Responsive Scrollable Menu

जिनके दम पर उछल रहे थे ट्रंप, Iran ने 500 को दबोचा, MOSSAD के एजेंट को बीच चौराहे पर टांग दिया

ईरान में अमेरिका के 500 जासूसों को गिरफ्तार किया गया है। अटैक से जुड़े इनपुट ये जासूस जुटा रहे थे। आईआरजीसी कमांडर की जानकारी जुटा रहे थे। मुस्तबा की लोकेशन की भी ये जानकारी ले रहे थे। यह बहुत बड़ी खबर। महायुद्ध से जुड़ी हुई ईरान में यूएस के 500 जासूसों को गिरफ्तार किया गया है जो कि युद्ध से जुड़े इनपुट जुटा रहे थे। इन पर यह बड़ा आरोप लगा है। आईआरजीसी कमांडर की जानकारी जुटा रहे थे। इसके अलावा आपको बता दें कि मोजतबा की भी लोकेशन की यह जानकारी ले रहे थे। ईरान में एक-एक करके कई बड़े नेताओं को मौत के घाट उतार दिया गया। जिसके बाद से सवाल उठा क्या सच में इजराइल और अमेरिका के पास इतनी सटीक जानकारी थी या फिर कोई ईरान में बैठा गद्दार था जो ईरान की सूचनाएं लीक कर रहा था। यह सवाल इसलिए अहम हो जाता है क्योंकि पहले अयातुल्ला अली खामिनई की मौत और फिर अली लारीजानी की मौत। इसने ईरान की नींद उड़ा दी। ईरान के अधिकारियों और प्रशासन को शक हुआ कि देश के अंदर ही गद्दार बैठे हैं जो अमेरिका और इजराइल को खुफिया जानकारी दे रहे हैं। इसके बाद ईरान एक्शन में आता है और अब जासूसों की गिरफ्तारी लगातार कर रहा है। क्योंकि पहले यह सवाल खड़ा हुआ था कि क्या मोसाद के जासूस ईरान में घुसपैठ कर चुके हैं और ईरान के बड़े-बड़े नेताओं के हर मूवमेंट के उनके पास जानकारी है।

इसे भी पढ़ें: इधर हुई CIA एजेंट की गिरफ्तारी, उधर NSA डोभाल से मिलने पहुंचे अमेरिकी राजदूत!

मोसाद के एजेंट को फांसी

ईरान की न्यायपालिका ने अपनी अटूट शक्ति का प्रदर्शन करते हुए इजराइल के लिए जासूसी करने वाले एक शख्स को सरेआम फांसी के फंदे पर लटका दिया। यह कारवाई उस वक्त हुई जब ईरान अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है और उसके दुश्मन उसके घर के अंदर घुसकर हमले भी कर रहे हैं। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी मिजान के अनुसार जिस व्यक्ति को मौत की सजा दी गई उसका नाम पुरोश किवानी है। किवानी कोई साधारण अपराधी बिल्कुल नहीं था बल्कि वह दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी मूसाद का वो चेहरा था जो कि ईरान के सीने में खंजर घूंप रहा था। उसे ईरान के बेहद संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों की गोपनीय तस्वीरें खींचने और महत्वपूर्ण सैन्य जानकारियां इजराइल तक पहुंचाने का दोषी भी पाया गया। बुधवार 18 मार्च की सुबह जैसे ही किवानी को फांसी दी गई, ईरान ने पूरी दुनिया को यह कड़ा संदेश दिया कि वो अपनी धरती पर पल रहे गद्दारों को किसी भी कीमत पर बख्शेगा नहीं। 

इसे भी पढ़ें: ईरान ने ने 19 साल के पहलवान को बीच चौराहे पर लगाई फांसी, 2 और लटकाए

