पी कुमारन का कंबोडिया दौरा, 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को मिली रफ्तार
नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। भारत और कंबोडिया के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी कुमारन 21 से 23 मार्च 2026 तक कंबोडिया दौरे पर रहे। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने आपसी सहयोग के कई क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की और भविष्य के लिए नए रास्ते तलाशने पर सहमति जताई।
राजधानी नोम पेन्ह में कुमारन ने अपने कंबोडियाई समकक्ष ऊन खियांग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बातचीत में राजनीतिक, आर्थिक, व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, विकास साझेदारी और कनेक्टिविटी जैसे अहम विषयों को शामिल किया गया। दोनों पक्षों ने अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए नए अवसरों की तलाश पर जोर दिया। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
दौरे के दौरान कुमारन ने कंबोडिया के वरिष्ठ नेतृत्व से भी मुलाकात की। उन्होंने विदेश मंत्री पार्क सोखोन के साथ भारत-कंबोडिया संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की, वहीं संस्कृति मंत्री फोरोंग साकोना के साथ सांस्कृतिक सहयोग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा, उन्होंने भारत से जुड़े शैक्षणिक और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के पूर्व छात्रों से भी संवाद किया, जो दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर रिश्तों को मजबूत करने का एक अहम माध्यम हैं।
इस यात्रा के दौरान कुमारन ने सीम रीप का भी दौरा किया, जहां उन्होंने भारतीय सहयोग से स्थापित एशियन ट्रेडिशनल टेक्सटाइल म्यूजियम और ऐतिहासिक ता प्रोहम मंदिर का निरीक्षण किया। यह मंदिर भारत द्वारा किए जा रहे संरक्षण और पुनर्स्थापन कार्य का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।
कंबोडिया भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। साथ ही, ग्लोबल साउथ में भी यह भारत का एक प्रमुख सहयोगी देश बना हुआ है। यह दौरा इस बात का संकेत है कि भारत दक्षिण-पूर्व एशिया में अपने संबंधों को और गहरा करने के लिए लगातार सक्रिय प्रयास कर रहा है।
--आईएएनएस
केआर/
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भीम ऐप में आया नया फीचर, अब बायोमेट्रिक से होंगे 5,000 रुपए तक के यूपीआई पेमेंट
नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड (एनबीएसएल) ने मंगलवार को भीम पेमेंट्स ऐप में यूपीआई पेमेंट के लिए नया बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर लॉन्च किया है।
इस नए फीचर के जरिए अब यूजर्स 5,000 रुपए तक के ट्रांजैक्शन को अपने स्मार्टफोन के फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन से मंजूरी दे सकेंगे, जिससे पेमेंट पहले से ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा।
इस फीचर के साथ यूजर्स को छोटे ट्रांजैक्शन के लिए हर बार यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे गलत पिन डालने या पिन भूलने की वजह से फेल होने वाले पेमेंट भी कम होंगे और यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होगा।
यह बायोमेट्रिक फीचर दोस्तों और परिवार को पैसे भेजने, दुकानदारों के क्यूआर कोड स्कैन करने और ऑनलाइन पेमेंट करने जैसे सामान्य ट्रांजैक्शन में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस लॉन्च पर एनबीएसएल की एमडी और सीईओ ललिता नटराज ने कहा कि इस ऐप का उद्देश्य डिजिटल पेमेंट को आसान, सुरक्षित और सभी के लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से रोजमर्रा के पेमेंट आसान हो जाएंगे और सुरक्षा भी बनी रहेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि फिंगरप्रिंट या फेस से ट्रांजैक्शन कन्फर्म करने से पिन पर निर्भरता कम होगी और पेमेंट सीधे यूजर से जुड़ा रहेगा, जिससे सुरक्षा मजबूत होगी।
यह नया फीचर सुरक्षा को भी बढ़ाता है, क्योंकि फिंगरप्रिंट और फेस डेटा यूजर के डिवाइस में ही सुरक्षित रहता है, जिससे पिन शेयर होने या उसके गलत इस्तेमाल का खतरा कम हो जाता है।
हालांकि, 5,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए यूजर्स को अभी भी यूपीआई पिन डालना होगा, जिससे बड़े पेमेंट के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बनी रहेगी।
फिलहाल यह फीचर उन एंड्रॉएड और आईओएस डिवाइस पर उपलब्ध है, जिनमें फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन की सुविधा मौजूद है।
--आईएएनएस
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