ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने युद्धविराम के विचार को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि तेहरान अतीत की उन स्थितियों को दोहराना नहीं चाहता जहां संघर्ष बिना किसी ठोस समाधान के रुक गए थे। उनका यह कड़ा बयान ऐसे समय आया है जब ईरान से जुड़े मौजूदा युद्ध में तनाव लगातार बढ़ रहा है। मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को कहा कि अमेरिका ईरान से जुड़े संघर्ष में युद्धविराम नहीं चाहता है और सैन्य अभियान उसकी प्राथमिकता बने हुए हैं। व्हाइट हाउस के बाहर पाम बीच, फ्लोरिडा के लिए रवाना होने से पहले ट्रम्प ने कहा, "हम बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मैं युद्धविराम नहीं चाहता। जब आप दूसरे पक्ष को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हों, तब युद्धविराम नहीं किया जा सकता... हम ऐसा नहीं करना चाहते।
ब्रिटेन द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाने वाले ईरानी मिसाइल ठिकानों पर हमले के लिए अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति देने के फैसले पर टिप्पणी करते हुए, ट्रंप ने इस कदम के समय पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो, मैं ब्रिटेन के इस कदम से थोड़ा हैरान था। उन्हें बहुत तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए थी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ब्रिटेन ने हाल ही में अमेरिकी सेनाओं को ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति का विस्तार किया है, जिसे उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों से जुड़ी ईरानी मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से "रक्षात्मक अभियान" के रूप में वर्णित किया है।
ईरान ने विश्व भर में मनोरंजन और पर्यटन स्थलों को निशाना बनाने की धमकी दी और इस बात पर ज़ोर दिया कि वह अब भी मिसाइलें बना रहा है। वहीं, इसके सर्वोच्च नेता ने एक और चेतावनी भरा बयान जारी किया। इस बीच, अमेरिका पश्चिम एशिया में तीन अतिरिक्त युद्धपोत और लगभग 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों की तैनाती करने जा रहा है। शुक्रवार को मनोरंजन और पर्यटन स्थलों पर हमलों की ईरान की धमकी अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी उसके संघर्ष के लगभग तीन सप्ताह बाद आई है, जिसमें तेहरान के कई शीर्ष नेता मारे गए हैं और उसके हथियार एवं ऊर्जा उद्योगों को भारी नुकसान पहुंचा है। ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी अरब देशों में स्थित ऊर्जा संयंत्रों पर हमले किए, वहीं इजराइल ने तेहरान को निशाना बनाया। ये हमले ऐसे समय हुए जब लोग रमजान महीने के पूरा होने पर ईद मनाने की तैयारियों में लगे थे, तथा ईरान में नवरोज का त्योहार मनाया जा रहा था। शीर्ष ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने शुक्रवार को धमकी दी कि दुनिया भर के ‘‘पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और पर्यटन स्थल’’ तेहरान के दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे। जनरल अबोलफजल शेखरची की धमकी ने इस चिंता को फिर से बढ़ा दिया है कि ईरान दबाव बनाने की रणनीति के रूप में पश्चिम एशिया से बाहर आतंकवादी हमलों का इस्तेमाल फिर से शुरू कर सकता है। अमेरिकी और इजराइली नेताओं ने कहा है कि हफ्तों तक चले हमलों ने ईरान की सेना को तबाह कर दिया है। हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता, इसकी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख और कई अन्य शीर्ष सैन्य एवं राजनीतिक नेता भी मारे गए हैं।
Continue reading on the app
इस महीने, डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दबाव में क्यूबा की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब विदेशों में रहने वाले क्यूबाई नागरिकों को देश के भीतर सीधे व्यवसायों में निवेश करने की अनुमति दी गई है। लेकिन यह कदम शायद क्यूबा की गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में क्यूबा का पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जहां 2019 में 40 लाख से अधिक पर्यटक आए थे, वहीं हाल के वर्षों में यह संख्या घटकर लगभग 18–20 लाख तक रह गई है। स्थिति और भी गंभीर इसलिए हो गई है क्योंकि क्यूबा में लगातार बिजली संकट बना हुआ है। 16 मार्च को देश की पूरी बिजली व्यवस्था ठप हो गई, जिससे लगभग 1 करोड़ लोग अंधेरे में चले गए। इस संकट की मुख्य वजह ईंधन की भारी कमी है। क्यूबा अपनी बिजली उत्पादन के लिए काफी हद तक तेल पर निर्भर है, लेकिन अमेरिका के दबाव के कारण वेनेज़ुएला से तेल की आपूर्ति बंद कर दी गई।
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल ने कहा है कि देश को पिछले तीन महीनों से पर्याप्त तेल नहीं मिला है, जिससे बिजली, उद्योग और रोज़मर्रा की ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इन हालातों का सीधा असर पर्यटन पर पड़ा है। लगातार ब्लैकआउट, ईंधन की कमी और बढ़ती अनिश्चितता के कारण कई एयरलाइंस और टूर कंपनियों ने क्यूबा के लिए अपनी सेवाएं बंद या कम कर दी हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर और दबाव बढ़ गया है। कुल मिलाकर, क्यूबा इस समय आर्थिक, ऊर्जा और पर्यटन—तीनों मोर्चों पर गंभीर संकट का सामना कर रहा है। espoke Cuba Travel नाम की ट्रैवल एजेंसी के मालिक53 वर्षीय लाज़ पुजोल ने कहा मैं इस समय लोगों को क्यूबा की यात्रा टालने की सलाह दे रहा हूँ।
क्यूबा के लिए उड़ानों की स्थिति इस समय काफी प्रभावित
फरवरी में कनाडा और रूस की कुछ एयरलाइंस ने जेट फ्यूल की कमी को देखते हुए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से बंद कर दीं। एयर कनाडा ने भी अपने सभी क्यूबा जाने वाले फ्लाइट्स कम से कम 1 नवंबर तक के लिए सस्पेंड कर दिए हैं। इसके अलावा WestJet और Air Transat जैसी कनाडाई एयरलाइंस ने भी अपनी सेवाएं रद्द कर दी हैं। WestJet ने 25 अप्रैल तक की सभी बुकिंग पर यात्रियों को ऑटोमेटिक रिफंड देने की घोषणा की है, जबकि Air Transat ने कहा है कि वह जून से फिर से उड़ानें शुरू कर सकती है। हालांकि, पूरी तरह से उड़ानें बंद नहीं हुई हैं। अमेरिका और कुछ अन्य देशों की एयरलाइंस अब भी क्यूबा के लिए उड़ानें चला रही हैं, लेकिन ये सीमित हैं और ज्यादातर उड़ानें राजधानी हवाना (Havana) तक ही केंद्रित हैं, जो देश का मुख्य प्रवेश द्वार है। कुल मिलाकर, क्यूबा के लिए एयर ट्रैवल अभी अनिश्चित और सीमित है, इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
Continue reading on the app