पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के बीच चीन ने संयम बरतने और राजनयिक बातचीत करने का आग्रह किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान के अनुसार, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने खाड़ी क्षेत्र के राजनीतिक नेताओं से फोन पर बातचीत की। एक्स पर एक पोस्ट में लिन जियान ने कहा कि वांग ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से बात की। उन्होंने कहा कि चीन यूएई की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए उसकी वैध मांगों का समर्थन करता है और क्षेत्रीय देशों द्वारा राजनयिक माध्यमों से विवादों को सुलझाने के प्रयासों का समर्थन करता है।
लिन ने एक्स पर कहा कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की। युद्ध का प्रकोप किसी भी पक्ष के हित में नहीं है, और इससे केवल क्षेत्र के लोगों को ही नुकसान होगा। चीन यूएई की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए उसकी वैध मांगों का समर्थन करता है और क्षेत्रीय देशों द्वारा राजनयिक माध्यमों से विवादों को सुलझाने के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने आगे कहा कि चीन शांति की उम्मीद नहीं छोड़ेगा और रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा।
एक अलग पोस्ट में लिन ने बताया कि वांग ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद से भी बात की। उन्होंने कहा कि चीन सऊदी अरब के संयम और शांतिपूर्ण तरीकों से मतभेदों को सुलझाने की प्रतिबद्धता की सराहना करता है। लिन ने एक्स चैनल पर कहा कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद से फोन पर बातचीत की। मध्य पूर्व में फैल रहा और बढ़ता संघर्ष, जो सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों को प्रभावित कर रहा है, चीन नहीं देखना चाहता। चीन सऊदी अरब के संयम और शांतिपूर्ण तरीकों से मतभेदों को सुलझाने की उसकी प्रतिबद्धता की सराहना करता है।
नेपाली कांग्रेस (एनसी) के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार गगन थापा ने गुरुवार को काठमांडू के मैती देवी मंदिर मतदान केंद्र पर 2026 के आम चुनाव के दौरान अपना वोट डाला। मतदान के बाद एएनआई से बात करते हुए थापा ने अपनी पार्टी के प्रदर्शन के प्रति आशा व्यक्त की और स्थिर शासन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मैं बेहद उत्साहित हूं और अपनी पार्टी के लिए सर्वश्रेष्ठ की कामना करता हूं। इस समय नेपाल को एक परिपक्व नेतृत्व की आवश्यकता है, जो अनुभवी होने के साथ-साथ बदलाव के लिए तत्पर भी हो।" प्रतिनिधि सभा की सीट से चुनाव लड़ रहे थापा ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाते हुए अपने पूर्व निर्वाचन क्षेत्र, काठमांडू-4 से मधेस प्रांत के सरलाही-4 में अपना निर्वाचन क्षेत्र बदल लिया है।
देश के भविष्य के लिए अपने दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे अंदर बदलाव की तीव्र इच्छा है। बदलाव का मेरा सपना है। लेकिन साथ ही, मैं अपनी शक्तियों को भी जानता हूँ और एक राष्ट्र-राज्य के रूप में नेपाल की सीमाओं को भी समझता हूँ। एनसी नेता ने देश के अनूठे भू-राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य को समझने के महत्व पर भी बल दिया। मैं जानता हूँ कि हम कहाँ स्थित हैं। मैं नेपाल की विविधता को जानता हूँ। राजनीति को परिणाम देने होंगे। सरकार को परिणाम देने होंगे। लोगों को यह महसूस करना होगा कि चीजें रातोंरात नहीं हो सकतीं, लेकिन सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। हाल के अशांति के दौर के बाद राष्ट्रीय स्थिरता को लेकर चिंताओं को दूर करते हुए, थापा ने लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया।
