Responsive Scrollable Menu

Trump को झुकाया, ईरान को मनाया, युद्ध रोकने कूद पड़ा ये मुस्लिम देश

दुनिया की नजरें अब वाशिंगटन या तेहरान पर नहीं बल्कि काहरा पर टिकी है। क्योंकि मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अलसीसी अब इस महायुद्ध को रोकने के लिए सुपर मीडिएटर बनकर उभरे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो अब तक ईरान के बिजली संयंत्रों को राख कर देने की धमकी दे रहे उन्होंने अपनी 48 घंटे की समय सीमा पर ब्रेक लगा दिया है। ट्रंप ने अब ईरान को 5 दिनों की मोहलत दी है। वजह दोनों देशों के बीच पिछले दो दिनों से गुप्त बातचीत चल रही है। दरअसल ट्रंप को भी अंदाजा है कि अगर ईरान ने फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगे बिछा दी तो दुनिया की अर्थव्यवस्था डूब जाएगी।

इसे भी पढ़ें: ईरान युद्ध पर भारत में भी बढ़ी हलचल, सरकार ने चर्चा के लिए बुलाई ऑल पार्टी मीटिंग, महिला आरक्षण पर भी चर्चा

मिस्र बना संकटमोचक? 

मिस्र के रिश्ते अमेरिका, रूस, इजराइल और मुस्लिम देशों से सभी से बेहतर है। स्वेज नहर मिस्र के हाथ में है। अगर होमूस के बाद स्वेज ब्लॉक हुआ तो यूरोप तबाह हो जाएगा। मिस्र का ट्रैक रिकॉर्ड वो इजराइल, गाजा और सूडान जैसे सात सबसे पेचीदा युद्धों को खत्म करवा चुका है। ईरान को अब तुर्की या ओमान से ज्यादा मिस्र पर भरोसा है। समझौते की मेज सज चुकी है लेकिन शर्तें सख्त है। ईरान की बात हमले ना करने की लिखित गारंटी। युद्ध के नुकसान का भारी हर्जाना विरोधी पत्रकारों पर कारवाई अमेरिका की मांग हॉर्मोन स्टेट से ईरान का कंट्रोल हटे परमाणु हथियार ना बनाने का ठोस वादा लंबी दूरी के मिसाइलों के उत्पादन पर रोक ट्रंप की पांच दिन की मोहलत और मिस्र की मध्यस्था क्या यह दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध से बचा पाएगी या फिर यह सिर्फ तूफान से पहले की शांति है दुनिया की सासे अब इन पांच दिनों पर टिकी है।

इसे भी पढ़ें: LPG से लदे 2 और जहाजों ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट, भर जाएंगे 65 लाख से ज्यादा सिलिंडर

प्रेसिडेंट ट्रंप एक बार फिर अपनी कही बात से पलट गए हैं। 48 घंटे वाले अल्टीमेटम से ट्रंप ने पलटी मार दी है। उन्होंने कहा है कि हम ईरान के जो पावर हाउसेस हैं, बिजली संयंत्र हैं, वहां पर 5 दिनों के लिए हमला टाल रहे हैं। और उन्होंने इससे पहले चेतावनी ईरान को दी थी कि 48 घंटे के भीतर अगर उसने स्टेट ऑफ़ हरमोस खाली नहीं किया तो अमेरिका उसके ऊर्जा ढांचों खासकर बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा और उन्हें तबाहो बर्बाद कर देगा। इतना ही नहीं उससे पहले प्रेसिडेंट ट्रंप कह रहे थे कि ईरान में अब कोई लीडरशिप बची ही नहीं है तो बात किससे करेंगे? अब कहते हैं कि बात चल रही है। एक्सपर्ट कहते हैं कि ट्रंप का अपने ही अल्टीमेटम से पीछे हटना दरअसल ईरान का वो रुख है जो वो लगातार अपनाए हुए हैं। ईरान किसी भी स्थिति में सुनने के लिए तैयार नहीं है। वो लगातार इसराइल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर अपनी बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन मार रहा है।

