ईरान, इजराइल, अमेरिका में युद्ध है। खाड़ी देशों पर सीधा असर है। क्योंकि ईरान लगातार खाड़ी में हमले कर रहा है खाड़ी देशों में। भारत उस मोर्चे पर पूरी ताकत के साथ डिप्लोमेसी पर लौट आने की अपील कर रहा है। बातचीत कर रहा है। 24-4 घंटे के अंदर भारत के प्रधानमंत्री पांच राष्ट्र अध्यक्षों से बात कर रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ हार्मोस को सुरक्षित रखा जाए इसके लिए भारत अपने युद्धपोतों की तैनाती बढ़ा रहा है। वहीं दूसरी तरफ दुनिया में कोई और मोर्चा भी है जिस पर भारत जुटा हुआ है। यह मोर्चा है पाकिस्तान बनाम अफगानिस्तान का। अफगानिस्तान पाकिस्तान में हुए युद्ध में जिसमें अभी हाल में एक सीज फायर का ऐलान किया गया जिसकी जानकारी आगे देंगे। उसमें भारत जो है रोल निभाने से पीछे नहीं है।
भारत ने लगातार पाकिस्तान के द्वारा अफगानिस्तान में किए जा रहे बेतरतीब हवाई हमलों को लेकर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया। उसके हमलों को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। बेतरतीब करार दिया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान पूरी तरीके से अपनी अपनी विफलता अफगानिस्तान पर थोपने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में बात सिर्फ भारत नहीं कर रहा एक्शन भी कर रहा है। एक तरफ भारत ने अगर निंदा की है पाकिस्तान के हमलों की अफगानिस्तान पर और यह कहा है कि वो अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा रहता है तो वो सिर्फ कहता नहीं है बल्कि करता है। ये सामान है मेडिकल इक्विपमेंट्स। जी हां, अफगानिस्तान में जो लगातार पाकिस्तान बेतरतीब तरीके से हवाई हमले कर रहा है, उससे जो नुकसान हुआ, लोगों को जो जान माल की हानि हुई, जो लोग घायल हुए, उनको बेहतर इलाज दिया जा सके। यह सुनिश्चित कर रहा है भारत और यही वजह है कि उनके इलाज के लिए भारत ने मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए भारत ने जो घायल लोग हैं वो तेजी से रिकवर कर पाए उसके लिए जो पाकिस्तान लगातार जो 16 मार्च को उसने जो हमला किया एक इनियस अटैक जो उसने किया अस्पताल पर उसको लेकर भारत ने ढाई टन 2.5 टन कंसाइनमेंट जिसमें मेडिकल इमरजेंसी के सामान मेडिसिंस जो हैं, मेडिकल डिस्पोजेबल्स हैं, किट्स हैं, इक्विपमेंट्स हैं, वो काबुल पहुंचाए गए हैं।
भारत ने ढाई टन मेडिकल सामग्री पहुंचाई है। मेडिकल डिस्पोजेबल्स हैं। किट्स हैं, मेडिकल किट्स यानी कि इक्विपमेंट जो हैं जो जिससे इलाज किया जा सके या जिससे बेहतर इलाज हो सके वो है। इसके अलावा इमरजेंसी मेडिसिंस हैं। यानी कि राहत देने वाली दवाइयां हैं। ढाई टन भारत ने यह भेजा है और साथ में भारत ने कहा है कि इंडिया स्टैंड्स इन सॉलिडेरिटी विद अफगान पीपल एंड विल कंटिन्यू टू एक्सटेंड ऑल पॉसिबल ह्यूमनिटेरियन सपोर्ट इन दिस डिफिकल्ट टावर। इसका मतलब है कि भारत ने कहा है कि वो अफगानिस्तान के लोगों के साथ पूरे ताकत के साथ पूरे हमदर्दी के साथ इस मुश्किल घड़ी में जब पाकिस्तान आम नागरिकों पर बम गिरा रहा है उस वक्त में भारत अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा है और वो भारत की तरफ से भारत ने कहा है कि जो कुछ भी संभव होगा मानवीय सहायता के रूप में हम आप तक पहुंचेंगे पहुंचाएंगे। यानी कि अफगानिस्तान को इस बात का विश्वास भी भारत ने दिलाया है कि तुम्हारी जितनी मदद की जा सकती है उतनी तुम्हारी मदद हम देते रहेंगे ताकि लोग जल्दी स्वस्थ लाभ हो जाए। जो इलाजरत हैं उनको बेहतर इलाज मिल पाए। तो देखिए एक तरफ यह मोर्चा