PSL 2026: पीएसएल में कैमरे में कैद हुई थी करतूत, अब पाकिस्तानी बैटर पर लगा 2 मैच का बैन
पाकिस्तान सुपर लीग में बड़ा विवाद सामने आया है। लाहौर कलंदर्स के स्टार बल्लेबाज फखर जमान को बॉल टैंपरिंग का दोषी पाए जाने के बाद 2 मैचों के लिए बैन कर दिया गया। यह PSL कोड ऑफ कंडक्ट के तहत मिलने वाली अधिकतम सजा है।
यह मामला रविवार रात लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान सामने आया था।इस मैच में कराची किंग्स ने 4 विकेट से जीत हासिल की थी। मैच के बाद हुई सुनवाई में मैच रेफरी रोशन महानामा ने फखर जमान को दोषी करार दिया।
दरअसल, विवाद कराची किंग्स की रन चेज के आखिरी ओवर की शुरुआत में हुआ। ऑन-फील्ड अंपायर फैसल अफरीदी ने जांचने के लिए हारिस रऊफ से गेंद मांगी थी। इससे पहले गेंद शाहीन अफरीदी और फखर जमान के हाथों से होकर गुजर चुकी थी। अंपायर ने दूसरे अंपायर शरफुद्दौला के साथ लंबी चर्चा की और गेंद को बदले जाने का फैसला लिया, क्योंकि उन्हें लगा कि गेंद के साथ छेड़छाड़ की गई है।
मैच के बाद यह मामला रेफरी के पास पहुंचा, जहां फखर जमान ने आरोप को चुनौती दी। इसके चलते औपचारिक सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान लाहौर कलंदर्स के कप्तान शाहीन अफरीदी, टीम डायरेक्टर समी़न राणा और टीम मैनेजर फारूक अनवर भी मौजूद रहे।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अपने बयान में कहा कि सभी सबूतों की समीक्षा और फखर को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का मौका देने के बाद यह फैसला लिया गया। फखर जमान पर PSL कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 41.3 के तहत कार्रवाई की गई है।
पीएसएल नियमों के मुताबिक, लेवल-3 के पहले अपराध में खिलाड़ी को कम से कम एक मैच और अधिकतम दो मैच का बैन दिया जा सकता है। ऐसे में फखर को अधिकतम सजा मिली है। हालांकि, फखर जमान के पास अब भी राहत का एक मौका है। वे इस फैसले के खिलाफ 48 घंटे के भीतर PSL टेक्निकल कमेटी के पास अपील कर सकते हैं।
इस बैन के चलते फखर जमान लाहौर कलंदर्स के अगले दो मुकाबलों में नहीं खेल पाएंगे। वे 3 अप्रैल को मुल्तान सुल्तान्स और 9 अप्रैल को इस्लामाबाद यूनाइटेड के खिलाफ होने वाले मैच से बाहर रहेंगे। उनकी गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
ब्रिटिश एयरवेज के पूर्व चीफ विलियम इंडिगो के नए CEO:3 अगस्त तक संभालेंगे पद; चेयरमैन बोले- इंटरनेशनल मार्केट में दबदबा बनाने पर फोकस रहेगा
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) विलियम वॉल्श होंगे। वॉल्श फिलहाल इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) में डायरेक्टर जनरल के रूप में काम कर रहे हैं। उनका कार्यकाल 31 जुलाई को समाप्त होगा। इसके बाद वे 3 अगस्त 2026 तक इंडिगो में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति के लिए अभी रेगुलेटरी अप्रूवल मिलना बाकी है। इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा कि, 'विलियम वॉल्श ने कई एयरलाइंस को लीड किया है। बड़े पैमाने पर एयरलाइन ऑपरेशंस को मैनेज करने और जटिल मार्केट डायनेमिक्स को समझने का उनका अनुभव इंडिगो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगा। यह इंडिगो की यात्रा में नया अध्याय साबित होगा।' विलियम को एविएशन सेक्टर में 40 साल का एक्सपीरियंस एविएशन इंडस्ट्री में 'विली' नाम से फेमस विलियम वॉल्श के पास विमानन क्षेत्र में 40 साल का एक्सपीरियंस है। ब्रिटिश एयरवेज और इंटरनेशनल एयरलाइंस ग्रुप (IAG) के CEO रह चुके हैं। IAG वही ग्रुप है जिसके पास आयरिश एयरलाइन एयर लिंगस, ब्रिटिश एयरवेज, इबेरिया, लेवल और वुएलिंग जैसे बड़े ब्रांड्स का स्वामित्व है। वर्तमान में वे दुनियाभर की एयरलाइंस की संस्था IATA का नेतृत्व कर रहे हैं। क्या होगी वॉल्श की मुख्य जिम्मेदारी? इंडिगो में अपनी नई जिम्मेदारी संभालते हुए विलियम वॉल्श पूरी एयरलाइन के कामकाज और आगे की प्लानिंग पर नजर रखेंगे। उनका सबसे ज्यादा ध्यान 4 बातों पर होगा। इंडिगो के CEO पीटर एलबर्स का इस्तीफा कंपनी ने 10 मार्च को बताया था कि पीटर एलबर्स ने CEO के पद से इस्तीफा दे दिया है। तब से कंपनी के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया अंतरिम तौर पर एयरलाइन के कामकाज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राहुल भाटिया को लिखे अपने इस्तीफे में पीटर एलबर्स ने पद छोड़ने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने कंपनी से अपना नोटिस पीरियड खत्म करने की भी अपील की ताकि वे तत्काल प्रभाव से पद मुक्त हो सकें। फ्लाइट ऑपरेशन में गड़बड़ी के कारण ₹22 करोड़ जुर्माना लगा था दिसंबर-2026 में इंडिगो को भारी फ्लाइट ऑपरेशंस संकट का सामना करना पड़ा था। उस दौरान करीब 3 लाख यात्री फंसे रह गए थे, जिसके बाद एविएशन रेगुलेटर DGCA ने जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरती। इसके बाद इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई थी। इस घटना के बाद से ही बोर्ड और CEO के बीच तालमेल में कमी आने लगी थी। दिसंबर से ही दबाव में थे पीटर एलबर्स पीटर एलबर्स ने सितंबर 2022 में इंडिगो की कमान संभाली थी। पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन को अपने इतिहास के सबसे खराब ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था। सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और देरी की वजह से एयरलाइन की साख पर बुरा असर पड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संकट की वजह से कंपनी को करीब ₹2,000 करोड़ का नुकसान भी हुआ था। तभी से एलबर्स पर इस्तीफे का दबाव था। 3 ग्राफिक्स में जानें इंडिगो संकट की वजह, एयरलाइन का जबाव और सरकार का एक्शन
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