जब आग पड़ोस में लगती है तो उसकी गर्मी दूर तक महसूस होती है। मदपुर में बढ़ते तनाव के बीच अब एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने यूरोप की चिंता बढ़ा दी है। ख़बर है कि संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में स्थित फ्रांस के नेवी बेस पर ड्रोन हमला हुआ है और यह ड्रोन हमला किया है ईरान ने। अब दुनिया इसे इस रूप में देख रही है कि यह ईरान की ओर से यूरोप के हितों पर पहला बड़ा हमला है। अब यह हमला जिस सैन्य ठिकाने पर हुआ वो कोई साधारण बेस नहीं है। अबू धाबी में मौजूद फ्रांस का महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा कैम डाले पैक्स है जिसे शांति शिविर के नाम से जाना जाता है।
यह बेस फ्रांस की नौसेना और सैन्य मौजूदगी का एक अहम केंद्र है। जहां से फ्रांस पूरे खाड़ी क्षेत्र में अपनी रणनीतिक निगरानी और सुरक्षा गतिविधियां चलाता है। फ्रांस के रक्षा मंत्री के मुताबिक एक ड्रोन स्ट्राइक ने इस फ्रेंच नेवल बेस के एक हैंगर को नुकसान पहुंचाया। वहीं यूएई के अधिकारियों ने बताया कि हमले के बाद बेस के एक गोदाम में आग लग गई थी। लेकिन राहत की बात यह है कि किसी भी सैनिक या कर्मचारी के हताहत होने की खबर नहीं है। यह घटना अबू धाबी के पोर्ट इलाके में हुई जहां यह फ्रांसीसी सैन्य अड्डा स्थित है।
सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया और इलाके को सुरक्षित कर लिया। हालांकि नुकसान सीमित बताया जा रहा है, लेकिन इस हमले का राजनीतिक और रणनीतिक असर बहुत बड़ा हो सकता है। इस घटना को कई अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट बेहद गंभीर मान रहे हैं। कारण साफ है यह मामला किसी मध्यपूर्व देश के बेस पर नहीं बल्कि यूरोप के एक सबसे बड़े सैन्य देश फ्रांस के बेस पर हुआ है। फ्रांस यूरोप की प्रमुख सैन्य शक्तियों में से एक है और उनकी सेना कई अंतरराष्ट्रीय मिशनों में सक्रिय रहती है। ऐसे में अगर खाड़ी क्षेत्र में फ्रांस के बेस को निशाना बनाया जाता है तो इसे यूरोपियन सुरक्षा के नजरिए से भी देखा जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा ये भी हो रही कि मध्य पूर्व में चल रहे तनाव का दायरा अब धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।
मिसाइल इंटरसेप्टर रॉकेटों को चकमा देती हुई दिखाई दे रही
इस बीच, सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कथित तौर पर एक ईरानी मिसाइल 10 से अधिक इंटरसेप्टर रॉकेटों को चकमा देती हुई दिखाई दे रही है। फुटेज में, मिसाइल रात के आकाश में उड़ती हुई दिखाई दे रही है जबकि कई रक्षा रॉकेट इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं। बार-बार प्रयास करने के बावजूद, मिसाइल दिशा बदलकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती हुई प्रतीत होती है। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले लोग सदमे में चिल्लाते हुए सुनाई दे रहे हैं। वीडियो का सटीक स्थान और समय अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ उपयोगकर्ताओं का दावा है कि इसे यरुशलम में फिल्माया गया था, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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सऊदी अरब के रास तानूरा में सऊदी अरामको की तेल रिफाइनरी पर एक ईरानी ड्रोन ने हमला किया, जिससे वहां आग लग गई। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग छोटी और नियंत्रण में है और इसे काबू में किया जा रहा है। सऊदी अरब के पूर्वी तट पर स्थित रस तनुरा, जो दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी रिफाइनरियों में से एक है (क्षमता लगभग 550,000 बैरल प्रति दिन) और एक प्रमुख निर्यात टर्मिनल है, कच्चे तेल के स्थिरीकरण, प्रसंस्करण और वैश्विक बाजारों के लिए लोडिंग का काम संभालती है। यहां थोड़ी देर के लिए भी होने वाली रुकावटें आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यापक प्रभाव डाल सकती हैं, खासकर क्षेत्रीय तनाव के इस दौर में।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय और अरामको ने आतंकवादी हमले की निंदा की है, आपातकालीन प्रोटोकॉल सक्रिय किए हैं और बुनियादी ढांचे की मजबूती पर जोर दिया है। सऊदी अरब आपूर्ति स्थिरता बनाए रखते हुए अपनी ऊर्जा संपत्तियों की रक्षा करने का संकल्प लेता है। इस घटना से व्यापक ऊर्जा बाजार में अराजकता, होर्मुज जलडमरूमध्य में जोखिम और मध्य पूर्व युद्ध के वैश्विक कीमतों और आपूर्ति सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
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