है, युद्ध है, बमबारी है, तमाम चीजें हैं और दूसरी तरफ अफगानिस्तान भी है जहां पाकिस्तान अफगानिस्तान में युद्ध चल रहा था। ईद को लेकर टेंपरेरी सीज फायर हुए। वहां भारत भूला नहीं मोर्चा। यही जो है वो बताता है कि आपको एक बार में एक जगह काम नहीं करना होता। आपको मल्टीपल मोर्चों पर तैनाती रखनी पड़ती है कि कोई आपका मोर्चा कमजोर ना पड़ने पाए। यही वजह है कि उधर भी अगर डिप्लोमेसी है तो इधर भी डिप्लोमेसी है और देखिए ईद ईद उलफितर से पहले अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने जो ये तय किया कि भई चलो टेंपरेरी सीज फायर कर लेते हैं और हाल में जो काबुल के अस्पताल पर जो हमला हुआ था उसके बाद से ये हालात बहुत खराब है। पाकिस्तान बहुत अजीबोगरीब तर्क दे रहा है अपनी गर्दन बचाने के लिए कि उसे जिम्मेदार ना माना जाए।
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वर्ल्ड्स वाटर डे पर चर्चा हो रही थी। इस चर्चा में दुनिया भर के देशों ने हिस्सा लिया। इस मंच पर भारत और पाकिस्तान दोनों मौजूद थे। पाकिस्तान को जैसे ही मंच मिला उसने भारत के खिलाफ अपना जहरीला प्रोपोगेंडा फैलाना शुरू कर दिया। पाकिस्तान ने भारत पर कई तरह के बेबुनियाद आरोप लगाए और पानी पर भारत के द्वारा लगाई गई संधि पर रोक को लेकर भारत पर ही ठिकरा फोड़ दिया। इसके बाद बारी आई भारत की। भारत ने विश्व को अपने जल जीवन मिशन के बारे में बताया। इसके अलावा भारत जल सुरक्षा के लिए क्या कुछ कदम उठा रहा है इसकी जानकारी दी। भारत ने उसके बाद अंतरराष्ट्रीय यूएन के मंच पर पाकिस्तान की बखिया उधेड़नी शुरू कर दी। भारत ने एक बयान दिया जिसमें उसने पाकिस्तान का पूरा कच्चा चिट्ठा दुनिया के सामने रख दिया। और यूं कहें कि भारत ने साफ तौर पर दुनिया को यह बता दिया है कि भारत पाकिस्तान को एक बूंद पानी देने से रहा।
भारत ने दोहराया है कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक इस्लामाबाद आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंद नहीं कर देता। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश ने कहा कि पाकिस्तान को संधि संबंधी चिंताएं उठाने से पहले मानव जीवन की पवित्रता का सम्मान करना चाहिए, और इसे आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने 1960 की संधि पर सद्भावना से हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान ने युद्धों और आतंकी हमलों के माध्यम से इसे कमजोर किया।
पिछले साल के भयावह पहलगाम हमले के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित कर दिया था। हरीश ने यह भी कहा कि तकनीकी और पर्यावरणीय परिवर्तनों के बीच संधि में संशोधन पर चर्चा करने के भारत के प्रयास को पाकिस्तान ने अस्वीकार कर दिया। विश्व जल दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यक्रम में बोलते हुए हरीश ने कहा कि भारत सुरक्षित जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत हुई प्रगति पर प्रकाश डाला। जिस तेवर के साथ भारत ने दुनिया के सामने यह बताया है कि पाकिस्तान जब तक आतंकवाद को अपनी गोद में बिठाकर पालतापसता रहेगा तब तक भारत पाकिस्तान के साथ कोई संबंध नहीं रख सकता। भारत ने लंबे वक्त तक पाकिस्तान को लेकर अपनी उदारता दिखाई है। लेकिन उसके बदले में पाकिस्तान ने कोई रवैया नहीं बदला और वह खुद आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बन बैठा। ऐसे में पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि जारी नहीं रह सकती है।
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