इसे भी पढ़ें: शांति ही समाधान, तेल-गैस का इंतजाम, युद्ध पर मोदी की चेतावनी

ईरान में जनता और आईआरजीसी ने भी मन बना लिया है कि जंग आर-पार की होगी। या तो अमेरिका खित्ते से जाएगा और इसराइल पर लगाम लगेगी या फिर ईरान में कुर्बानियां होंगी। इसके अलावा और कुछ भी नहीं। इतना ही नहीं सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ पर अपने नए संदेश में ट्रंप ने ईरान को कंट्री ऑफ ईरान कह के संबोधित किया है। अभी कुछ दिनों पहले ही यही ट्रंप ईरान को टेररिस्ट रिजीम कह रहे थे। इस तरह की बातें ईरान के लिए कह रहे थे और फिर अब कह रहे हैं कि ईरान कंट्री है, एक देश है। यानी अपनी ही कही हुई बातों से पलट जाना ऐसा लगता है प्रेसिडेंट ट्रंप की आदत में शुमार हो गया है और दुनिया भी इसे देख रही है, जान रही है। ऐसा एक्सपर्ट कहते हैं। उन्होंने साफ़ तौर पर धमकी दी थी कि 48 घंटे सिर्फ़ 48 घंटे के भीतर अगर समंदर में होमूस जलडमरू मध्य को यानी होमोस स्टेट को नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान की पावर फैसिलिटी ठप कर देगा।

Continue reading on the app

114 राफेल, 60 MT एयरक्रॉफ्ट पर रक्षा मंत्रालय का बड़ा बयान, भारत के इतिहास की सबसे बड़ी एयर डील

भारत आज सिर्फ एक देश नहीं बल्कि एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति बन चुका है। चाहे बात अर्थव्यवस्था की हो, टेक्नोलॉजी की हो या फिर सैन्य ताकत की। भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खासकर रक्षा क्षेत्र में भारत अब आत्मनिर्भरता और आधुनिकता की दिशा में बड़े कदम उठा रहा है। पिछले कुछ सालों में भारत ने अपनी सेना को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए। स्वदेशी हथियारों से लेकर अत्याधुनिक विदेशी तकनीक तक हर दिशा में संतन बनाते हुए भारत अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा और अब भारत की वायु शक्ति को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया। भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए भारतीय वायुसेना यानी इंडियन एयरफोर्स को और अधिक ताकतवर बनाने के लिए कई बड़े डिफेंस डील की तैयारी शुरू कर दी है। 

इसे भी पढ़ें: मजबूत सेना, स्वदेशी हथियार और नई युद्ध तकनीक, यही है मोदी सरकार की जबरदस्त सामरिक रणनीति

वित्त वर्ष साल 2026-27 में भारत सरकार कई बड़े रक्षा सौदों को अंतिम रूप देने जा रही है। इनमें सबसे प्रमुख है 114 नए राफेल फाइटर जेट 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट यानी कि एमटीए और एडवांस वॉक्स सिस्टम। बता दें रक्षा मंत्रालय ने संसद की स्थाई समिति को जानकारी देते हुए बताया कि वायु सेना की कैपिटल बजट में 37.03% की भारी बढ़ोतरी की गई है। इसका मतलब साफ है कि भारत अब सिर्फ रक्षा नहीं बल्कि सुपर डिफेंस पावर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बता दें सबसे बड़ी और सबसे चर्चित डील है 114 नए राफेल फाइटर जेट लड़ाकू विमानों की खरीद। यह डील लगभग 3.25 लाख करोड़ की हो सकती है जो भारत के इतिहास की सबसे बड़ी एयर डील्स में से एक होगी। इन विमानों को फ्रांस की कंपनी डिसॉल्ट एिएशन भारत में ही मैन्युफैक्चरिंग करेगी एक भारतीय पार्टनर के साथ मिलकर। इसका मतलब भारत में रोजगार बढ़ेगा। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा और मेक इन इंडिया को मजबूती मिलेगी। राफेल पहले ही भारतीय वायुसेना में अपनी ताकत साबित कर चुका है। इसकी स्पीड, स्ट्रेंथ और मल्टी रोल क्षमता इसे दुनिया के सबसे खतरनाक फाइटर जेट्स में शामिल करते हैं। दूसरा बड़ा प्लान 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद। यह डील करीब 1 लाख करोड़ की हो सकती है। इन विमानों का उद्देश्य है पुराने एंटोनो एन32 विमान को रिप्लेस करना। खास बात यह है कि 12 विमान सीधे विदेश से आएंगे और 48 भारत में ही बनाए जाएंगे। 

