World Oral Health Day 2026: वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे कब है? मुंह की सफाई क्यों जरूरी, रोजमर्रा की इन आदतों से रखें दांत-मसूड़े मजबूत
World Oral Health Day 2026: हर साल 20 मार्च को वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य लोगों को मुंह और दांतों की सही देखभाल के प्रति जागरूक करना है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओरल हेल्थ सिर्फ सुंदर मुस्कान तक सीमित नहीं है बल्कि इसका सीधा संबंध शरीर की कई गंभीर बीमारियों से भी होता है. चलिए जानते हैं ओरल हेल्थ डे पर मुंह की सफाई क्यों जरूरी है.
वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे 2026 की थीम (World Oral Health Day Theme)
हर साल वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे मनाया जाता है. इस साल की थीम है स्वस्थ मुंह, सुखी जीवन. इस बात का मतलब होता है कि मुंह का स्वास्थ्य हमें रोगों से बचाएगा, जिससे हमारा जीवन सुखी रहेगा. एक स्वस्थ मुंह इंसान को सहजता से भोजन करने, स्पष्ट रूप से बोलने, आत्मविश्वास के साथ मुस्कुराने और बिना किसी असुविधा या शर्मिंदगी के सामाजिक रूप से जुड़ने में सक्षम हो पाएंगे.
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मुंह की सफाई क्यों जरूरी?
डेंटल एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर मुंह की सफाई सही तरीके से न की जाए तो दांतों में कैविटी, मसूड़ों में सूजन और बदबू जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय के साथ ये समस्याएं गंभीर रूप ले लेती हैं जो आगे चलकर बीमारियों की वजह बनती है. दरअसल, मुंह हमारे शरीर का प्रवेश द्वार होता है. अगर यहां बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं तो वे शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकते हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एशियन हॉस्पिटल के डेंटल सर्विसेज के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. जुल्फिकार हफीज बताते हैं कि अक्सर लोग दांतों की समस्या को हल्के में लेते हैं लेकिन खराब ओरल हेल्थ कई गंभीर बीमारियों से जुड़ी हो सकती है. मसूड़ों में संक्रमण लंबे समय तक बना रहे तो इससे हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक मसूड़ों की बीमारी को मेडिकल लैंग्वेज में Periodontal Disease कहा जाता है. अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो दांत कमजोर होकर गिर भी सकते हैं. यह एक क्रोनिक बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है.
बच्चों और युवाओं में बढ़ रही दांतों की समस्या
डेंटिस्ट बताते हैं कि आजकल बच्चों और युवाओं में दांतों की समस्या तेजी से बढ़ रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह है मीठे और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन करना. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि चॉकलेट, सॉफ्ट ड्रिंक और जंक फूड के ज्यादा सेवन से बच्चों में कैविटी की समस्या बढ़ रही है. अगर शुरुआत से ही सही ब्रशिंग और ओरल हाइजीन की आदत डाली जाए तो कई समस्याओं से बचा जा सकता है. दांतों में कीड़ा लगना या सड़न होना जिसे Dental Caries कहा जाता है, दुनिया में सबसे आम ओरल हेल्थ डिजीज है.
रोजमर्रा की आदतों से सुधर सकती है ओरल हेल्थ
डेंटल एक्सपर्ट्स का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर दांतों और मसूड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है.
- दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें.
- हर 3-4 महीने में टूथब्रश बदलें.
- ज्यादा मीठा और चिपचिपा भोजन कम खाएं.
- रोजाना फ्लॉस का इस्तेमाल करें.
- माउथवॉश का यूज करें.
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.
- साल में कम से कम एक बार डेंटिस्ट से चेकअप जरूर कराएं.
ओरल हेल्थ बढ़ाता है कॉन्फिडेंस
दांतों की सही देखभाल करना सिर्फ बीमारियों से बचने के लिए जरूर नहीं है बल्कि इससे आत्मविश्वास भी बढ़ता है. साफ और स्वस्थ दांत व्यक्ति की मुस्कान को बेहतर बनाते हैं, जिससे सामाजिक और पेशेवर जीवन में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. अच्छी मुस्कान किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखार देती है. अगर दांत मजबूत होते हैं तो व्यक्ति खुलकर मुस्कुरा सकता है और इससे उसका आत्मविश्वास भी बढ़ता है.
