UN में भारत ने 'इस्लामोफोबिया' पर पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगेंडा की पोल खोल दी है। राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने अहमदियों पर अत्याचार और रमजान में अफगानों पर हवाई हमलों का मुद्दा उठाकर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। विस्तार से पढ़ें पूरी खबर।
Jaggery and Roasted Gram Health Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान और कमजोरी आम समस्या बनती जा रही है. थोड़ी मेहनत करने पर ऊर्जा की कमी या सुस्ती महसूस होना आम है. ऐसे समय में गुड़ और भुना चना एक सरल घरेलू उपाय बन सकते हैं. गुड़ में प्राकृतिक शुगर और मिनरल्स होते हैं, जो तुरंत ऊर्जा देते हैं, जबकि भुना चना प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है. नियमित सेवन से शरीर की शक्ति बढ़ती है, थकान कम होती है और दिनभर सक्रिय रहने में मदद मिलती है, जिससे शरीर ऊर्जावान रहता है.
Suryakumar Yadav: टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक ऐसा खुलासा किया है, जो उनकी क्रिकेट यात्रा को और खास बना देता। उन्होंने साफ कहा कि इस बार टीम का लक्ष्य सिर्फ ट्रॉफी जीतना नहीं था, बल्कि अहमदाबाद में ही जीत हासिल करना था क्योंकि ये वही शहर है, जहां 2023 में वनडे विश्व कप फाइनल में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था।
सूर्यकुमार ने बताया कि 2023 की हार का दर्द टीम के अंदर कहीं न कहीं था और इसी वजह से 2026 टी20 वर्ल्ड कप को भारत में जीतना उनके लिए ज्यादा मायने रखता था। उन्होंने कहा, 'हम चाहते थे कि उसी स्टेडियम में जीतें, जहां हम पहले हारे थे।'
पत्नी के एक सवाल से टीम इंडिया तक पहुंचा: सूर्यकुमार सूर्यकुमार ने हालिया इंटरव्यू में अपने क्रिकेट करियर में पत्नी देविशा के असर पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि 2016 में शादी के बाद देविशा ने उनसे एक अहम सवाल पूछा था कि भारत के लिए खेलने का प्लान क्या है? यही सवाल उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गया।
इसके बाद सूर्यकुमार ने अपनी लाइफस्टाइल बदल दी- डाइट से लेकर दोस्तों तक, सबकुछ को कंट्रोल किया। इसका नतीजा 2018 से दिखना शुरू हुआ और 2021 में उन्हें टीम इंडिया में मौका मिला।
'घर पर मैं क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव नहीं' सूर्यकुमार कहते हैं कि उनकी पत्नी ने उन्हें सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, जिंदगी के अहम सबक भी सिखाए। सूर्यकुमार ने बताया कि पत्नी ने साफ कहा कि घर पर आप सूर्यकुमार नहीं हो, एक सामान्य इंसान हो, यह सीख उन्हें हमेशा जमीन से जुड़े रहने में मदद करती है। सूर्यकुमार ने आगे कहा, 'पत्नी ने मुझसे कहा कि क्रिकेट को घर वापस मत ले जाना। ये सभी ज़रूरी बातें थीं जो मैंने सीखीं। आपको अपनी कामयाबियों के बावजूद विनम्र और ज़मीन से जुड़े रहने की ज़रूरत है। घर पर, आप सूर्यकुमार यादव नहीं हैं, इसलिए नॉर्मल रहें। खाना खाने के बाद, अपनी प्लेट सिंक में रखें। ये छोटी-छोटी बातें आपकी ज़िंदगी में वैल्यू जोड़ती हैं।'
कप्तान के तौर पर सूर्यकुमार का रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 52 में से 42 टी20 मैच जिताए हैं, जो करीब 80.76% जीत का आंकड़ा है। इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जो पर्सेंटेज वो वह पढ़ाई में नहीं ला सके, अब क्रिकेट में हासिल कर रहे हैं।
उन्होंने अपने बचपन का जिक्र करते हुए बताया कि उनके पिता अशोक कुमार यादव चाहते थे कि वह पढ़ाई में अच्छा करें, लेकिन उनका मन हमेशा खेल में ही लगा। परिवार ने भी जल्दी समझ लिया कि यह लड़का पढ़ाई से ज्यादा क्रिकेट में दिलचस्पी रखता है, इसलिए उन्होंने पूरा सपोर्ट दिया।