इसे भी पढ़ें: Make in India सिर्फ नारा ! भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक, Russia से खरीद घटाई, France-Israel से रक्षा खरीद बढ़ाई

इस प्रोजेक्ट के लिए दुनिया की कई बड़ी कंपनियां रेस में हैं। जैसे कि एमर सी 390 मिलेनियम लॉकिड मार्टिन एयरb 400 एम एटलस अब फायदा क्या होगा? तेज सैनिक पहुंचेंगे और सामान परिवहन भी तेज होगा। आपातकालीन स्थितियों में तेजी आएगी। लॉजिस्टिक क्षमता में बड़ा सुधार आएगा। तीसरा बड़ा प्लान एडवांस एवोक्स यानी एयरबर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम की खरीद। यह सिस्टम युद्ध के दौरान आसमान की आंख की तरह काम करता है। ये दुश्मन के मिसाइल और विमानों को पहले ही ट्रैक करता है। रियल टाइम इंटेलिजेंस देता है। युद्ध के दौरान कमांड और कंट्रोल संभालता है। आज के आधुनिक युद्ध में अवार्क सिस्टम बेहद जरूरी हो चुके हैं। बता दें रक्षा मंत्रालय ने साफ ऐलान किया है कि इंडियन एयरफोर्स के 37.03% की बढ़ोतरी की गई है। इसका मतलब है भारत युद्ध के लिए नहीं तैयारी के लिए तैयार हो रहा है। टेक्नोलॉजी और मॉडर्नाइजेशन पर फोकस कर रहा है। खैर भारत अब सिर्फ अपनी सीमाओं की रक्षा नहीं कर रहा बल्कि भविष्य के युद्धों के लिए भी खुद को तैयार कर रहा। 114 राफेल, 60 एमटीए और एडवांस अवॉक सिस्टम यह सिर्फ डील्स नहीं है। यह भारत की नई सैन्य रणनीति का हिस्सा है। यह दिखाते हैं कि भारत अब रिएक्ट नहीं करता बल्कि प्रोएक्टिव होकर आगे बढ़ता है।

Continue reading on the app

  Sports

बीच में छिन सकती है रहाणे की गद्दी, रिंकू सिंह कप्तानी का सिंहासन संभालने को कितने तैयार, KKR को चाहिए 'करिश्मा'

कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए आईपीएल 2026 की शुरुआत के साथ ही कप्तानी चर्चा का केंद्र बन गई है. यह बात साफ है कि अंजिक्य रहाने एक अनुभवी और शांत स्वभाव के लीडर हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या वह टी20 जैसे तेज-तर्रार फॉर्मेट में टीम को आगे ले जा सकते हैं.  Tue, 24 Mar 2026 16:43:03 +0530

  Videos
See all

CM Yogi Speech: निवेश मित्र 3.0 का लखनऊ में शुभारंभ | Lucknow | UP #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T12:15:05+00:00

NKP | Sushant Sinha: तेल गैस से निपटने की कोशिश में भारत #israeliranwar #pmmodi #lpgcylinder #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T12:15:01+00:00

Pakistani Spy News Live | भारत में Pak जासूसों पर बड़ा खुलासा | PM Modi | Asim Munir | Ind Vs Pak #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T12:07:45+00:00

Assam Election 2026:Nalbari में Jayanta Malla Baruah बचा पाएंगे सीट?#assamelection2026 #electionnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T12:15:05+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers