छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक बेहद दुखद खबर आई है, जहां प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में रविवार को रोपवे का केबल टूट गया। नवरात्रि के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी, तभी अचानक हुए इस हादसे में एक महिला की जान चली गई और 17 लोग घायल हो गए। जमीन से लगभग 3,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस पहाड़ी मंदिर में हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। चश्मदीदों के मुताबिक, केबल टूटने से रोपवे की केबिन नीचे गिर गई, जिससे उसमें सवार यात्री गंभीर रूप से चोटिल हो गए।
राहत कार्य
प्रशासन ने पुष्टि की है कि हादसे में घायल हुए 17 लोगों में से 5 की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का स्थानीय अस्पतालों में प्राथमिक उपचार किया गया, जिसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
नवरात्रि के दौरान इस लोकप्रिय धार्मिक स्थल पर सुरक्षा के दावों के बीच हुए इस हादसे ने श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया था।
सुरक्षा और रखरखाव पर उठे गंभीर सवाल
रोपवे जैसे संवेदनशील साधन के अचानक टूटने से मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या फिर रखरखाव में लापरवाही बरती गई थी।
विशेष रूप से नवरात्रि जैसे व्यस्त समय में, जब हजारों की संख्या में लोग पहाड़ी पर पहुंचते हैं, ऐसी चूक ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जांच रिपोर्ट आने तक रोपवे सेवा को फिलहाल बंद रखा जा सकता है।
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के बड़े हिस्से में अगले कुछ दिनों के लिए मौसम का व्यापक अलर्ट जारी किया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और चक्रवाती सिस्टम के सक्रिय होने के कारण उत्तर-पूर्वी, पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम तेजी से बदल रहा है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश, बिजली गिरने और ओले गिरना की संभावना है। पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल और उत्तराखंड में भी बर्फबारी के आसार बन रहे हैं।
पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में भारी तबाही की आशंका
मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए भी 24 मार्च तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
विशेष रूप से गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने का खतरा है। बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मध्य भारत में 'ऑरेंज अलर्ट'
मौसम विभाग ने मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिसका मतलब है कि यहां मौसम बेहद खराब हो सकता है। विदर्भ और मध्य प्रदेश के इलाकों में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
वहीं, दक्षिण भारत के राज्यों जैसे केरल और कर्नाटक में गर्मी और उमस बनी रहेगी, लेकिन तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंड बढ़ सकती है।
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