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LPG गैस की किल्लत की चिंता से मुक्त है जबलपुर का ये गांव, जानें कैसे बनता है यहां घरों में खाना?

करीब 250 घरों की इस बस्ती में बड़ी संख्या में परिवारों ने अपने घरों के पीछे बायोगैस प्लांट स्थापित किए हैं. इन प्लांटों से पाइपलाइन के माध्यम से सीधे किचन तक गैस पहुंचती है और उसी से खाना बनाया जाता है. ग्रामीणों के अनुसार, यह व्यवस्था न केवल सस्ती है, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली और पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है.

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भूराजनीतिक तनावों के बावजूद भारत का निर्यात मजबूत: फियो

नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता, सप्लाई चेन में बाधाओं और बढ़ते भूराजनीतिक तनाव के बावजूद भारत का निर्यात क्षेत्र मजबूत बना हुआ है। यह जानकारी सोमवार को फियो यानी फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (एफआईईओ) ने दी।

उद्योग संगठन ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत का कुल निर्यात सालाना आधार पर लगभग 11 प्रतिशत बढ़कर 76.13 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

हालांकि, फरवरी 2026 में मर्चेंडाइज (माल) निर्यात में हल्की गिरावट देखने को मिली और यह 0.81 प्रतिशत घटकर 36.61 अरब डॉलर रह गया।

इस दौरान मर्चेंडाइज आयात में 24.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो बढ़कर 63.71 अरब डॉलर हो गया। इसके कारण फरवरी में व्यापार घाटा 27.1 अरब डॉलर रहा, जो जनवरी 2026 की तुलना में थोड़ा कम है।

वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से फरवरी के बीच भारत का मर्चेंडाइज निर्यात 402.93 अरब डॉलर रहा, जो 1.84 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वहीं इसी अवधि में आयात 8.53 प्रतिशत बढ़कर 713.53 अरब डॉलर हो गया।

इस अवधि में सामान और सेवाओं को मिलाकर कुल निर्यात लगभग 790.86 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 747.58 अरब डॉलर की तुलना में 5.8 प्रतिशत अधिक है।

फियो के अध्यक्ष एस. सी. राल्हन ने कहा कि निर्यात क्षेत्र लगातार मजबूती दिखा रहा है और इसका मुख्य कारण नए बाजारों में विस्तार और कई प्रमुख क्षेत्रों का अच्छा प्रदर्शन है।

उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और आभूषण, केमिकल्स, रेडीमेड गारमेंट्स, कॉटन यार्न और फैब्रिक, चावल और समुद्री उत्पाद जैसे क्षेत्रों ने निर्यात में अच्छा योगदान दिया है।

भारत के प्रमुख निर्यात बाजारों में अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), चीन, नीदरलैंड, ब्रिटेन, जर्मनी, सऊदी अरब, बांग्लादेश, सिंगापुर और हांगकांग शामिल हैं।

राल्हन ने कहा कि भूराजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर रखना, लॉजिस्टिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और समय पर नीतिगत सहयोग देना निर्यात की रफ्तार बनाए रखने के लिए जरूरी होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि नए बाजारों में विस्तार, क्षेत्रीय व्यापार साझेदारी को मजबूत करना और लॉजिस्टिक व्यवस्था को बेहतर बनाना भारत को वैश्विक चुनौतियों से निपटने और निर्यात बढ़ाने में मदद करेगा।

इस बीच मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़ा बढ़ता संघर्ष वैश्विक व्यापार के लिए नई अनिश्चितताएं पैदा कर रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर जैसे प्रमुख समुद्री मार्गों में बाधा आने के कारण जहाजों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे माल ढुलाई लागत, बीमा प्रीमियम और ट्रांजिट समय में बढ़ोतरी हुई है। इसका असर निर्यातकों पर अतिरिक्त दबाव के रूप में पड़ रहा है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

Sunil Gavaskar का बड़ा बयान: Pakistani Player को टीम में लेने पर लोगों का गुस्सा स्वाभाविक है

इंग्लैंड में होने वाले एक प्रमुख क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए खिलाड़ी चयन के दौरान लिया गया एक फैसला विवाद का कारण बन गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार एक टीम ने पाकिस्तानी स्पिन गेंदबाज अबरार अहमद के साथ कांट्रैक्ट किया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।

बता दें कि इस टीम के स्वामित्व से जुड़ा एक भारतीय कारोबारी समूह भी है। इसी कारण कई लोगों ने सवाल उठाए कि भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों में हुए घटनाक्रमों को देखते हुए ऐसा फैसला क्यों लिया गया।

गौरतलब है कि अबरार अहमद को लगभग दो करोड़ तीस लाख रुपये के बराबर राशि में अनुबंधित किया गया है। इस फैसले के बाद सामाजिक माध्यमों पर टीम की काफी आलोचना हुई और कई लोगों ने इसे असंवेदनशील कदम बताया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भी इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि लोगों की नाराजगी को समझा जा सकता है क्योंकि दोनों देशों के बीच बीते वर्षों में कई गंभीर घटनाएं हुई हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि दो हजार आठ में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के बाद भारतीय क्रिकेट लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को जगह नहीं दी गई थी। इसके बाद दो हजार उन्नीस में पुलवामा हमले ने भी दोनों देशों के संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया था।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में जम्मू कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले की घटना का भी जिक्र किया गया है, जिसने देश में काफी आक्रोश पैदा किया था। इसी पृष्ठभूमि में कुछ लोगों का मानना है कि ऐसे हालात में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अनुबंधित करने का फैसला संवेदनशील माना जाता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार इस फैसले के बाद संबंधित टीम के सामाजिक माध्यम खाते को कुछ समय के लिए बंद भी कर दिया गया था क्योंकि आलोचना काफी तेजी से बढ़ रही थी। बाद में स्थिति सामान्य होने के बाद खाता फिर सक्रिय किया गया है।

इस बीच टीम के कोच डेनियल विटोरी ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया के दौरान एक अन्य पाकिस्तानी स्पिन गेंदबाज उस्मान तारिक पर भी विचार किया गया था। यही बात कई लोगों को और हैरान करने वाली लगी।

गौरतलब है कि सुनील गावस्कर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी भारतीय स्वामित्व वाले समूह को ऐसे फैसलों में देश की संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखना चाहिए। उनका मानना है कि खेल महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन राष्ट्रीय भावनाओं और हालात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
Mon, 16 Mar 2026 20:39:56 +0530

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