जागरूकता है सबसे बड़ा उपाय
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में अभी भी ओरल हेल्थ को लेकर जागरूकता की कमी है. कई लोग तब तक डॉक्टर के पास नहीं जाते जब तक उन्हें दर्द असहनीय न हो जाए. इसी वजह से World Health Organization और कई स्वास्थ्य संस्थाएं लोगों को नियमित दंत जांच और सही ओरल हाइजीन अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं.
कतर से इन शहरों के लिए 18 मार्च को फ्लाइट्स भरेंगी उड़ान, भारतीय दूतावास ने जारी की लिस्ट
नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारतीय दूतावास ने एक लिस्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि 18 मार्च को किन शहरों के लिए कतर से विमान उड़ान भरेंगे। कतर एयरवेज ने इससे पहले भी एक शेड्यूल जारी कर जानकारी दी थी कि कतर से कहां-कहां उड़ान जाएंगी।
ताजा जानकारी के अनुसार, भारतीय दूतावास ने बताया कि कतर एयरवेज ने भारत में उन जगहों की लिस्ट बनाई है, जहां वह 18 मार्च से अपनी सीमित फ्लाइट चलाएगा। वे शहर अहमदाबाद, अमृतसर, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, कोच्चि, कोझिकोड और मुंबई हैं।
कतर एयरवेज 18 मार्च से 28 मार्च 2026 तक सीमित संख्या में संशोधित फ्लाइट चलाएगा। इसके साथ ही एयरवेज ने सलाह दी है कि अपनी बुकिंग मैनेज करने का सबसे तेज तरीका ऑनलाइन या हमारे ऐप पर है। अगर आपकी बुकिंग की पुष्टि हो गई है और आपकी यात्रा की तारीख 28 फरवरी और 28 मार्च 2026 के बीच है, तो आप रिफंड या तारीख बदल सकते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कतर एयरवेज की विमान पर रीबुकिंग करने पर 30 अप्रैल 2026 तक नई यात्रा की तारीख में दो बार रिशेड्यूल कर सकते हैं या आपके टिकट की इस्तेमाल न की गई कीमत का रिफंड ले सकते हैं।
कतर एयरवेज ने कहा, हम समझते हैं कि यह स्थिति परेशान करने वाली हो सकती है, और हम अपने रोजाना के ऑपरेशन को सुरक्षित रूप से वापस लाने की तैयारी करते हुए आपको आगे बढ़ने में मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। आपका सब्र और समझ हमारे लिए बहुत मायने रखती है, और इस मुश्किल समय में आपके लगातार सपोर्ट के लिए हम सच में शुक्रगुजार हैं। कतर सिविल एविएशन अथॉरिटी के कतर के एयरस्पेस को सुरक्षित रूप से पूरी तरह से फिर से खोलने की घोषणा करने के बाद कतर एयरवेज ऑपरेशन फिर से शुरू कर देगा।
इन सबके बीच कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी ने सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से फोन पर बात की है। कतर के विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, शीर्ष अधिकारियों ने इलाके में सैन्य बढ़ोतरी और इलाके और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर इसके गंभीर असर पर चर्चा की।
बयान में कहा गया, दोनों पक्षों ने कतर राज्य, सऊदी अरब किंगडम और कई दूसरे सहयोगी देशों पर ईरान के गलत हमलों की निंदा दोहराई। उन्होंने इस मामले में सभी बढ़ती कार्रवाइयों को तुरंत रोकने, बातचीत की टेबल पर लौटने, तर्क और समझदारी को प्राथमिकता देने और संकट को इस तरह से कंट्रोल करने की जरूरत पर जोर दिया जिससे इलाके की सुरक्षा बनी रहे।
--आईएएनएस
केके/एएस
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