Holi 2026 Skin Care Tips: होली के रंग से स्किन पर एलर्जी हो गई हो तो क्या करें? जानिए बचाव के उपाय और इलाज
Holi 2026 Skin Care Tips: होली का त्योहार रंगों का होता है. इस वर्ष की होली बीत चुकी है. इस समय काफी लोग स्किन प्रॉब्लम्स से जूझ रहे होंगे क्योंकि कई बार बाजार में मिलने वाले केमिकल वाले रंग हमारी स्किन के लिए नुकसानदायक साबित हो जाते हैं. होली खेलने के बाद अगर आपकी स्किन पर लाल चकत्ते, खुजली, जलन, सूजन या छोटे-छोटे दाने निकल गए हैं तो ये स्किन एलर्जी के संकेत हो सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं इससे घर पर ही सही करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खें.
एलर्जी के लक्षण
आपकी स्किन डैमेज हुई है या नहीं इस बारे में जानने के लिए आपको सबसे पहले एलर्जी के लक्षणों को समझना होगा. ऐसे होते हैं स्किन प्रॉबलम के लक्षण.
- स्किन पर लालिमा या रैशेज होना.
- स्किन पर तेज खुजली या जलन होना.
- सूजन या स्किन पर खिंचाव महसूस करना.
- छोटे दाने या फफोले आना.
- स्किन का रूखा और बेजान हो जाना.
हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर ये लक्षण हल्के हैं तो घरेलू उपायों से ठीक हो सकते हैं. लेकिन सूजन ज्यादा हो या इसके साथ आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
ये भी पढ़ें-Holi Cleaning Tips 2026: होली के बाद घर की दीवारों और फर्श से पक्के रंग हटाने के लिए अपनाएं ये नुस्खे
क्या है घरेलू उपाय?
सबसे पहले रंग हटाएं
अगर स्किन पर रंग लगा हुआ है तो सबसे पहले उसे धीरे-धीरे साफ करें. अपनी त्वचा को बहुत ज्यादा न रगड़ें. माइल्ड साबुन और ठंडे पानी से मुंह धोएं. केमिकल वाले फेसवॉश या स्क्रब का यूज न करें. ज्यादा रगड़ने से एलर्जी बढ़ सकती है.
ठंडी पट्टी से सिकाई करें
रंगों से होने वाली खुजली और जलन को कम करने के लिए ठंडे पानी में साफ कपड़ा भिगोकर स्किन पर लगाएं. इससे सूजन और जलन में आराम मिलता है. ध्यान रहें बर्फ को सीधे स्किन पर न लगाएं.
एलोवेरा जेल लगाएं
एलोवेरा जेल में ठंडक और सूजन कम करने वाले गुण होते हैं. अगर आप फ्रेश एलोवेरा से जेल निकालकर प्रभावित जगह पर हल्के हाथ से लगाएंगे तो ज्यादा अच्छा होगा. ऐसा दिन में दो से तीन बार लगाने से स्किन को राहत मिलती है.
नारियल तेल लगाएं
हल्की-फुल्की स्किन एलर्जी होने पर त्वचा रूखी हो जाती है. ऐसे में नारियल तेल में कपूर मिलाकर स्किन पर लगाना चाहिए. इससे त्वचा की नमी बनी रहती है और खुजली के साथ इंफेक्शन भी कम होता है.
ओटमील या बेसन का लेप लगाएं
अगर जलन हो रही है तो ओटमील को पानी में मिलाकर पेस्ट बनाएं और प्रभावित स्किन पर लगाएं. यह हमारी स्किन की जलन को कम करेगा और शांत करेगा. बेसन और दही का लेप भी लगाया जा सकता है. लेकिन अगर जलन ज्यादा हो तो दही का उपयोग नहीं करना चाहिए.
कब लें दवा?
रंगों से हुई एलर्जी में अगर आपको घरेलू उपायों से राहत न मिले तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें. डॉक्टर एंटीहिस्टामिन दवा या एलर्जी कम करने वाली क्रीम दे सकते हैं. मगर बिना सलाह के कोई भी स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल न करें.
रंगों से स्किन एलर्जी न हो उसके लिए कुछ जरूरी उपाय
- होली खेलने से पहले अपने फेस और पूरी बॉडी पर नारियल तेल जरूर लगाएं.
- सेंसिटिव स्किन वाले लोग पूरी बाजू के कपड़े पहनें और सनस्क्रीन जरूर लगाएं.
- हर्बल या प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग करें.
- होली खेलने के तुरंत बाद स्किन से रंग को साफ कर लें. यदि कोई रंग लगाने पर आपकी स्किन तुरंत रिएक्ट कर रही है तो पानी से उसे साफ करें और बर्फ से सिकाई करें.
ये भी पढ़ें- Holi 2026 Hangover Tips: होली के बाद हैंगओवर से है परेशान? अपनाएं ये आसान और असरदार टिप्स
Gold-Silver Price Hike: मध्य पूर्व में चल रही जंग या कुछ और है सोने-चांदी की कीमतों में उछाल की वजह?
