मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद से भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ खुला
मुंबई, 20 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बड़ी तेजी के साथ खुला। सुबह 9:25 पर सेंसेक्स 801 अंक या 1.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,008 और निफ्टी 248 अंक या 1.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,250 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी को लीड करने का काम सरकारी बैंकिंग और एनर्जी शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी एनर्जी टॉप गेनर्स थे। मेटल, कमोडिटीज, पीएसई, ऑयल एंड गैस, डिफेंस, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, इन्फ्रा, मीडिया, ऑटो और फार्मा के साथ करीब सभी सूचकांक हरे निशान में थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 943 अंक या 1.73 प्रतिशत की तेजी के साथ 55,436 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 207 अंक या 1.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 15,911 पर था।
सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, एसबीआई, एलएंडटी, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टाइटन, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, इंडिगो,आईटीसी, टीसीएस और एशियन पेंट्स गेनर्स थे। केवल एचडीएफसी बैंक ही लूजर था।
चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के अनुसार, बाजार में मंदी के रुझान जारी हैं, जिसमें निफ्टी के लिए 23,200-23,250 रुकावट का स्तर और 22,850-22,900 समर्थन का स्तर दिखाई है।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल से मिले हालिया संकेतों से ईरान संघर्ष में संभावित तनाव कम होने की आशंका है, जिससे वैश्विक बाजारों को कुछ राहत मिली है।
एशियाई बाजारों में भी तेजी देखी जा रही है। कोरियाई, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलियाई और चीनी बाजार हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए थे। डाओ में 0.44 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.28 प्रतिशत की गिरावट थी।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली जारी है। एफआईआई ने गुरुवार को भारतीय इक्विटी बाजार से -7,558.19 करोड़ रुपए निकाले थे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने निवेश करना जारी रखा है और इस दौरान 3,863.96 करोड़ रुपए का निवेश किया।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ओरल हेल्थ बिगड़ी तो दिमाग पर भी पड़ सकता है असर! जानिए कनेक्शन
नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। दांतों और मसूड़ों की सेहत सिर्फ मुस्कान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर हमारे दिमाग और मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। हाल के कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि अगर हम अपने दांतों और मसूड़ों का ठीक से ख्याल नहीं रखते, तो इसका असर सिर्फ मुंह तक नहीं रहता, बल्कि पूरे शरीर और खासतौर पर दिमाग पर भी पड़ सकता है।
जब दांत में कीड़ा लग जाता है, मसूड़े सूज जाते हैं या इंफेक्शन हो जाता है, तो लगातार दर्द बना रहता है। ये दर्द आपकी नींद खराब कर सकता है, खाने-पीने में दिक्कत दे सकता है और धीरे-धीरे आपको चिड़चिड़ा बना सकता है। नींद पूरी न होने और दर्द के चलते तनाव और एंग्जायटी बढ़ना आम बात है।
अगर आपके दांत पीले हैं, टूटे हुए हैं या सांस से बदबू आती है, तो आप लोगों के सामने खुलकर बात करने से कतराने लगते हैं। कई लोग तो हंसना तक कम कर देते हैं। इसका सीधा असर आत्मविश्वास पर पड़ता है और धीरे-धीरे ये आपकी मानसिक सेहत को भी प्रभावित करता है।
एक और अहम पहलू बैक्टीरिया भी है। जब हम मुंह की सफाई ठीक से नहीं करते, तो हानिकारक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। ये बैक्टीरिया खून के जरिए शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच सकते हैं, जिसमें दिमाग भी शामिल है। कुछ रिसर्च में यह भी पाया गया है कि खराब ओरल हेल्थ का संबंध मेमोरी लॉस और अन्य कॉग्निटिव समस्याओं से हो सकता है।
सामाजिक जीवन पर भी इसका असर साफ दिखता है। मुंह से बदबू या दांतों की खराब हालत के कारण लोग दूसरों से दूरी बनाने लगते हैं। वे पार्टियों, मीटिंग्स या दोस्तों के साथ समय बिताने से बचते हैं। इससे अकेलापन बढ़ सकता है, जो मानसिक सेहत के लिए अच्छा नहीं है।
अच्छी बात ये है कि इन समस्याओं से बचना बहुत मुश्किल नहीं है। रोजाना दो बार ब्रश करना, खासकर रात में सोने से पहले, फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना, मीठी चीजों का कम सेवन करना और समय-समय पर डेंटिस्ट के पास जाना ये छोटे-छोटे कदम आपको बड़ी परेशानियों से बचा सकते हैं।
बच्चों के लिए भी ये आदतें बहुत जरूरी हैं। अगर बचपन से ही उन्हें दांतों की सही देखभाल सिखा दी जाए, तो वे आगे चलकर दांत स्वस्थ और मजबूत दोनों रहेंगे।
--आईएएनएस
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