उन्होंने पूर्व में हुई महत्वपूर्ण नागरिक अशांति की घटनाओं का जिक्र करते हुए जोर देकर कहा कि हम 8 या 9 सितंबर जैसी किसी भी घटना को दोबारा नहीं होने देंगे। यह बहुप्रतीक्षित चुनावी प्रक्रिया सभी 77 जिलों में एक ही चरण में हो रही है, जिसमें मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिनिधि सभा के 275 सदस्यों के चुनाव के लिए कुल 18,903,689 पात्र मतदाता चुनाव में भाग ले रहे हैं। 2026 के चुनावों में जनसांख्यिकीय बदलाव देखने को मिला है, जिसमें 2022 की तुलना में 915,000 से अधिक मतदाताओं की वृद्धि हुई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अब 52 प्रतिशत मतदाता 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के हैं, जो राष्ट्रीय चुनाव परिणामों पर युवाओं के महत्वपूर्ण प्रभाव को दर्शाता है। इस चुनाव में विभिन्न प्रणालियों के तहत 6,541 उम्मीदवार मैदान में हैं। फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली के तहत, 1,143 निर्दलीय उम्मीदवारों सहित 3,406 उम्मीदवार 165 सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
Iran-Israel War: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने के बाद वेस्टइंडीज टीम को घर लौट जाना था। लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ अभी भी भारत में ही रुके हुए हैं। इस बीच टीम के हेड कोच डैरेन सैमी का 4 शब्दों का का पोस्ट 'मैं बस घर जाना चाहता हूं'- सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
यह सिर्फ एक थके हुए कोच की प्रतिक्रिया नहीं थी, बल्कि उस बेचैनी का इजहार था जो टीम इस वक्त झेल रही। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि अंतरराष्ट्रीय एयरस्पेस प्रतिबंधों की वजह से टीम की वापसी में देरी हुई। बोर्ड ने यह भी साफ किया कि सभी खिलाड़ी, कोच और अधिकारी सुरक्षित हैं और भारत में उनके ठहरने का इंतजाम किया गया है।
वेस्टइंडीज टीम भारत में फंसी दरअसल, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा तनाव और सैन्य गतिविधियों के कारण वेस्ट एशिया और गल्फ के हवाई गलियारों में कई रूट्स पर पाबंदियां लगी हैं। कुछ एयरस्पेस बंद हैं, तो कुछ पर सख्त नियंत्रण है। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट बदलने पड़े हैं। कई फ्लाइट्स रद्द, डायवर्ट या लेट हो गई हैं। वेस्टइंडीज टीम भी इसी वजह से तय समय पर उड़ान नहीं भर सकी।
भारत से हारकर वेस्टइंडीज बाहर टी20 वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यह स्थिति टीम के लिए और भारी पड़ रही है। खिलाड़ी पहले ही टूर्नामेंट से बाहर होने का झटका झेल चुके हैं। अब घर लौटने में अनिश्चितता ने मानसिक थकान और बढ़ा दी है। लंबा टूर्नामेंट, हार का दर्द और फिर सफर में अटक जाना—यह सब किसी भी टीम के लिए मुश्किल होता है।
सैमी आमतौर पर शांत और संतुलित बयान देने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उनका सीधा और भावनात्मक पोस्ट और भी असरदार लग रहा है। इसमें कोई आरोप नहीं, कोई शिकायत नहीं, बस घर जाने की इच्छा। यही सादगी इसे लोगों से जोड़ रही है।
CWI ने कहा है कि सुरक्षित यात्रा उनकी प्राथमिकता है। बोर्ड आईसीसी और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और जल्द नई यात्रा योजना बनाने पर काम कर रहा है। जब तक नई व्यवस्था नहीं होती, टीम भारत में ही रुकी रहेगी।
जानकारी के मुताबिक, जिम्बाब्वे टीम भी इसी तरह की उड़ान बाधा से प्रभावित हुई है। इससे साफ है कि यह किसी एक टीम की लॉजिस्टिक समस्या नहीं, बल्कि व्यापक एविएशन संकट है।
क्रिकेट से बड़ी यह वैश्विक स्थिति फिलहाल खिलाड़ियों को मैदान से दूर रखे हुए है। सैमी का पोस्ट इस पूरे हालात का सबसे सटीक सार है कि टीम तैयार है लेकिन हालात ने उसे रोक रखा है।