Gold-Silver Price Hike: सोने-चांदी की कीमतों में एक बार फिर से तेजी शुरू हो गई है. फरवरी के दूसरे सप्ताह में दोनों धुताओं की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली थी. उसके बाद से सोने और चांदी की कीमतों में हर दिन उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा था लेकिन 28 फरवरी को अचानक इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया. उसके बाद पूरा मध्य पूर्व युद्ध की आग में झुलसने लगा. जिसका नतीजा ये हुआ कि सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर से जबरदस्त तेजी शुरू हो गई है. जो आज भी देखने को मिल रही है.
ऐसे में समझने वाली बात ये है कि सोने और चांदी के दाम में मध्य पूर्व में जारी जंग के चलते ही उछाल देखने को मिल रहा है या फिर इसके पीछे कुछ और भी कारण हो सकते हैं. क्योंकि इस जंग ने कमोडिटी मार्केट में हाहाकार मचा दिया है और कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. जबकि दुनियाभर के शेयर बाजारों का हाल बुरा है और इनमें जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है.
मंगलवार को आई थी सोने-चांदी की कीमत में भारी गिरावट
होली की छुट्टी के चलते मंगलवार को दोपहर बाद खुले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली थी, इसके साथ ही विदेशी बाजार यानी यूएस कॉमेक्स पर भी सोना और चांदी सस्ता हुआ था लेकिन बुधवार को दोनों धातुओं ने फिर से तेजी लौट आई जिससे सोना करीब चार हजार और चांदी करीब 10 हजार रुपये ऊपर चढ़ गई.
आज क्या है सर्राफा बाजार का हाल?
आज भी बाजार में तेजी बनी हुई है. फिलहाल सोना 320 रुपये प्रति 10 ग्राम के उछाल के साथ कारोबार कर रहा है तो वहीं चांदी 3500 रुपये के उछाल के साथ कारोबार कर रही है. इसके बाद 22 कैरेट सोने की कीमत 148,885 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई हैं तो 24 कैरेट गोल्ड का भाव 162,420 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है. वहीं चांदी का भाव 269,860 रुपये प्रति किग्रा पर पहुंच गया है.
MCX और US Comex पर सोने-चांदी का भाव
उधर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर भी सोने-चांदी की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है. यहां सोने 343 रुपये यानी 0.21 प्रतिशत उछाल के साथ 161,868 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है तो वहीं चांदी 4,090 रुपये या 1.54 फीसदी चढ़कर 269,650 रुपये प्रति 10 पर ट्रेड कर रही है. जबकि विदेशी बाजार यानी यूएस कॉमेक्स पर सोना 46 डॉलर या 0.90 प्रतिशत उछाल के साथ 5,180.70 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है. जबकि चांदी का भाव 1.56 डॉलर यानी 1.88 फीसदी तेजी के साथ 84.75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है.
सोने-चांदी की कीमतों में क्यों हो रही बै लगातार बढ़ोतरी?
आर्थिक अनिश्चितता: वैश्विक आर्थिक मंदी या वित्तीय संकट के समय, निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं. इस बदलाव से मांग बढ़ती है, जिससे कीमतों में उछाल आता है. यानी मंदी के दौरान, लोग अस्थिर संपत्तियों की तुलना में सोने को अपने पास रखना पसंद करते हैं.
भू-राजनीतिक तनाव: विश्व भर में संघर्ष, युद्ध या राजनीतिक अस्थिरता जैसे कि अभी मध्य पूर्व में के हालात हैं वैसे हालातों में वित्तीय बाजारों में भय का माहौल पैदा होता है. जिससे अपनी स्थिरता के लिए प्रसिद्ध सोना एक पसंदीदा विकल्प बन जाता है, और यही एक प्रमुख कारण है कि युद्ध जैसे हालातों में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिलती है.
मुद्रास्फीति से बचाव: इसके अलावा मुद्रास्फीति बढ़ने पर मुद्रा का मूल्य घट जाता है. चूंकि सोना अपना मूल्य बनाए रखता है, इसलिए निवेशक क्रय शक्ति को बनाए रखने के लिए अपना पैसा सोने में निवेश करते हैं, जिससे कीमतें बढ़ जाती हैं.
मुद्रा का कमजोर होना: रुपये के कमजोर होने से भारत में सोने के आयात की लागत बढ़ जाती है. इससे घरेलू सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं, खासकर तब जब अंतरराष्ट्रीय दरें मजबूत बनी रहती हैं.
केंद्रीय बैंक की नीतियां: जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरें कम करते हैं या तरलता बढ़ाने के उपाय लागू करते हैं, तो सोना रखने की अवसर लागत कम हो जाती है. सोने पर ऋण की कम ब्याज दर सोने को एक परिसंपत्ति के रूप में और भी आकर्षक बनाती है.
बढ़ती वैश्विक मांग: भारत और चीन जैसे देशों में सांस्कृतिक और त्योहारों के दौरान सोने की लगातार मांग बनी रहती है. यह वैश्विक मांग सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि का एक प्रमुख कारण है.
ये भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में बड़ी जंग की ओर बढ़ा US, Doomsday मिसाइल का किया सफल परीक्षण
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation





