 दरअसल आपको बता दें कि ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने अली लारानी की मौत के बाद देश में अमेरिकी और इजरायली जासूसी नेटवर्क को खत्म करने के लिए बड़ी कार्यवाही की शुरुआत कर दी है। आईआरजीसी से जुड़े तसनीम न्यूज़ एजेंसी के हवाले से एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि ईरानी खुफिया एजेंसियों ने देश भर में इजराइल और अमेरिका के जासूसी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कारवाही की शुरुआत की है और इजराइल और अमेरिका के जासूसी नेटवर्क को खत्म किया जा रहा है। गौरतलब है कि 28 फरवरी से लेकर अब तक ईरान के कई शीर्ष नेता और अधिकारी मारे जा चुके हैं। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली राजानी की हत्या के बाद ईरान अब एक्शन में है। ईरानी खुफिया मंत्रालय का दावा है कि उसने 26 प्रांतों में फैले 111 रॉयलिस्ट सेल्स यानी कि खुफिया राजनीतिक या चरमपंथी समूह जो राजशाही की बहाली की वकालत करते हैं। उनकी पहचान कर उन्हें किसी भी तरह की कार्यवाही से पहले ही निष्क्रिय कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जो लोग संवेदनशील सूचनाएं दुश्मन तक पहुंचा रहे हैं उनका खात्मा किया जा रहा है और चुन चुनकर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। ईरानी खुफिया मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि कारवाही में बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं। जिनमें अत्याधुनिक बंदूकें भी शामिल हैं। तसनीम न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट में हमेदान और पश्चिम अज़र-बैजान प्रांतों से चार अमेरिकी जासूसों को भी पकड़े जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा 21 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। जो कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क को सूचनाएं और तस्वीरें भेज रहे थे। इसी के बाद से ईरान लगातार अब कारवाई के मूड में है। ईरान की कारवाही में चार अमेरिकी जासूसों की गिरफ्तारी हुई है। इसके अलावा दो बड़े हथियारों का जखीरा भी जब्त किया गया है। 29 कोल्ड पिस्तल, दो कलासनिक राइफलल्स, 58 मैगजीन भी बरामद किए गए हैं। स्टारलिंग के 350 उपकरणों की खेप को भी जब्त करने का दावा किया गया है। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि इन सेटेलाइट डिवाइसों का यूज़ करके अमेरिका और इजराइल जासूसों द्वारा सर्िलेंस से बचने और सिक्योर कम्युनिकेशन के लिए कर रहे थे। ईरानी सरकार ने लोगों से सूचना देने की भी अपील की है और कहा है कि जिन लोगों पर भी आपको शक हो रहा है कि यह लोग जासूसी कर रहे हैं या ईरान की सूचनाएं लीक कर रहे हैं उनके बारे में आप शासन प्रशासन को अवगत कराइए। ऐसे लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। गौरतलब है कि ईरान और इजराइल के बीच जंग जारी है और अब तक दोनों देशों को बड़े पैमाने पर नुकसान हो चुका है।

Continue reading on the app

ईरान ने ने 19 साल के पहलवान को बीच चौराहे पर लगाई फांसी, 2 और लटकाए

ईरान ने क़ोम में एक 19 वर्षीय चैंपियन पहलवान और दो अन्य प्रदर्शनकारियों को सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कदम असहमति पर सरकार की कार्रवाई में तीव्र वृद्धि का संकेत है। उभरते हुए पहलवान सालेह मोहम्मदी को गुरुवार को सईद दावोदी और मेहदी गसेमी के साथ फांसी दे दी गई। इन तीनों पर 8 जनवरी, 2026 को हुए प्रदर्शनों के दौरान दो पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल होने का आरोप था। सरकारी मीडिया ने बताया कि ये फांसी की सजाएं क़ोम में लोगों के एक समूह की उपस्थिति में दी गईं। ये तीनों दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुए और जनवरी 2026 तक जारी रहे राष्ट्रव्यापी अशांति के सिलसिले में फांसी पर लटकाए जाने वाले पहले ज्ञात प्रदर्शनकारी हैं। ईरान मानवाधिकार संगठन (IHRNGO) ने इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की और चेतावनी दी कि आगे और भी फांसियां ​​हो सकती हैं।

इसे भी पढ़ें: इधर हुई CIA एजेंट की गिरफ्तारी, उधर NSA डोभाल से मिलने पहुंचे अमेरिकी राजदूत!

संगठन के निदेशक महमूद अमीरी-मोगद्दाम ने कहा कि आज जिन प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई, उन्हें यातना और दबाव के तहत लिए गए इकबालिया बयानों के आधार पर बेहद अनुचित मुकदमों के बाद मौत की सजा सुनाई गई। उन्होंने आगे कहा कि हम इन फांसियों को गैर-न्यायिक हत्याएं मानते हैं, जो राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए आतंक फैलाने के इरादे से की गई हैं। अमीरी-मोगद्दाम ने आगे आने वाली संभावित घटनाओं के बारे में भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "हम प्रदर्शनकारियों की सामूहिक फांसी के एक बहुत ही वास्तविक और आसन्न खतरे का सामना कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि मोहम्मदी को यातना देकर जबरन कबूलनामा करवाया गया, जिसमें "ईश्वर के विरुद्ध युद्ध छेड़ना" जैसे आरोप शामिल हैं, जो ईरान में मृत्युदंड का अपराध है।

इसे भी पढ़ें: Middle East War से Europe में ऊर्जा संकट, EU ने की Strait of Hormuz खोलने की मांग

