ईरान में मानवीय मदद के लिए डिजिटल डोनेशन में हो रही परेशानी, दूतावास ने भारत में कैश डोनेट की अपील की
नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच बीते दिन भारत में ईरानी दूतावास ने मानवीय मदद के लिए एक बैंक डिटेल साझा किया था। इस संबंध में ईरानी दूतावास की ओर से अब एक नया अपडेट सामने आया है।
भारत में ईरानी दूतावास ने उन भारतीय नागरिकों का शुक्रिया अदा किया है जिन्होंने चल रहे संघर्ष से प्रभावित ईरानियों को मानवीय मदद देने में दिलचस्पी दिखाई है।
इसके साथ ही ईरानी दूतावास ने यह भी कहा है कि तकनीकी दिक्कतों की वजह से ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए मदद लेना मुश्किल हो गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ईरानी दूतावास ने डिजिटल डोनेशन में आ रही तकनीकी परेशानी की बात स्वीकार की। ईरानी दूतावास ने कहा, “हमारे प्यारे भारतीय भाइयों और बहनों को उनके लगातार सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया।”
तकनीकी समस्याओं और डोनेशन को लेकर उन्होंने एक्स पर लिखा, दूतावास के अकाउंट में फंड ट्रांसफर करने में कुछ बताई गई दिक्कतों की वजह से, हम अपने प्यारे भारतीय भाइयों और बहनों को उनके लगातार समर्थन के लिए दिल से शुक्रिया कहना चाहते हैं।”
इसके साथ ही ईरानी दूतावास ने मानवीय मदद के लिए आगे आने वाले लोगों से अभी जीपे (गूगल पे) इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी। एंबेसी ने सुझाव दिया है कि अगर उन्हें ईरान की मदद करनी है तो सीधे नकद के तौर पर मदद करें।
इसमें कहा गया, “कैश डोनेशन सीधे दूतावास में किया जा सकता है।” दूतावास के अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे ऑनलाइन ट्रांसफर की दिक्कतों को ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं।
इससे पहले ईरानी दूतावास ने लिखा था, हमारे भारतीय भाई-बहनों में से दान देने वाले और भलाई करने वाले सदस्यों की बार-बार की अपील के बाद चल रहे युद्ध से प्रभावित ईरानी देशवासियों को मानवीय मदद देने के लिए, नई दिल्ली में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का दूतावास कैश डोनेशन जमा करने के लिए बैंक अकाउंट नंबर की घोषणा करता है। बैंक अकाउंट का नाम: एम्बेसी ऑफ ईरान, बैंक अकाउंट नंबर: 11084232535 और आईएफएससी कोड: एसबीआईएन0000691 है। दूतावास ने आगे लिखा कि अगर आप चाहें तो स्क्रीनशॉट या पेमेंट रसीद व्हाट्सएप से +91 9899812318 पर भी भेज सकते हैं।
--आईएएनएस
केके/एएस
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World Oral Health Day 2026: वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे कब है? मुंह की सफाई क्यों जरूरी, रोजमर्रा की इन आदतों से रखें दांत-मसूड़े मजबूत
World Oral Health Day 2026: हर साल 20 मार्च को वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य लोगों को मुंह और दांतों की सही देखभाल के प्रति जागरूक करना है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओरल हेल्थ सिर्फ सुंदर मुस्कान तक सीमित नहीं है बल्कि इसका सीधा संबंध शरीर की कई गंभीर बीमारियों से भी होता है. चलिए जानते हैं ओरल हेल्थ डे पर मुंह की सफाई क्यों जरूरी है.
वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे 2026 की थीम (World Oral Health Day Theme)
हर साल वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे मनाया जाता है. इस साल की थीम है स्वस्थ मुंह, सुखी जीवन. इस बात का मतलब होता है कि मुंह का स्वास्थ्य हमें रोगों से बचाएगा, जिससे हमारा जीवन सुखी रहेगा. एक स्वस्थ मुंह इंसान को सहजता से भोजन करने, स्पष्ट रूप से बोलने, आत्मविश्वास के साथ मुस्कुराने और बिना किसी असुविधा या शर्मिंदगी के सामाजिक रूप से जुड़ने में सक्षम हो पाएंगे.
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मुंह की सफाई क्यों जरूरी?
डेंटल एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर मुंह की सफाई सही तरीके से न की जाए तो दांतों में कैविटी, मसूड़ों में सूजन और बदबू जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय के साथ ये समस्याएं गंभीर रूप ले लेती हैं जो आगे चलकर बीमारियों की वजह बनती है. दरअसल, मुंह हमारे शरीर का प्रवेश द्वार होता है. अगर यहां बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं तो वे शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकते हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एशियन हॉस्पिटल के डेंटल सर्विसेज के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. जुल्फिकार हफीज बताते हैं कि अक्सर लोग दांतों की समस्या को हल्के में लेते हैं लेकिन खराब ओरल हेल्थ कई गंभीर बीमारियों से जुड़ी हो सकती है. मसूड़ों में संक्रमण लंबे समय तक बना रहे तो इससे हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक मसूड़ों की बीमारी को मेडिकल लैंग्वेज में Periodontal Disease कहा जाता है. अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो दांत कमजोर होकर गिर भी सकते हैं. यह एक क्रोनिक बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है.
बच्चों और युवाओं में बढ़ रही दांतों की समस्या
डेंटिस्ट बताते हैं कि आजकल बच्चों और युवाओं में दांतों की समस्या तेजी से बढ़ रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह है मीठे और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन करना. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि चॉकलेट, सॉफ्ट ड्रिंक और जंक फूड के ज्यादा सेवन से बच्चों में कैविटी की समस्या बढ़ रही है. अगर शुरुआत से ही सही ब्रशिंग और ओरल हाइजीन की आदत डाली जाए तो कई समस्याओं से बचा जा सकता है. दांतों में कीड़ा लगना या सड़न होना जिसे Dental Caries कहा जाता है, दुनिया में सबसे आम ओरल हेल्थ डिजीज है.
रोजमर्रा की आदतों से सुधर सकती है ओरल हेल्थ
डेंटल एक्सपर्ट्स का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर दांतों और मसूड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है.
- दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें.
- हर 3-4 महीने में टूथब्रश बदलें.
- ज्यादा मीठा और चिपचिपा भोजन कम खाएं.
- रोजाना फ्लॉस का इस्तेमाल करें.
- माउथवॉश का यूज करें.
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.
- साल में कम से कम एक बार डेंटिस्ट से चेकअप जरूर कराएं.
ओरल हेल्थ बढ़ाता है कॉन्फिडेंस
दांतों की सही देखभाल करना सिर्फ बीमारियों से बचने के लिए जरूर नहीं है बल्कि इससे आत्मविश्वास भी बढ़ता है. साफ और स्वस्थ दांत व्यक्ति की मुस्कान को बेहतर बनाते हैं, जिससे सामाजिक और पेशेवर जीवन में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. अच्छी मुस्कान किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखार देती है. अगर दांत मजबूत होते हैं तो व्यक्ति खुलकर मुस्कुरा सकता है और इससे उसका आत्मविश्वास भी बढ़ता है.
जागरूकता है सबसे बड़ा उपाय
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में अभी भी ओरल हेल्थ को लेकर जागरूकता की कमी है. कई लोग तब तक डॉक्टर के पास नहीं जाते जब तक उन्हें दर्द असहनीय न हो जाए. इसी वजह से World Health Organization और कई स्वास्थ्य संस्थाएं लोगों को नियमित दंत जांच और सही ओरल हाइजीन अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं.
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