पक्ष लेने के लिए बदनामी कमाई है; कानून का पहिया अक्सर ताकतवर लोगों के लिए तेजी से घूमता है।

इस घटना की निंदा करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है, यह कोई छोटी या टाली जा सकने वाली घटना नहीं है। यह हम सबके लिए शर्म की बात है। गरीबी और कमजोरी कोई अपराध नहीं हैं। देश का कानून बिना किसी भेदभाव के, सभी के लिए समान और पवित्र है। फिर भी बार-बार ऐसा होता है कि आम लोगों को इसके परिणाम भुगतने पड़ते हैं, जबकि रसूखदार लोग अपने प्रभाव और पद का इस्तेमाल करके न्याय से बच निकलते हैं।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Chaitra Purnima Kab Hai: 1 या 2 अप्रैल, कब है चैत्र पूर्णिमा? नोट कर लें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Chaitra Purnima Kab Hai: सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना गया है. साल में 12 पूर्णिमा पड़ती है. हर एक पूर्णिमा का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि बहुत खास मानी जाती है क्योंकि चैत्र मास की पूर्णिमा हिंदू नववर्ष की प्रथम पूर्णिमा होती है. यही नहीं पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस पावन दिन पर भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था. इसलिए चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती मनाई जाएगी. इस साल पूर्णिमा की यह तिथि 1 या 2 अप्रैल दोनों दिन पड़ रही है. ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि पूर्णिमा का व्रत, पूजा और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा. आइए जानते हैं चैत्र पूर्णिमा किस दिन मनाई जाएगी. साथ ही जानते हैं पूजा का समय. 

कब है चैत्र पूर्णिमा? (Chaitra Purnima Kab Hai) 

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र पूर्णिमा की तिथि 01 अप्रैल यानी बुधवार को सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगा. इस पूर्णिमा का समापन 02 अप्रैल गुरुवार को सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार इस साल चैत्र नवरात्रि 02 अप्रैल को मनाई जाएगी और इसी दिन पूर्णिमा की पूजा और स्नान-दान किया जाएगा. 

चैत्र पूर्णिमा की पूजा का मुहूर्त (Chaitra Purnima 2026 Puja Shubh Muhurat) 

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 38 मिनट से 05 बजकर 24 मिनट तक रहेगा.
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 20 मिनट तक रहेगा.
गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 38 मिनट से 07 बजकर 01 मिनट तक रहेगा.
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा.

चैत्र पूर्णिमा स्नान-दान का मुहूर्त (Chaitra Purnima Snan Daan Muhurat)

चैत्र पूर्णिमा पर स्नान-दान के शुभ मुहूर्त की बात करें तो 02 अप्रैल 2026 को सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर होगा. बेहतर होगा कि इस समय से पहले ही स्नान-दान संबंधी अनुष्ठान संपन्न कर लें. 

चैत्र पूर्णिमा की पूजा विधि  (Chaitra Purnima Puja Vidhi) 

इस दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान करें. इसके बाद सूर्य देव को जल चढ़ाएं. मंदिर की सफाई कर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति को विराजमान करें. फिर धूप और दीप आदि चीजें अर्पित करें. देसी घी का दीपक जलाकर पूजा-अर्चना करें. केले, पंचामृत और पंजीरी का भोग लगाएं. कथा का पाठ करें. मंत्रों का जप करें. लोगों में प्रसाद बांटे और गरीब लोगों में अन्न-धन समेत चीजों का दान करें.  

यह भी पढ़ें: Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर करें बजरंगबली के 108 नामों का जाप, दूर होगा मांगलिक दोष!

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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  Sports

PSL 2026: पीएसएल में कैमरे में कैद हुई थी करतूत, अब पाकिस्तानी बैटर पर लगा 2 मैच का बैन

पाकिस्तान सुपर लीग में बड़ा विवाद सामने आया है। लाहौर कलंदर्स के स्टार बल्लेबाज फखर जमान को बॉल टैंपरिंग का दोषी पाए जाने के बाद 2 मैचों के लिए बैन कर दिया गया। यह PSL कोड ऑफ कंडक्ट के तहत मिलने वाली अधिकतम सजा है।

यह मामला रविवार रात लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान सामने आया था।इस मैच में कराची किंग्स ने 4 विकेट से जीत हासिल की थी। मैच के बाद हुई सुनवाई में मैच रेफरी रोशन महानामा ने फखर जमान को दोषी करार दिया।

दरअसल, विवाद कराची किंग्स की रन चेज के आखिरी ओवर की शुरुआत में हुआ। ऑन-फील्ड अंपायर फैसल अफरीदी ने जांचने के लिए हारिस रऊफ से गेंद मांगी थी। इससे पहले गेंद शाहीन अफरीदी और फखर जमान के हाथों से होकर गुजर चुकी थी। अंपायर ने दूसरे अंपायर शरफुद्दौला के साथ लंबी चर्चा की और गेंद को बदले जाने का फैसला लिया, क्योंकि उन्हें लगा कि गेंद के साथ छेड़छाड़ की गई है।

मैच के बाद यह मामला रेफरी के पास पहुंचा, जहां फखर जमान ने आरोप को चुनौती दी। इसके चलते औपचारिक सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान लाहौर कलंदर्स के कप्तान शाहीन अफरीदी, टीम डायरेक्टर समी़न राणा और टीम मैनेजर फारूक अनवर भी मौजूद रहे।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अपने बयान में कहा कि सभी सबूतों की समीक्षा और फखर को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का मौका देने के बाद यह फैसला लिया गया। फखर जमान पर PSL कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 41.3 के तहत कार्रवाई की गई है।

पीएसएल नियमों के मुताबिक, लेवल-3 के पहले अपराध में खिलाड़ी को कम से कम एक मैच और अधिकतम दो मैच का बैन दिया जा सकता है। ऐसे में फखर को अधिकतम सजा मिली है। हालांकि, फखर जमान के पास अब भी राहत का एक मौका है। वे इस फैसले के खिलाफ 48 घंटे के भीतर PSL टेक्निकल कमेटी के पास अपील कर सकते हैं।

इस बैन के चलते फखर जमान लाहौर कलंदर्स के अगले दो मुकाबलों में नहीं खेल पाएंगे। वे 3 अप्रैल को मुल्तान सुल्तान्स और 9 अप्रैल को इस्लामाबाद यूनाइटेड के खिलाफ होने वाले मैच से बाहर रहेंगे। उनकी गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।

Tue, 31 Mar 2026 17:17:32 +0530

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