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि तीनों व्यक्तियों को "पर्याप्त बचाव" से वंचित रखा गया और जबरन कबूलनामा करवाया गया। उसने आगे कहा कि मामले को "तेजी से निपटाया गया, जिसका किसी सार्थक मुकदमे से कोई लेना-देना नहीं था। ईरानी लड़ाकू एथलीट और मानवाधिकार कार्यकर्ता नीमा फार ने इस फांसी को स्पष्ट राजनीतिक हत्या बताया। फार ने फॉक्स न्यूज को बताया, "उनकी फांसी एक स्पष्ट राजनीतिक हत्या थी, जो असहमति को कुचलने और समाज को आतंकित करने के लिए एथलीटों को निशाना बनाने के इस्लामी गणराज्य के तौर-तरीकों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह मामला 2020 में ईरानी पहलवान नाविद अफकारी की फांसी की याद दिलाता है, जिसने वैश्विक आक्रोश पैदा किया था।

Continue reading on the app

  Sports

IPL 2026: Delhi Capitals की बढ़ी टेंशन, स्टार गेंदबाज़ Mitchell Starc शुरुआती मैचों से हुए बाहर

आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 28 मार्च से शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीज़न शुरू होने से पहले ही, विभिन्न फ्रेंचाइजी कई चोटों से जूझ रही हैं। नाथन एलिस, सैम कुरेन, जैक एडवर्ड्स और कई अन्य खिलाड़ी चोट के कारण बाहर हो चुके हैं। नए सीज़न से पहले, दिल्ली कैपिटल्स को एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि उनके दिग्गज तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क आईपीएल 2026 के शुरुआती चरणों में नहीं खेल पाएंगे। यह स्पष्ट नहीं है कि स्टार्क कितने मैच नहीं खेल पाएंगे, लेकिन यह शुरुआती चरणों में कुछ मैच हो सकते हैं।

 

इसे भी पढ़ें: IPL 2026 से पहले Abhishek Sharma को Anil Kumble का मंत्र, SRH को जिताना है तो Sehwag जैसा बनना होगा


गौरतलब है कि स्टार्क को आईपीएल 2025 सीज़न से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने 11.75 करोड़ रुपये में खरीदा था। वह जोश हेज़लवुड और पैट कमिंस के साथ उन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जो आईपीएल 2026 के शुरुआती मैचों में नहीं खेलेंगे। क्रिकेट डॉट कॉम एयू के अनुसार, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) स्टार्क और अपने अन्य मल्टी-फॉर्मेट गेंदबाजों के मामले में सतर्कता बरत रहा है, क्योंकि राष्ट्रीय टीमों के आगामी महत्वपूर्ण मुकाबले हैं। दिल्ली कैपिटल्स की बात करें तो, स्टार्क की अनुपस्थिति में टीम लुंगी एनगिडी, टी. नटराजन, औकिब नबी डार, काइल जैमीसन और दुशमंथा चमीरा जैसे खिलाड़ियों पर निर्भर रहेगी।

 

इसे भी पढ़ें: IPL इतिहास में नया अध्याय, Delhi Capitals के कोचिंग स्टाफ में शामिल हुए John Mooney


रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय टीम अगले साल कई टेस्ट मैच खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है और दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के दौरे करेगी। इसके बाद टीम 2027 में दक्षिण अफ्रीका में अपने वनडे विश्व कप खिताब का बचाव करेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपने स्टार मल्टी-फॉर्मेट गेंदबाजों के प्रति सतर्कता बरत रहा है, क्योंकि आगे का शेड्यूल काफी व्यस्त है: अगस्त से, टेस्ट टीम 12 महीनों में 21 मैच खेलेगी, जिसमें दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के ऐतिहासिक दौरे शामिल हैं, और फिर 2027 के अंत में दक्षिणी अफ्रीका में अपने वनडे विश्व कप खिताब का बचाव करेगी। इन तीनों गेंदबाजों की उपलब्धता अगले कुछ हफ्तों में उनके खेल में वापसी के प्रोटोकॉल में हुई प्रगति पर निर्भर करेगी।

Fri, 20 Mar 2026 12:24:52 +0530

  Videos
See all

Israel-Iran War News: Strait of Hormuz को लेकर बड़ा दावा | Trump | America | Top News | Aaj Tak #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-20T07:38:37+00:00

Pune में सिंधी झूलेलाल रथ यात्रा...7 सजे रथों पर देवी-देवताओं की भव्य झलक l Sindhi Community #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-20T07:34:45+00:00

Delhi Accident: 'सिर से प्राइवेट पार्ट तक..कुछ नहीं बचा'..#delhiaccident #viral #shorts #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-20T07:36:54+00:00

UP Commissionaries Connect LIVE: UP कमिश्नरीज़ कनेक्ट, Agra से लाइव | Network18 Super Exclusive #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-20T07:37:08+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers