केंद्रीय विद्यालय संगठन ने 2026-27 के लिए एडमिशन रजिस्ट्रेशन 20 मार्च से शुरू कर दिए हैं। इस बार क्लास 1 के फॉर्म सिर्फ ऑनलाइन ही भरे जाएंगे। वहीं इससे छोटी क्लासेस (किंडरगार्डन/बालवाटिका) के लिए कुछ अलग नियम रखे गए हैं। देशभर में 1200 से ज्यादा केवी स्कूल हैं, अच्छी पढ़ाई और कम फीस की वजह से यहां एडमिशन के लिए काफी ज्यादा भीड़ रहती है। इसीलिए पेरेंट्स को सलाह दी गई है कि फॉर्म भरने से पहले बच्चे की उम्र और कैटेगरी की जानकारी अच्छे से चेक कर लें और जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करवा लें, ताकि बाद में कोई दिक्कत न हो। पूरी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट kvsonlineadmission.kvs.gov.in पर मिल जाएगी।
कब तक चलेंगे रजिस्ट्रेशन?
केंद्रीय विद्यालय के शेड्यूल के मुताबिक, क्लास 1 के लिए रजिस्ट्रेशन अप्रैल के पहले हफ्ते तक चलेगा। इसके बाद पहली लिस्ट 8 अप्रैल 2026 के आसपास आ सकती है। अधिकारियों ने कहा है कि सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट kvsonlineadmission.kvs.gov.in का ही इस्तेमाल करें और किसी भी गलत लिंक से बचें।
रजिस्ट्रेशन उम्र की शर्तें क्या हैं?
उम्र के हिसाब से क्लास 1 में एडमिशन के लिए बच्चे की उम्र 31 मार्च 2026 तक 6 से 8 साल के बीच होनी चाहिए। बालवाटिका-1 के लिए 3 से 4 साल, बालवाटिका-2 के लिए 4 से 5 साल और बालवाटिका-3 के लिए 5 से 6 साल की उम्र तय की गई है। अगर बच्चे का जन्म 1 अप्रैल को हुआ है, तो उसे उम्र में थोड़ी छूट मिलती है।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स
एडमिशन के समय कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स देने होंगे, जैसे बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, एड्रेस प्रूफ (आधार कार्ड या बिजली बिल) और कैटेगरी सर्टिफिकेट। अगर पैरेंट्स सरकारी नौकरी में हैं, तो उन्हें पिछले 7 साल की नौकरी और ट्रांसफर की जानकारी भी देनी होगी।
सीट और कोटा सिस्टम के बारे में
केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन सिर्फ नंबर के आधार पर नहीं होता, बल्कि एक प्राथमिकता सिस्टम भी होता है। इसमें सरकारी कर्मचारियों और डिफेंस वालों के बच्चों को पहले मौका मिलता है। आरटीई के तहत 25% सीटें भी रिजर्व होती हैं। इसके अलावा एससी, एसटी और ओबीसी के लिए भी सीटें तय होती हैं। सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए भी अलग कोटा है।
ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरें?
ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। फिर अपनी डिटेल्स भरकर लॉगिन बनाना होगा और पूरा फॉर्म भरना होगा। इसके बाद जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके अपने पास के तीन केवी स्कूल चुनने होंगे और फॉर्म सबमिट करना होगा। फॉर्म भरने के बाद उसका प्रिंट या स्क्रीनशॉट जरूर अपने पास रखें।
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प्रद्युत बोरदोलोई ने भाजपा में शामिल होने के 24 घंटे से भी कम समय में आगामी राज्य चुनावों के लिए भाजपा का टिकट प्राप्त करके असम की राजनीति में हलचल मचा दी है। वहीं, उनके बेटे प्रतीक बोरदोलोई ने मार्गेरिटा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। कांग्रेस के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने बुधवार को भाजपा में शामिल होकर कांग्रेस से अपना पुराना संबंध तोड़ दिया। भाजपा ने उन्हें दिसपुर से मैदान में उतारा है और मौजूदा विधायक अतुल बोरा को हटा दिया है।
असम गण परिषद (एजीपी) के संस्थापक सदस्यों में से एक बोरा ने 1985 में दिसपुर सीट जीती थी। 2013 में, बोरा भाजपा में शामिल हो गए और लगातार दो चुनावों में पार्टी के लिए यह सीट जीती। प्रद्युत बोरदोलोई ने 1998 से 2016 तक मार्गेरिटा सीट जीती थी। पिछले विधानसभा चुनावों में हार के बाद, उन्होंने नागांव लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2024 में, उन्होंने फिर से नागांव सीट जीती। वे नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के अध्यक्ष थे, जो भाजपा की छात्र शाखा है।
भाजपा में शामिल होने को भावनात्मक रूप से कठिन बताते हुए, दो बार के सांसद और पूर्व तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा कि उन्हें पार्टी के भीतर घुटन और उपेक्षा महसूस हो रही थी और वे एक ऐसे मंच की तलाश में थे जहां वे सम्मान के साथ काम कर सकें। वहीं, बोरा ने कहा कि मैं 1985 से दिसपुर का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं और अपने राजनीतिक सफर में तीन मुख्यमंत्रियों को हरा चुका हूं। मुझे पार्टी से उम्मीद थी कि वह मेरे पिछले रिकॉर्ड पर विचार करेगी।
बोरा ने भाजपा के भीतर मौजूदा स्थिति पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनका मोहभंग हो गया है। आज भाजपा में काम करने का माहौल नहीं है।कार्यकर्ता असमंजस में हैं कि वे कहां जाएं। पार्टी खुद को सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती है, फिर भी अब वह बाहर से उम्मीदवार ला रही है।
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