सेशेल्स में युद्धाभ्यास पूरा कर रवाना हुआ भारतीय युद्धपोत ‘आईएनएस त्रिकंड’
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड, हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री कूटनीति और सामरिक सहयोग महत्वपूर्ण को मजबूती दे रहा है। भारतीय नौसेना के इस युद्धपोत ने सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया का सफलतापूर्वक दौरा किया है। सेशेल्स पोर्ट के बाद यह समुद्री जहाज अपनी अगली तैनाती के लिए रवाना हो गया है।
आईएनएस त्रिकंड का यह पोर्ट कॉल 16 मार्च से शुरू हुआ था। नौसेना के मुताबिक इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग नई ऊंचाइयों तक पहुंचा है। आईएनएस त्रिकंड, भारतीय नौसेना का एक अत्याधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट है। सेशेल्स में अपने प्रवास के दौरान युद्धपोत ने कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में भाग लिया है। जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने सेशेल्स सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और वहां स्थित भारत के उच्चायुक्त से मुलाकात की।
इन मुलाकातों में द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया। इस दौरान सेशेल्स सरकार को आवश्यक स्पेयर पार्ट्स और कई जरूरी सामग्री भी सौंपी गई। यह दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग का प्रतीक भी है। इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पहलू संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘लामितिये 2026’ में भारतीय भागीदारी रही। इस सैन्य अभ्यास पहली बार त्रि-सेवा यानी थलसेना, नौसेना और वायुसेना की भागीदारी रही। इस बार यह अभ्यास व्यापक स्तर पर आयोजित किया गया। यहां हुए सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और सेशेल्स रक्षा बल के जवानों ने मिलकर अपनी संयुक्त क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
खास बात यह रही कि इस अभ्यास में पहली बार भारतीय नौसेना ने भी भाग लिया। अभ्यास के हार्बर चरण के दौरान जहाज पर ‘विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर’ (वीबीएसएस) प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें संयुक्त बोर्डिंग ऑपरेशनों का अभ्यास किया गया। इसके बाद समुद्री चरण में आईएनएस त्रिकंड ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड के जहाज ‘ले विजिलेंट’ के साथ संयुक्त अभ्यास किया। इस दौरान भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो और सेशेल्स के विशेष बलों ने समुद्र में संयुक्त बोर्डिंग ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो और सेशेल्स रक्षा बल के जवानों ने मिलकर समुद्री जहाज पर चढ़ाई, तलाशी और नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण अभियान पूरे किए। अभ्यास में समुद्र के रास्ते घुसपैठ रोकने, ड्रोन से निगरानी, छापेमारी और घायल सैनिकों को निकालने जैसे ऑपरेशन किए गए। यह अभ्यास मुख्य रूप से अर्ध-शहरी और समुद्री सुरक्षा परिदृश्यों पर केंद्रित रहा। अभ्यास में सेशेल्स रक्षा बल के तटरक्षक, वायु सेना और विशेष अभियान इकाई की समन्वित भागीदारी रही। भारतीय पक्ष से नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड को समुद्री अभियानों के लिए तैनात किया गया था।
अभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेनाओं ने साथ मिलकर कई तरह के ऑपरेशन किए। अर्ध-शहरी इलाकों में घेराबंदी और तलाशी, सटीक हमले और संयुक्त योजना बनाना जैसे अभ्यास किए गए, जिससे आपसी तालमेल और भरोसा और मजबूत हुआ। नौसेना के मुताबिक अभ्यास का एक और अहम हिस्सा प्रस्लिन द्वीप पर भारतीय सेना और सेशेल्स रक्षा बल के जवानों का संयुक्त लैंडिंग ऑपरेशन रहा, जिसने दोनों देशों की सैन्य समन्वय क्षमता को दर्शाया। समुद्री चरण के दौरान सेशेल्स रक्षा बल के प्रमुख मेजर जनरल माइकल रोसेट, उप प्रमुख ब्रिगेडियर जीन अटाला और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने आईएनएस त्रिकंड पर सवार होकर अभ्यास का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
यह अभ्यास भारत और सेशेल्स के बीच सैन्य सहयोग, पारस्परिक समझ और समुद्री सुरक्षा में तालमेल को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। आईएनएस त्रिकंड का यह दौरा भारत की ‘महासागर’ (क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) विजन को भी प्रतिबिंबित करता है। साथ ही यह भारतीय नौसेना की इस प्रतिबद्धता को दोहराता है कि वह हिंद महासागर क्षेत्र में एक विश्वसनीय सुरक्षा साझेदार और प्रथम प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस
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सीएम योगी ने युवाओं को दी सरकारी नौकरी की सौगात, 1228 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ स्थित लोकसभा ओडिटोरियम में 1228 नव नयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए. इस दौरान सीएम योगी ने वहां मौजूद नर्सिंग अभ्यर्थियों और लोगों को संबोधित किया. इस दौरान सीएम योगी ने किया कि नवरात्रि के अवसर पर बेटियों को नियुक्ति पत्र मिलना नारी शक्ति के स्वावलंबन का एक बेहतर उदारहण है. इसके साथ ही सीएम योगी ने अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं भी दी.
सीएम योगी ने कहा कि, नर्सिंग का पेशा सेवा और संवेदना का है. आपकी सेवा और संवेदन मरीज के साथ सहयोगी बनती है तो उसका रिजल्ट भी सामने आता है. सीएम योगी ने कहा कि, अब वे दिन दूर हो गए जब सोचा जाता था कि नर्सिंग और मेडिकल कॉलेज खोलकर क्या होगा. सीएम योगी ने कहा कि नर्सिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिस क्षेत्र में 100 प्रतिशत गारंटी मिलती है कि उसमें प्लेसमेंट जरूर होगा. सीएम योगी ने कहा कि आज नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि भारत के नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग दुनियाभर में है.
#WATCH | Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath says, "...In 2017, the situation in the state was bad... From 1947 to 2017, in these 70 years... there were a limited number of medical colleges. Only 17 government medical colleges were there... In total, there were… https://t.co/aSToTtwaKe pic.twitter.com/IE6V2dV503
— ANI (@ANI) March 22, 2026
सीएम योगी ने आगे कहा कि 2017 के पहले राज्य में स्थिति बदहाल थी. 1947 से लेकर 2017 तक 70 वर्षों में प्रदेश में सीमित संख्या में मेडिकल कॉलेज थे. सिर्फ 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, निजी क्षेत्र को मिला दें तो उनकी संख्या ज्यादा था. राज्य में कुल 40 मेडिकल कॉलेज पूरे प्रदेश में थे और आज सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज को मिलाकर के कुल 81 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं. सीएम योगी ने कहा कि पहले नर्सिंग या पैरामिडिकल के बारे में लोग बहुत गंभीर नहीं होते थे. तब ये माना जाता था कि किसी भी प्रकार से उनकी नियुक्ति हो जाए. अगर अस्पताल बन जाए तो वहां डॉक्टर नहीं होते थे. ना वहां मेडिकल सुविधाएं होती थीं.
सीएम योगी ने आगे कहा कि पहले सबकुछ भगवान भरोसे था, स्वास्थ्य की सेवाएं भी भगवान भरोसे थी. सीएम ने कहा कि पूर्वी यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदहाल थी. हजारों मौतें होती थी कोई पूछने वाला नहीं था. इंसेफिलाइटिस, डेंगू समेत तमाम बीमारियों से मौतें होती थीं कोई पूछने वाला नहीं था.
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