हिंदू धर्म एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। इस बार कामदा एकादशी 29 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ ही तुलसी पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक श्रीहरि की उपासना करने पर उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही, पूजा के समय तुलसी चालीसा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है, जिससे घर में माता लक्ष्मी का आगमन होता है और आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं।
एकादशी के मौके पर तुलसी पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और अन्न-धन से भंडार भरे रहते हैं। इसके साथ ही जीवन में सफलता के मार्ग खुल जाते हैं।
।।तुलसी चालीसा।।
श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय।
जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय।।
नमो नमो तुलसी महारानी, महिमा अमित न जाय बखानी।
दियो विष्णु तुमको सनमाना, जग में छायो सुयश महाना।।
विष्णुप्रिया जय जयतिभवानि, तिहूँ लोक की हो सुखखानी।
भगवत पूजा कर जो कोई, बिना तुम्हारे सफल न होई।।
जिन घर तव नहिं होय निवासा, उस पर करहिं विष्णु नहिं बासा।
करे सदा जो तव नित सुमिरन, तेहिके काज होय सब पूरन।।
कातिक मास महात्म तुम्हारा, ताको जानत सब संसारा।
तव पूजन जो करैं कुंवारी, पावै सुन्दर वर सुकुमारी।।
कर जो पूजन नितप्रति नारी, सुख सम्पत्ति से होय सुखारी।
वृद्धा नारी करै जो पूजन, मिले भक्ति होवै पुलकित मन।।
श्रद्धा से पूजै जो कोई, भवनिधि से तर जावै सोई।
कथा भागवत यज्ञ करावै, तुम बिन नहीं सफलता पावै।।
छायो तब प्रताप जगभारी, ध्यावत तुमहिं सकल चितधारी।
तुम्हीं मात यंत्रन तंत्रन, सकल काज सिधि होवै क्षण में।।
औषधि रूप आप हो माता, सब जग में तव यश विख्याता,
देव रिषी मुनि औ तपधारी, करत सदा तव जय जयकारी।।
वेद पुरानन तव यश गाया, महिमा अगम पार नहिं पाया।
नमो नमो जै जै सुखकारनि, नमो नमो जै दुखनिवारनि।।
नमो नमो सुखसम्पति देनी, नमो नमो अघ काटन छेनी।
नमो नमो भक्तन दुःख हरनी, नमो नमो दुष्टन मद छेनी।।
नमो नमो भव पार उतारनि, नमो नमो परलोक सुधारनि।
नमो नमो निज भक्त उबारनि, नमो नमो जनकाज संवारनि।।
नमो नमो जय कुमति नशावनि, नमो नमो सुख उपजावनि।
जयति जयति जय तुलसीमाई, ध्याऊँ तुमको शीश नवाई।।
निजजन जानि मोहि अपनाओ, बिगड़े कारज आप बनाओ।
करूँ विनय मैं मात तुम्हारी, पूरण आशा करहु हमारी।।
शरण चरण कर जोरि मनाऊं, निशदिन तेरे ही गुण गाऊं।
क्रहु मात यह अब मोपर दाया, निर्मल होय सकल ममकाया।।
मंगू मात यह बर दीजै, सकल मनोरथ पूर्ण कीजै।
जनूं नहिं कुछ नेम अचारा, छमहु मात अपराध हमारा।।
बरह मास करै जो पूजा, ता सम जग में और न दूजा।
प्रथमहि गंगाजल मंगवावे, फिर सुन्दर स्नान करावे।।
चन्दन अक्षत पुष्प् चढ़ावे, धूप दीप नैवेद्य लगावे।
करे आचमन गंगा जल से, ध्यान करे हृदय निर्मल से।।
पाठ करे फिर चालीसा की, अस्तुति करे मात तुलसा की।
यह विधि पूजा करे हमेशा, ताके तन नहिं रहै क्लेशा।।
करै मास कार्तिक का साधन, सोवे नित पवित्र सिध हुई जाहीं।
है यह कथा महा सुखदाई, पढ़े सुने सो भव तर जाई।।
तुलसी मैया तुम कल्याणी, तुम्हरी महिमा सब जग जानी।
भाव ना तुझे माँ नित नित ध्यावे, गा गाकर मां तुझे रिझावे।।
यह श्रीतुलसी चालीसा पाठ करे जो कोय।
गोविन्द सो फल पावही जो मन इच्छा होय।।
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चैत्र नवरात्रि का पर्व पूरे देशभर भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। 23 मार्च यानी नवरात्र के पांचवे दिन और सोमवार का संयोग बेहद ही शुभ माना जा रहा है। नवरात्र का पांचवां दिन स्कंदमाता को समर्पित है। इस बार यह दिन सामान्य नहीं है, क्योंकि इस दिन सोमवार का अद्भुत संयोग बन रहा है, जो महादेव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, नवरात्र के दौरान पड़ने वाले सोमवार को बहुत कल्याणकारी माना गया है। अगर आप किसी समस्या से लंबे समय से परेशान हैं, तो इस खास मौके पर शिवलिंग पर विशेष सामग्री चढ़ाएं।
शक्ति और शिव का मिलन
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रुपों की पूजा की जाती है, जो शक्ति का प्रतीक हैं। दूसरी ओरस सोमवार का दिन भगवान शिव को अति प्रिय है। ऐसे में इस दिन शिव-शक्ति की एक साथ विधिवत रुप से पूजा करें। ऐसा करने से अखंड सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन छोटा-सा उपाय करने से भी आपको दोगुना फल प्राप्त होता है, क्योंकि शिव के बिना शक्ति अधूरी मानी जाती है।
शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये सामग्री
कच्चा दूध और काले तिल
यदि आपका चंद्रमा कमजोर है या मन अशांत रहता है, तो चांदी के लोटे में कच्चा दूध और थोड़े काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर जरुर चढ़ाएं। ऐसा करने से मानसिक तनाव कम हो जाता है। इसके साथ ही आपको चंद्र दोष से भी राहत मिलता है।
शहद और गंगाजल
आर्थिक तंगी से परेशान जातक, इस सोमवार को शिवलिंग पर शहद चढ़ाएं और फिर गंगाजल से अभिषेक करें। इस उपाय के करने से धन के नए मार्ग बन जाते हैं। इसके साथ ही आपके घर में स्थायी लक्ष्मी का वास होता है।
बिल्व पत्र और अक्षत
आपको 5 या 11 अखंडित बिल्व पत्र पर चंदन से 'राम' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और साथ में बिना टूटे हुए चावल अर्पित करें। ऐसा करने से महादेव आपकी हर इच्छा को जरुर पूरा करेंगे। ऐसा करने से आपको शिव-पार्वती की कृपा मिलती है।
पूजा मंत्र (Puja Mantra)
- ॐ मृत्युंजयमहादेवं त्राहि मां शरणागतम्। जन्ममृत्युजराव्याधिपीडितं कर्मबन्धनै:॥
- ॐ नमः शिवाय शान्ताय तेजसे सर्वाधिष्टानाय सर्वसमर्थाय सर्वविलाय महेश्वराये नमः शिवाय ॐ॥
वंदे सूर्य शशांक वह्नि नयनं वंदे मुकुंद प्रियं, वंदे भक्त जनाश्रयं च वरदं वंदे शिवं शंकरम्॥
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